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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

जिनके सर पर बाल नहीं है बाबाजी


सुर है लेकिन ताल नहीं है बाबाजी

पॉकेट  है पर माल नहीं है बाबाजी



क्योंकर कोई चूमे हमको सावन में


अपने चिकने गाल नहीं है बाबाजी



दर्पण से उनको नफ़रत हो जाती है


जिनके सर पर बाल नहीं है बाबाजी



मेहमानों की ख़ातिरदारी कैसे हो


घर में आटा दाल नहीं है बाबाजी



देश बेच कर खाने वाले लोगों का


लोहू शायद लाल नहीं बाबाजी



उनकी ममता घुट घुट कर मर जाती है


जिनके अपने लाल नहीं है बाबाजी



मंहगाई के बिच्छू डंक चुभाते हैं


मोटी अपनी खाल नहीं बाबाजी



हास्यकवि 'अलबेला' ऐसा घोड़ा है


जिसके खुर में नाल नहीं है बाबाजी




-अलबेला खत्री 





हमारे प्यारे काका राजेश खन्ना के देहावसान पर अलबेला खत्री की शब्दांजलि

छन्न पकैया - छन्न पकैया, कहाँ चले तुम काका 

छोड़ के अपना देश आपने रुख ये किया कहाँ का 



छन्न पकैया - छन्न पकैया,  मुमताज़ रो पड़ेगी 


दो दो हीरो एक साथ गये, दुःखड़ा किसे कहेगी 



छन्न पकैया - छन्न पकैया, पहलवान के पीछे 


अपना सुपर स्टार चला गया, अपनी आँखें मीचे   



छन्न पकैया - छन्न पकैया, श्रद्धांजली हमारी 


परमपिता के श्रीचरणों में, महफ़िल सजे तिहारी



छन्न पकैया - छन्न पकैया, आँखें हैं भर आई  


बहुत दुखी हूँ खो कर अपना , प्यारा खत्री भाई 



-अलबेला खत्री

बीवी को मत आँख दिखाओ बाबाजी


झूमो, नाचो, मौज मनाओ बाबाजी

जीवन का आनन्द उठाओ बाबाजी



ये क्या, जब देखो तब रोते रहते हो ?


घड़ी दो घड़ी तो मुस्काओ बाबाजी



मुझ जैसे मसखरे का चेला बन जाओ


दिवस रैन दुनिया को हँसाओ बाबाजी



ये सब नेता रक्तपिपासु कीड़े हैं


इनसे मत कुछ आस लगाओ बाबाजी



जनता के दुःख को जो अपना दुःख समझे


अब ऐसी सरकार बनाओ  बाबाजी




एक मिनट में ऐसी-तैसी कर देगी


बीवी को मत आँख दिखाओ बाबाजी



ओ बी ओ की परिपाटी है 'अलबेला'


आपस में सब प्यार लुटाओ बाबाजी



-अलबेला खत्री


रुस्तमे-हिन्द दारासिंह के देहावसान पर उनके प्रशंसक अलबेला खत्री की विनम्र शब्दांजलि





नील गगन के पार गया है बाबाजी 


छोड़ के यह संसार गया है बाबाजी 



हरा सका न कोई जिसे अखाड़े में 


मौत से वह भी हार गया है बाबाजी 



देवों को कुछ दाव सिखाने कुश्ती के


कुश्ती का सरदार गया है बाबाजी 



अपनी माता के संग भारत माता का 


सारा  क़र्ज़ उतार गया है बाबाजी 



हाय! रुस्तमे-हिन्द को कैसा रोग लगा 


हर इलाज बेकार गया है बाबाजी 



रिंग का किंग, रिंग तोड़ चला इक झटके में


सुपर किंग के द्वार गया है बाबाजी 



दारासिंह के देह अन्त पर 'अलबेला'


दुःख में यह गुरूवार गया है बाबाजी 



-अलबेला खत्री 


जय माँ हिंगलाज का निर्माण जारी है




सभी ब्रह्मक्षत्रियों / खत्रियों को  सहर्ष सूचित किया जाता है  कि हमारी कुलदेवी माँ हिंगलाज की प्रेरणा और असीम कृपा से हँस वाहिनी भगवती हिंगलाज के सम्पूर्ण  दर्शन एवं  महिमा वर्णन के साथ साथ शास्त्रोक्त पूजन विधि पर आधारित एक भव्य ऑडियो/वीडियो  का निर्माण बड़ी तेज़ी के साथ चल रहा है .


तेरी जय हो वीर जवान, नमन महिमा,साईं हमारा,माँ ने कहा था ,नमन,हास्य हंगामा, प्रभु तारा नाम हज़ार, शेराँ वाली और  हे हनुमान  बचालो  के बाद हास्यकवि अलबेला खत्री की यह अनूठी कृति  दुनिया भर में प्रसरे समस्त हिंगलाज भक्तों के लिए  अत्यन्त  महत्वपूर्ण शाहकार साबित होगी .


यदि आप देवी हिंगलाज के किसी नये अथवा पुराने मन्दिर, श्लोक, आरती, भजन, संस्मरण, अनुभव, फोटो, वीडियो के बारे में जानकारी रखते हैं तो कृपया तुरन्त  हमें सूचित करें


- अलबेला खत्री
मोबाइल - 09228756902
E mail :  albelakhatri.com@gmail.com

यह प्रतियोगिता अद्भुत थी और अभिनव भी....... विस्तार से जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ें :



प्यारे मित्रो !

ओपन बुक्स ऑनलाइन  द्वारा  आयोजित "चित्र से काव्य
तक

प्रतियोगिता 15" में मेरी रचना को प्रथम पुरस्कार मिला है .


यह ख़ुशी मैं आपके साथ बांटना  चाहता हूँ . इसलिए  आपको


बताना चाहता हूँ  कि  प्रतियोगिता में  एक बालिका का खूबसूरत 


चित्र दिया गया था  जिस पर प्रतिभागियों  द्वारा केवल भारतीय


छन्द में ही कविता रचनी थी .  मैंने  उसमे तीन प्रविष्टियाँ  दाखिल


की थीं जिनमे से एक को  पुरस्कृत  किया गया है . यह प्रतियोगिता


अद्भुत थी  और अभिनव भी....... विस्तार से जानने के लिए 


यह पोस्ट पढ़ें :



http://www.openbooksonline.com/group/pop/forum/topics/5170231:Topic:240001





भारत की नारी हूँ मैं, मेरे पास आइये



बांहें दी पसार मैंने,
कर दी पुकार मैंने,

आओ आओ आओ मेरे  गले लग जाइए

दामिनी सी चंचल मैं,
फूल जैसी कोमल मैं,

मेरी ओजस्वी आँखों से आँख तो मिलाइए

आज किलकारी हूँ मैं,

कल फुलवारी हूँ मैं, 
भारत की नारी हूँ मैं, मेरे पास आइये

वंश को बढ़ाना हो तो,

देश को बचाना हो तो,
भ्रूणहत्या रोक कर, बेटी को बचाइये


___जय हिन्द !


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