परम अपमाननीय बेनामी जी !
#@$%^&!`(+) =हरामी जी !
अगर आप इस गलतफ़हमी में हैं कि मैं आपको पहचान नहीं
सकता तो ये बात ज़ेहन से निकाल दीजिये । क्योंकि ताड़ने
वाले क़यामत की नज़र रखते हैं । मैं न केवल आपको बल्कि
आपके बॉस को भी जानता हूँ जिसको ख़ुश करने के लिए आप
इस तरह की ओछी हरकतें करते हैं ।
क्यों करते हो इतनी मशक्कत ? क्यों रात को दो बजे छुपते छुपाते
आते हो मेरे ब्लॉग पर और टिप्पणी के रूप में गन्दगी कर जाते हो ?
बनारस से सूरत कोई दूर तो नहीं है.....आ जाओ एक दिन, या मुझे
बुलालो ! कर लेते हैं बात, जो भाषा तुम समझते हो उस भाषा में कर
लेते हैं, जितनी देर चाहो उतनी देर कर लेते हैं . यों भद्दी टिप्पणियों से
क्या मिलने वाला है आपको ?
पहले तो आप अपनी मादरजात भाषा में टिपियाते हो फिर मैंने
आपकी टिप्पणी प्रकाशित नहीं की इसलिए आप मुझे फट्टू बताते
हो ..........ये क्या बात हुई भला ? अरे भाई, ब्लॉग मेरा है, मुझे इसका
पूरा अधिकार है कि टिप्पणी छापूँ या न छापूँ - आप किस अधिकार
से मुझे फट्टू बताते हैं ?
मैं तो जो लिखता हूँ डंके की चोट लिखता हूँ और अपने नाम से
लिखता हूँ - फोटो लगा लगा कर लिखता हूँ ....जबकि तुममे न
अपना नाम बताने की हिम्मत है न शक्ल दिखाने की - तब बताओ
- तुम ही बताओ फट्टू कौन है ?
मेहरबानी करके भविष्य में मेरे ब्लॉग की तरफ रुख मत करना
अगर करो भी तो टीका-टिप्पणी मत करना क्योंकि मेरे ब्लॉग पर
टिप्पणी करने के लिए कर्ता को एक बाप की औलाद होना अनिवार्य
है । घर में पता कर लेना और टेस्ट-वेस्ट भी करा लेना जहाँ तक
मेरा ख्याल है तुम बहुत सी संस्कृतियों का संगम निकलोगे ।
सॉरी ! आपकी किस्मत में छेद है - रुकावट के लिए खेद है ।
hindi hasyakavi sammelan in mangalore by MRPL
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शानदार, शानदार, शानदार …………………
शानदार और जानदार रहा मंगलूर रिफ़ाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा
राजभाषा विभाग के तत्वाधान में डॉ बी आर पाल द्वारा आ...
12 years ago

