मेरी प्रिया का कथन है कि मेरा दूर रहना
तेरे लिए अधिक आनंददायक है ;
क्योंकि सूरज दूर न होता तो
उसकी ज्योति तुझको जला देती
-खतीरी बर्राक
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मेरी प्रिया का कथन है कि......................
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वे तुम्हारी पकड़ में नहीं आएँगी
जब तुम बाहरी चीजों को देखोगे और उन्हें पाना व रखना चाहोगे,
वे तुम्हारी पकड़ में नहीं आएँगी,
दूर भागेंगी
मगर जिस वक्त तुम उनसे मुँह फेर लोगे
और ज्योतिस्वरूप अपनी अन्तरात्मा के रूबरू होंगे,
उसी क्षण अनुकूल दिशाएँ तुम्हें तलाश करने लगेंगी -
यही नियम है ।
- स्वामी रामतीर्थ
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