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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

.....और पढ़ाई फेल हो गई

आदर्शों को फाँसी हो गई और नियमों को जेल हो गई
सुख के बादल बिखर चले हैं, दु:ख की धक्कमपेल हो गई

किन शब्दों में व्यक्त करूं मैं हैरत तुम बतलाओ तो
नक़ल हो गई पास यहाँ पर और पढ़ाई फेल हो गई

2 comments:

Priya May 30, 2009 at 9:22 PM  

किन शब्दों में व्यक्त करूं मैं हैरत तुम बतलाओ तो
नक़ल हो गई पास यहाँ पर और पढ़ाई फेल हो गई

bahut sahi...... eastern U.P. ka yahi sach hain

Udan Tashtari May 30, 2009 at 10:55 PM  

कविता पढ़ ली, याद हो गई,समझ में आई यारा
मगर जो टिप्पणी की तो मॉडरेशन में जेल हो गई.

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