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hingulajashtak from jai maa hingulaj album
Labels: aadishakti , aag , albela khatri anoop jalota , chaaran , charan , comedy ka badshah , hamara गुजरात news , hanuman bhajan , hasyakavi , hasyakavi sammelan , jagran , jai bajarang bali , jai maa hinglaj
माँ हिंगुलाज की प्रेरणा और अनुकम्पा से ही मैं यह बना पाया हूँ.
प्यारे साथियों !
आज मैं बहुत खुश हूँ........बहुत बोले तो बहुत ही ख़ुश हूँ . उतना ही ख़ुश हूँ......जितना कोई माँ ख़ुश होती है अपने शिशु को जन्म दे कर. जिस प्रकार नौ महीने तक गर्भ में रख कर कोई माँ अपने अजन्मे बच्चे के जन्म का इन्तेज़ार करती है उसी प्रकार पिछले कई महीनों से मैं भी अपने नये और महत्वपूर्ण एलबम "जय माँ हिंगुलाज" के तैयार होने का मुन्तजिर था . आज मेरा वह सपना पूरा हो गया है जो मैंने पूरे होशो-हवास में देखा था . बाधाएं बहुत सी आयीं, परन्तु भगवती के प्रताप से उलटे पांव लौट गईं .
देश के दिग्गज गायकों द्वारा स्वरबद्ध होने के बाद मेरे शब्दों और धुनों में ऐसी खिलावट आ गई है कि बदन के ख़ून में हीमोग्लोबिन बढ़ता हुआ प्रतीत होता है . सचमुच आज के दिन मुझसे ज़्यादा खुशकिस्मत कोई नहीं.........
मित्रो ! "जय माँ हिंगुलाज" का निर्माण इसलिए किया गया क्योंकि माँ की ऐसी ही इच्छा थी कि इसके निर्माण का श्रेय मुझे मिले ..वरना क्या कारण है कि आदिशक्ति होने के बावजूद और बावन शक्तिपीठों में सबसे प्रथम स्थान पर सुशोभित हिंगुलाज के लिए आज तक किसी ने न कोई भजन का एलबम बनाया और न ही कोई नयी आरती रची..........ऋषि दधीचि द्वारा प्रदत्त सिद्धमंत्र तक से लोग पूरी तरह वाकिफ नहीं मिले.........अष्टक/स्तोत्र को कैसे गाना है, इसका भान और ज्ञान भी बहुत कम लोगों में मिला . जबकि हिंगुलाज माँ उनकी कुलदेवी है जिनका काम ही सतत बुद्धि से चलता है . साहित्य में सर्वोपरि सृजनकरता कहलाने वाले चारण, भावसार, भानुशाली, ब्रह्मखत्री या ब्रह्मक्षत्रिय के अलावा सोनी इत्यादि अनेक समुदायों में हिंगुलाज को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है . बस.......मुख्य स्थान अथवा शक्तिपीठ पाकिस्तान के बलोचिस्तान में होने के कारण बहुत से लोग इस देवी से अनजान हैं .
हालांकि राजस्थान,गुजरात,महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में हिंगुलाज मन्दिर बहुतायत में हैं . खैर.............
मित्रो ! बना तो मैंने लिया, पर मेरा काम यहाँ ख़त्म नहीं होता . अब मुझे काम करना है इसे घर घर तक पहुंचाने का . सो मैं इस आलेख के माध्यम से तमाम तमाम हिंगुलाज भक्तों से विनम्र प्रार्थना करता हूँ कि आओ और खुले मन से मेरा साथ दो.........मैं इस cd /dvd को बाज़ार में बेचना नहीं चाहता बल्कि ये चाहता हूँ कि लोग इन्हें खरीद कर मुफ़्त वितरण करें.
कल से video का काम शुरू हो रहा है . हिन्दुस्तान की एक ऐसी हस्ती जिसे नृत्य के लिए दुनिया भर में अनेकानेक सम्मान मिले हैं ने यह प्रोजेक्ट अपने हाथ में लेकर मुझे बड़ा उत्साह दिया है . निसन्देह इसका video शानदार बनेगा .
इस एलबम में आर्थिक सहयोग करके आप मुझे और काम को प्रोत्साहित करेंगे तो अच्छा लगेगा . सहयोग दो प्रकार से कर सकते हैं..........एक - cd /dvd खरीद कर और दो- एलबम में विज्ञापन दे कर.......
परम पावन शारदीय नवरात्रि के पहले ही यह वितरित हो जाये, ऐसा मेरा प्रयास है. नौ भजन, एक नयी आरती, महा अष्टक और मूलमंत्र सहित भारत के समस्त हिंगुलाज मंदिरों के दर्शन कराने वाला यह एलबम मेरे जीवन का अब तक का सबसे बड़ा और महत्वकांक्षी सृजन है. माँ हिंगुलाज की प्रेरणा और अनुकम्पा से ही मैं यह बना पाया हूँ. अब आपके आशीर्वाद और सहयोग की तत्काल ज़रूरत महसूस कर रहा हूँ .
आपके सहयोग की प्रतीक्षा रहेगी
जय माँ हिंगुलाज
-अलबेला खत्री
आज मैं बहुत खुश हूँ........बहुत बोले तो बहुत ही ख़ुश हूँ . उतना ही ख़ुश हूँ......जितना कोई माँ ख़ुश होती है अपने शिशु को जन्म दे कर. जिस प्रकार नौ महीने तक गर्भ में रख कर कोई माँ अपने अजन्मे बच्चे के जन्म का इन्तेज़ार करती है उसी प्रकार पिछले कई महीनों से मैं भी अपने नये और महत्वपूर्ण एलबम "जय माँ हिंगुलाज" के तैयार होने का मुन्तजिर था . आज मेरा वह सपना पूरा हो गया है जो मैंने पूरे होशो-हवास में देखा था . बाधाएं बहुत सी आयीं, परन्तु भगवती के प्रताप से उलटे पांव लौट गईं .
देश के दिग्गज गायकों द्वारा स्वरबद्ध होने के बाद मेरे शब्दों और धुनों में ऐसी खिलावट आ गई है कि बदन के ख़ून में हीमोग्लोबिन बढ़ता हुआ प्रतीत होता है . सचमुच आज के दिन मुझसे ज़्यादा खुशकिस्मत कोई नहीं.........
मित्रो ! "जय माँ हिंगुलाज" का निर्माण इसलिए किया गया क्योंकि माँ की ऐसी ही इच्छा थी कि इसके निर्माण का श्रेय मुझे मिले ..वरना क्या कारण है कि आदिशक्ति होने के बावजूद और बावन शक्तिपीठों में सबसे प्रथम स्थान पर सुशोभित हिंगुलाज के लिए आज तक किसी ने न कोई भजन का एलबम बनाया और न ही कोई नयी आरती रची..........ऋषि दधीचि द्वारा प्रदत्त सिद्धमंत्र तक से लोग पूरी तरह वाकिफ नहीं मिले.........अष्टक/स्तोत्र को कैसे गाना है, इसका भान और ज्ञान भी बहुत कम लोगों में मिला . जबकि हिंगुलाज माँ उनकी कुलदेवी है जिनका काम ही सतत बुद्धि से चलता है . साहित्य में सर्वोपरि सृजनकरता कहलाने वाले चारण, भावसार, भानुशाली, ब्रह्मखत्री या ब्रह्मक्षत्रिय के अलावा सोनी इत्यादि अनेक समुदायों में हिंगुलाज को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है . बस.......मुख्य स्थान अथवा शक्तिपीठ पाकिस्तान के बलोचिस्तान में होने के कारण बहुत से लोग इस देवी से अनजान हैं .
हालांकि राजस्थान,गुजरात,महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में हिंगुलाज मन्दिर बहुतायत में हैं . खैर.............
मित्रो ! बना तो मैंने लिया, पर मेरा काम यहाँ ख़त्म नहीं होता . अब मुझे काम करना है इसे घर घर तक पहुंचाने का . सो मैं इस आलेख के माध्यम से तमाम तमाम हिंगुलाज भक्तों से विनम्र प्रार्थना करता हूँ कि आओ और खुले मन से मेरा साथ दो.........मैं इस cd /dvd को बाज़ार में बेचना नहीं चाहता बल्कि ये चाहता हूँ कि लोग इन्हें खरीद कर मुफ़्त वितरण करें.
कल से video का काम शुरू हो रहा है . हिन्दुस्तान की एक ऐसी हस्ती जिसे नृत्य के लिए दुनिया भर में अनेकानेक सम्मान मिले हैं ने यह प्रोजेक्ट अपने हाथ में लेकर मुझे बड़ा उत्साह दिया है . निसन्देह इसका video शानदार बनेगा .
इस एलबम में आर्थिक सहयोग करके आप मुझे और काम को प्रोत्साहित करेंगे तो अच्छा लगेगा . सहयोग दो प्रकार से कर सकते हैं..........एक - cd /dvd खरीद कर और दो- एलबम में विज्ञापन दे कर.......
परम पावन शारदीय नवरात्रि के पहले ही यह वितरित हो जाये, ऐसा मेरा प्रयास है. नौ भजन, एक नयी आरती, महा अष्टक और मूलमंत्र सहित भारत के समस्त हिंगुलाज मंदिरों के दर्शन कराने वाला यह एलबम मेरे जीवन का अब तक का सबसे बड़ा और महत्वकांक्षी सृजन है. माँ हिंगुलाज की प्रेरणा और अनुकम्पा से ही मैं यह बना पाया हूँ. अब आपके आशीर्वाद और सहयोग की तत्काल ज़रूरत महसूस कर रहा हूँ .
आपके सहयोग की प्रतीक्षा रहेगी
जय माँ हिंगुलाज
-अलबेला खत्री
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