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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

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आज मेरो बर्थडे है अन्जनी का लाल, उपहार ल्यूँगा मैं तो हिन्द ख़ुशहाल





बाबा थांनै धरती पै आणो पड़सी,

आणो पड़सी,

हांजी आणो पड़सी

रामजी को देस तो बचाणो पड़सी


सीताजी को बचन निभाणो पड़सी

निभाणो पड़सी

रै निभाणो पड़सी

रामजी को देस तो बचाणो पड़सी



म्हे तो तेरो बर्थडे मनावां सालोसाल


रोटटो अर लंगोटटो चढ़ावां लालोलाल

आज मेरो बर्थडे है अन्जनी का लाल

उपहार ल्यूँगा मैं तो हिन्द  ख़ुशहाल


थांनै मेरो बर्थडे मनाणो पड़सी

मनाणो पड़सी

जी मनाणो पड़सी

रामजी को देस तो बचाणो पड़सी



बाबा तेरी गदा नै के लाग गयो ज़ंग


उन्दरा करै है आज सिंहां साथै जंग

सरकार म्ह तो कोनी शासन का ढंग

मन्त्री बणकै राज करै छंटया होया नंग


आ नंगां कै सोट लगाणों पड़सी

लगाणों पड़सी

हाँ लगाणों पड़सी


रामजी को देस तो बचाणो पड़सी

____________
अलबेला खत्री


hasyakavi albela khatri,yogendra moudgil,govind rathi,jalal mayakash & urmila 'urmi' in  vishakhapattanam steel plant kavi sammelan, along with shri P K Bishnoi  CMD  of VSP



फिर भी हमको कम लगती अपने हिस्से की धूप........

सागर में भी सूखा है मन

जाने कितना भूखा है मन

जितना चाहा उतना पाया, सपनों के अनुरूप

फिर भी हमको कम लगती अपने हिस्से की धूप



सपनों का संगीत अधूरा, अरमानों का गीत अधूरा

हार अधूरी, जीत अधूरी, जीवन की हर रीत अधूरी

मेले में भी तन्हा है मन

क्यों उलझा उलझा सा है मन

हाथों की इन रेखाओं में है सारा अभिरूप

फिर क्यों हमको कम लगती अपने हिस्से की धूप



कौन हैं अपने कौन पराये, हमको डराते अपने ही साये

छांव में बैठा मन ललचाये, धूप मिले तो खिल खिल जाए

चलते चलते हारा जीवन

बिखरा बिखरा सारा जीवन

और मिले कुछ धूप तो निखरे जीवन का रंग रूप

क्योंकि हमको कम लगती अपने हिस्से की धूप

मैं आकण्ठ ऋणी हूँ माता ! तेरे अनुपम प्यार का........

अपनी अपनी माँ से कहता

हर व्यक्ति संसार का

मैं आकण्ठ ऋणी हूँ माता !

तेरे अनुपम प्यार का



तुमने मुझको जनम दिया माँ, ये दुनिया दिखलाई

तेरे आँचल में गूंजी मेरे शैशव की शहनाई

तेरी गोद में खेले मेरे बचपन और तरुणाई

तेरी ममता की छाया में मैंने प्रौढ़ता पाई

साँस साँस से मैं कृतज्ञ हूँ

तेरे
लाड़ दुलार का

मैं आकण्ठ ऋणी हूँ माता !

तेरे अनुपम प्यार का



बेशक मुझको याद नहीं अब मैंने तुमको कितना सताया

कभी बीमारी, कभी शरारत, रोज़ नया उत्पात रचाया

कितने दिन का चैन हर लिया, कितनी रातें तुम्हें जगाया

फ़िर भी तुम गीले में सोयीं और मुझे सूखे में सुलाया

मैं ना क़र्ज़ चुका पाऊंगा

माँ
तेरे उपकार का

मैं आकण्ठ ऋणी हूँ माता !

तेरे
अनुपम प्यार का




यही हमारा हिन्दुस्तान है...अपना प्यारा हिन्दुस्तान है..

मन्दिर में हो रही आरती , मस्जिद में अज़ान है

गुरुद्वारों में शबद गूंजते , चर्च में प्रे परवान है

जिनालयों में णमोकार, अगियारी ज्योतिमान है

बौद्ध मठों में मंगलगान है ........................

यही हमारा हिन्दुस्तान है ........................



काम अगर बच्चे करते हैं, क्यों नहीं करने देते ?

पेट अगर भरते हैं अपना, क्यों नहीं भरने देते ?

निर्धनता की कीचड़ से क्यों नहीं उभरने देते ?

मेहनत से किस्मत संवरे तो क्यों न संवरने देते ?


मेहनत करने वाला बालक ही बनता बलवान है

पैसा पैसा जोड़ के इक दिन बन सकता धनवान है

मेहनत के दम पर कोरिया है, चाईना है, जापान है

मेहनत करना धर्म समान
है ,मेहनत इन्सां की पहचान है

_________________यही हमारा हिदुस्तान है

_______________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है



जनम दिया जिन्होंने तुमको, पाला और पढ़ाया

ख़ुद गीले में जागे, पर सूखे में तुम्हें सुलाया

उनके दूध-औ-खून का कर्ज़ा तुमने ख़ूब चुकाया

उन्हीं के घर से निकाल उनको, वृद्धाश्रम भिजवाया


माता-पिता से बढ़ कर न कोई अल्लाह न भगवान है

माता-पिता ही गीता,बाइबल,श्री गुरुग्रंथ, कुरआन है

अपने माता-पिता का जग में जो करता अपमान है

पूत नहीं है,वो शैतान है, उससे मिलना पाप समान है

_______________यही हमारा हिदुस्तान है

______________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है




मिट्टी,
लकड़ी,गोबर त्यागे, कांक्रीट अपनाया

ऊँचे भवन बनाए, दीवालों पर काँच सजाया

एसी,फ्रिज,गीजर,टीवी,कारों का ढेर लगाया

कार्बन डाई ऑक्साइड का गहरा जाल बिछाया


कर्म किए जैसे हमने, वैसा उनका भुगतान है

शुद्ध पवन के बिना श्वास लेना तो नर्क समान है

वृक्ष है तो ऑक्सीज़न है ऑक्सीज़न हैं तो प्राण है

वृक्ष नहीं तो सब वीरान है,वृक्ष उगाओ वृक्ष महान है

_______________यही हमारा हिदुस्तान है

_____________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है




सरस्वती जैसी कई नदियों का हो चुका सफ़ाया

क्षिप्रा,तापी,चम्बल सबकी सिमट रही है काया

गंगा,यमुना,गोदावरी भी सूख रही है भाया

ज़्यादा दिन तक नहीं रहेगा हम पर इनका साया


जल का संकट गहराया, जल का सीमित परिमाण है

जल का सद उपयोग न सीखे,तो हम सब नादान हैं

जल का दुरउपयोग करे, वह काफ़िर है, बेईमान है

जल जीवन है, जल से जान है,
जल को बचालो, जल भगवान् है

___________________यही हमारा हिदुस्तान है

_______________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है




बाइबिल से झगड़ा करने

गुरुवाणी किस दिन आई ?

किस दिन अगियारी ने

देरासर को आँख दिखाई ?

किस दिन मस्जिद की मीनारें

मन्दिर से टकराई ?

और किस दिन चौपाई ने

आयत के घर आग लगाई ?

________________नानक जीसस महावीर बुद्ध

________________सारे एक समान हैं

________________मैं जिसको कहता हूँ राम

________________वो ही तेरा रहमान है

________________मेरे घर में गीता है और

________________तेरे घर कुरआन है

सब का आदर और सम्मान है

यही हमारा हिन्दुस्तान है .................................

यही हमारा हिन्दुस्तान है ___हाँ हाँ यही हमारा हिन्दुस्तान है

____________________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है

हास्यकवि अलबेला खत्री का लोकप्रिय गीत "संकट में आज है हमारी गौ माँ "

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