पर ज़रूरी नहीं
ख़राब लिखो
ख़राब लिखो
पर किसने कहा
किताब लिखो
कमाल किया
किताब नहीं लिखी
बवाल किया
एहसास है ?
भूगोल नहीं है ये
इतिहास है
इतिहास में
छेड़ नहीं करते
परिहास में
जस ले बैठे
तरने की चाह में
बस ले बैठे
पारा गिरा है ?
ना रे ना भाजपा का
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हाइकू
बाँच लिए अब बाँचो
काइकू
पति
न बनता यदि होती
मति
सजनी
जिसकी भोर नहीं वो
रजनी
बहना
तू मेरे आँगन का
गहना
भारत
जारी है क़त्ल जारी है
गारत
रचना
धूम मचाना धूम सी
मचना
हैरत
कुछ लोगों में दिखी है
गैरत
शराब
रात को अच्छी सुबह
खराब
सावन
एक दिवस में रातें
बावन
बन्धन
राखी का है स्नेहिल
चन्दन
____________बहुत से विद्वान् साहित्यकार जापानी छन्द हाइकू
लिखते हैं । मैंने नहीं लिखे लेकिन जाने क्यों मुझे ऐसा लगता है जैसे ये
छन्द , अगर ये छन्द की श्रेणी में आता है तो कविता के लिए इससे सरल दूसरा
कोई छन्द नहीं । इसलिए पहली बार बैठे- बैठे यों ही मज़ाक-मज़ाक में कुछ
लिख दिया है हाइकू वाले अन्दाज़ में ।
कृपया जानकार लोग बताएं कि क्या ये हाइकू हैं ? नहीं हैं तो ये बताने की
कृपा करें कि हाइकू का वास्तविक स्वरूप क्या है ?
तब तक मैं इन्हें हाइकू नहीं , काइकू नाम दिए रखूंगा ॥
अपना क्या है.....हाइकू न सही..काइकू ही सही...........हा हा हा हा हा हा हा
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