मशक्कत
मेरा तेवर है
ज़ुर्रत
मेरा ज़ेवर है
मैं इन्हें बदरंग नहीं होने दूंगा
प्रयास
लाख असफल हों
मेरे
पर
उत्साह भंग नहीं होने दूंगा
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मशक्कत
मेरा तेवर है
ज़ुर्रत
मेरा ज़ेवर है
मैं इन्हें बदरंग नहीं होने दूंगा
प्रयास
लाख असफल हों
मेरे
पर
उत्साह भंग नहीं होने दूंगा
Labels: कविता
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9 comments:
गजब के तेवर आपने दिखाया है अलबेला भाई। सुन्दर।
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com
बहुत बढिया !!
वाह जी जोशे जुनू है!!
माना की किस्मत में कामयाबी दर्ज नहीं है |
कोशिश करने में तो कोई हर्ज नहीं है ||
ऐसी तो कोई दवा नहीं बनी |
जिसका दुनिया में कोई मर्ज नहीं है ||
बहुत सही इरादा है.
रामराम.
प्रयास
लाख असफल हों
मेरे
पर
उत्साह भंग नहीं होने दूंगा
bahut bahut sundar.......badhaaee BHAI
तेवर बरकरार रखें.
Apne comment daalne ka yeh mauka main bhi khone nahi dungi
;-)
bahut badhiya.
Aapka jawaab nahee.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
अलबेला जी,
बिलकुल सही फार्मूला है...
इसी पर कायम रहे...
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