फल के आने से वृक्ष झुक जाते हैं, नव वर्षा के समय बादल झुक जाते
हैं और सम्पत्ति के समय सज्जन विनम्र हो जाते हैं - परोपकारियों का
स्वभाव ही ऐसा होता है
-कालिदास
मनुष्य ख़ाक से पैदा हुआ है, यदि वह ख़ाकसार ( नम्र ) नहीं है
तो वह मनुष्य नहीं है
-अज्ञात महापुरूष
धर्म में पहली चीज़ क्या है ? धर्म में पहली, दूसरी और तीसरी चीज़ -
नहीं, सबकुछ विनम्रता है
-ऑगस्टाइन
नम्रता माने लचीलापन, लचीलेपन में तनने की भी शक्ति है,
जीतने की कला है और शौर्य की पराकाष्ठा है
-विनोबा भावे
अगर हमें स्वर्ग जाना है तो नम्र होना ही पड़ेगा ; क्योंकि वहां
छतें ऊँची पर दरवाज़ा नीचा है
-हैरिक
hindi hasyakavi sammelan in mangalore by MRPL
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शानदार, शानदार, शानदार …………………
शानदार और जानदार रहा मंगलूर रिफ़ाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा
राजभाषा विभाग के तत्वाधान में डॉ बी आर पाल द्वारा आ...
12 years ago

