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Albela Khatri

माँ हिंगुलाज की प्रेरणा और अनुकम्पा से ही मैं यह बना पाया हूँ.

प्यारे साथियों !
आज मैं बहुत खुश हूँ........बहुत बोले तो बहुत ही ख़ुश हूँ . उतना ही ख़ुश हूँ......जितना कोई माँ ख़ुश होती है अपने शिशु को जन्म दे कर.  जिस प्रकार नौ महीने तक गर्भ में रख कर कोई माँ अपने  अजन्मे बच्चे के  जन्म का इन्तेज़ार करती है उसी प्रकार पिछले कई महीनों से मैं भी अपने नये और महत्वपूर्ण एलबम "जय माँ हिंगुलाज"  के तैयार होने का मुन्तजिर था . आज मेरा वह सपना  पूरा हो गया है जो मैंने पूरे होशो-हवास में देखा था .  बाधाएं बहुत सी आयीं, परन्तु भगवती के प्रताप से  उलटे पांव लौट गईं .

देश के दिग्गज  गायकों द्वारा  स्वरबद्ध होने के बाद मेरे शब्दों  और  धुनों में ऐसी खिलावट आ गई है कि बदन के ख़ून में हीमोग्लोबिन  बढ़ता हुआ प्रतीत होता है . सचमुच आज के दिन मुझसे ज़्यादा खुशकिस्मत कोई नहीं.........


मित्रो !  "जय माँ हिंगुलाज"  का निर्माण इसलिए किया गया क्योंकि  माँ की ऐसी ही इच्छा  थी कि  इसके निर्माण का श्रेय मुझे मिले ..वरना  क्या कारण है कि आदिशक्ति  होने के बावजूद  और बावन शक्तिपीठों में  सबसे प्रथम  स्थान पर सुशोभित  हिंगुलाज के  लिए  आज तक किसी ने  न कोई भजन का एलबम बनाया और न ही कोई नयी आरती रची..........ऋषि दधीचि द्वारा  प्रदत्त  सिद्धमंत्र तक  से लोग पूरी तरह वाकिफ नहीं मिले.........अष्टक/स्तोत्र  को कैसे गाना है,  इसका भान और ज्ञान भी बहुत कम लोगों में मिला . जबकि हिंगुलाज माँ  उनकी कुलदेवी है  जिनका  काम ही  सतत बुद्धि से चलता है . साहित्य  में सर्वोपरि  सृजनकरता कहलाने वाले चारण, भावसार, भानुशाली, ब्रह्मखत्री या ब्रह्मक्षत्रिय के अलावा सोनी  इत्यादि अनेक समुदायों में  हिंगुलाज  को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है . बस.......मुख्य स्थान अथवा शक्तिपीठ पाकिस्तान के बलोचिस्तान में होने के कारण  बहुत से लोग  इस  देवी से अनजान  हैं .

हालांकि राजस्थान,गुजरात,महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में  हिंगुलाज मन्दिर बहुतायत में हैं . खैर.............


मित्रो ! बना तो मैंने लिया, पर मेरा काम यहाँ ख़त्म नहीं होता . अब मुझे काम करना है इसे घर घर तक पहुंचाने का . सो  मैं इस आलेख के माध्यम से  तमाम तमाम हिंगुलाज भक्तों  से विनम्र प्रार्थना करता हूँ  कि आओ और खुले मन से मेरा साथ दो.........मैं इस cd /dvd  को बाज़ार में बेचना नहीं चाहता  बल्कि ये चाहता हूँ कि  लोग इन्हें खरीद कर मुफ़्त वितरण करें.

कल से video का  काम शुरू हो रहा है . हिन्दुस्तान की एक ऐसी  हस्ती जिसे नृत्य के लिए  दुनिया भर में अनेकानेक सम्मान मिले हैं  ने यह प्रोजेक्ट अपने हाथ में लेकर मुझे बड़ा उत्साह दिया है . निसन्देह इसका video शानदार बनेगा .


इस एलबम में आर्थिक सहयोग करके आप मुझे  और काम को प्रोत्साहित करेंगे तो  अच्छा लगेगा . सहयोग दो प्रकार से कर सकते हैं..........एक - cd /dvd   खरीद कर और दो- एलबम में विज्ञापन दे कर.......


परम पावन शारदीय नवरात्रि के पहले ही यह वितरित हो जाये, ऐसा मेरा प्रयास है. नौ भजन,  एक नयी आरती,  महा अष्टक और  मूलमंत्र सहित  भारत के समस्त हिंगुलाज मंदिरों के दर्शन कराने वाला यह एलबम  मेरे जीवन का अब तक का सबसे बड़ा और महत्वकांक्षी  सृजन  है.  माँ हिंगुलाज की प्रेरणा और अनुकम्पा से  ही  मैं यह बना पाया हूँ.  अब आपके आशीर्वाद और सहयोग की तत्काल ज़रूरत महसूस कर रहा हूँ .

आपके सहयोग की प्रतीक्षा  रहेगी


जय माँ हिंगुलाज

-अलबेला खत्री 

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उसने ही विष दे दिया, समझा जिसे तबीब





पाँच दोहे आँसू भरे


राजनीति के मंच पर, चढ़ गए आज दबंग 


फूट फूट कर रो रहे, ध्वज के तीनों रंग 



गधा जो देखन मैं चला, गधा न मिलया मोय 


तब इक नेता ने कहा, मुझसा गधा न कोय 



उजली खादी पहन के, करते काले काम 


इनका बंटाधार अब, करदो मेरे राम 



अभिव्यक्ति को घोंट कर, करो जेल में बन्द 


लोकराज के नाम पर, करते जाओ गन्द



हाय
हमारे  मुल्क का, फूटा हुआ नसीब 

उसने ही विष दे दिया, समझा जिसे तबीब 



-जय हिन्द !  

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रक्तदान के दोहे


प्यारे मित्रो ! आगामी 17 सितम्बर को तेरा पंथ युवक परिषद् ने द्वारा देश भर में 

रक्तदान का अभियान आयोजित किया है . एक लाख बोतल रक्त का लक्ष्य है ......

उनके इस पुनीत कार्य के समर्थन में मैंने अहमदाबाद के संयोजक श्री सुनील वोहरा 

 और अखिल भारतीय संयोजक श्री राजेश सुराणा के लिए कुछ दोहे लिखे हैं जो 

वे बैनर्स पर काम लेंगे.......आप भी पढ़ कर बताइये ..कैसे लगे ?


कतरा कतरा ख़ून का, जीवन की रसधार


ख़ून अपना दे कर करो, प्राणों का संचार


रक्त बिना नहिं जी सके, इक दिन भी इन्सान

रक्त से अपने कीजिये, यारों जीवन दान


रक्तदान इक फ़र्ज़ है, रक्तदान इक धर्म

रक्तदान है दोस्तो, सबसे पावन कर्म


मानवता के मंच से, कर दो यह ऐलान

समय समय पर हम सभी, रक्त करेंगे दान


तेरा पंथ युवक परिषद् का पावन अभियान

सत्रह सेप्टेम्बर को हमें , करना है रक्तदान


रक्तदान से रोक लो, मरणासन्न की मौत

घर घर में जलती रहे, सबकी जीवन जोत


धन्य धन्य वह कुल हुआ, धन्य हुआ इन्सान

जो औरों के वास्ते, करता शोणित दान


रक्त कहो, शोणित कहो, लहू कहो या ख़ून

सबका मतलब एक है, जीवन का हनिमून


रक्तदान आसान है, कठिन नहीं है यार

17 -09 के दिन हमें, रहना है तैयार


हँसते हँसते कीजिये, रक्तदान का काम

ताकि दुखियों को मिले, जीवन का आराम


रक्तदान की राह पर, निकला पूरा देश

सारे जग में भेज दो, भारत का सन्देश


ब्लड डोनेशन कीजिये, समय समय पर आप

मन में आये पुण्यता, तन होगा निष्पाप


किसी ज़रूरतमंद को, देकर अपना ख़ून

खूब खिलाओ जगत में, जीवन के परसून


सत्रह सेप्टेम्बर रहे, भैया सबको याद

रक्तदान उत्सव बने, प्रसरेगा आह्लाद


पल दो पल का काम है, रक्तदान श्रीमान

दिनचर्या में आएगा, नहिं तनिक व्यवधान


रक्तदान इक यज्ञ है, मानवता के नाम

आहूति अनमोल है, लगे न कोई दाम


-अलबेला खत्री
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