प्यारे ब्लोगर बन्धुओ !
लम्बे अन्तराल के बाद पुनः नमस्कार ।
11 दिनों में 11 कवि-सम्मेलन पकड़ रखे थे,
सब में पहुंचना और काव्य प्रस्तुति देना लाज़िम था,
क्योंकि सभी जगह पैसा भी मिलने वाला था और यश भी,
कुल मिला कर सभी कार्यक्रम सफल रहे और यात्रा सुखद रही ।
आइये अब आज की बात करते हैं -
दो स्पर्धायें पहले सम्पन्न हो चुकी हैं । प्रथम बार डॉ अरुणा कपूर
विजेता रही थीं और दूसरी बार डॉ रूपचंद्र शास्त्री 'मयंक'
विजेता रहे थे ।
http://albelakhari.blogspot.com/2010/10/blog-post_07.html
http://albelakhari.blogspot.com/2010/10/blog-post_11.html
देखें..... अब तीसरी बार कौन बाज़ी मारता है ?
आज आयोजित करते हैं "ग़ज़ल स्पर्धा"
इस स्पर्धा के लिए ऐसी ग़ज़लें आमन्त्रित की जा रही हैं जो
ग़म-ए-जाना नहीं, ग़म-ए-दौराँ से बाबस्ता हों, आज की ज़िन्दगी
से जुड़ी हों और अभी तक किसी गायक ने गाई नहीं हों क्योंकि
अगर मामला जम गया तो इन्हीं ग़ज़लों का एक audio c d भी
बना कर रिलीज़ किया जाएगा ।
यह स्पर्धा केवल स्वरचित/मौलिक ग़ज़लों के लिए है । इसलिए
कृपया इसमें स्वरचित ग़ज़लें ही भेजें ।
ग़ज़ल का मीटर, बहर, मौजू और तेवर कुछ भी हो सकता है ।
इन पर किसी प्रकार का कोई आग्रह या प्रतिबन्ध नहीं है । क्यों ?
क्योंकि ये स्पर्धायें हम रचनाकारों को जांचने के लिए नहीं बल्कि
प्रोत्साहन के लिए कर रहे हैं । हम यहाँ किसी की सृजन क्षमता का
इम्तेहान लेने नहीं बैठे हैं बल्कि उनकी क्षमताओं को और उनकी
लेखनी को सलामी देने का प्रयास कर रहे हैं
हमारा लक्ष्य किसी की प्रतिभा से मौज करना नहीं, अपितु
प्रतिभा को मज़ा देना है ।
पिछली स्पर्धाओं में प्रविष्टियाँ बहुत कम आयीं थीं, क्योंकि
बहुत से वरिष्ठ लोगों को ये काम पसन्द नहीं आया होगा कि
कल का एक छिछोरा छोकरा 'हिन्दी ब्लोगिंग' में प्राण फूंकने
की कोशिश करे यानी विभिन्न स्पर्धायें आयोजित करके, अन्य
फ़ालतू बातों से ध्यान हटा कर सृजन की ओर आकर्षित करे व
पुराने दादा लोग उसका अनुसरण करे । लेकिन मुझ पर इसका
कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला ...यों तो अधिकाधिक प्रविष्टियों का
अभीप्सु हूँ परन्तु ये भी कहता हूँ कि यदि कुल मिला कर एक
प्रविष्टि भी प्राप्त हुई तो भी स्पर्धा जारी रहेगी और परिणाम
घोषित होगा ।
शर्तें और नियम वही हैं जो पहले थीं बस एक अन्तर इस बार
किया गया है कि इनामी राशि को बढ़ा कर रूपये 1100 कर
दिया है ।
तो देर किस बात की ?
तुरन्त अपनी ग़ज़ल या ग़ज़लें भेज दें ।
आपके पास एक सप्ताह का समय है
और आपका समय शुरू होता है ..अब अर्थात अभी !
जो लोग अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं वे निम्नांकित लिंक कोड
पर जाकर तुरन्त अपना पंजीकरण पूर्ण करलें साथ ही वहीँ
वेब साईट के home page पर प्रदर्शित निम्नांकित लिंक कोड
अपने ब्लॉग या वेब साईट पर लगालें । ये ज़रूरी भी है और आपके
लिए बहुत फ़ायदेमंद भी।
कोशिश कीजिये कि इस बार आप 1100 का पुरस्कार जीतें ताकि
निकट भविष्य में इसे 11000 रूपये का पुरस्कार बनाए जाने की
मेरी योजना सफल हो सके ।
आपका विनम्र धन्यवाद,
-अलबेला खत्री
hindi hasyakavi sammelan in mangalore by MRPL
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शानदार, शानदार, शानदार …………………
शानदार और जानदार रहा मंगलूर रिफ़ाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा
राजभाषा विभाग के तत्वाधान में डॉ बी आर पाल द्वारा आ...
12 years ago

