बहुत बड़ी ख़बर है साहेब............इत्ती बड़ी है कि सारे चैनल सुबह से ही दिखा
रहे हैं पर ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही.......कल अखबार भी रंगे होंगे इसी
ख़बर से.......ख़बर न हुई, कमबख्त पोस्ट हो गई राजीव तनेजा की.... पढ़े
जाओ, पढ़े जाओ....पढ़े जाओ...सी आई ए वाले नाच रहे हैं तो आई एस
आई वाले थर्र थर्र कांप रहे हैं । कमाल है एक ही ख़बर के दो दो असर !
पर अपन क्यों माथा खपायें यार ?
अपने लिए कोई नई बात तो है नहीं ये.........अपना ओसामा बिन लादेन
अपन पहले ही भुगत चुके हैं । और अच्छे से भुगत चुके हैं । जो जैसा करता
है उसे वैसा ही प्राप्त होता है ऐसा मैंने सुना ही नहीं देखा भी है ।
इन्दिरा जी ने जरनैल सिंह भिंडराँवाला को अपने स्वार्थ के लिए बनाया
तो अमेरिका ने ओसामा को अपने स्वार्थ के लिए........जब दोनों को ही
अपने अपने प्रोडक्ट भारी पड़े तो दोनों ने ही उन्हें ख़त्म भी कर दिया ।
इसमें मैं कोई पोस्ट लिख कर क्यों अपना और अपने पाठक का समय
खराब करूँ यार ? जबकि अपने पास लिखने के लिए कलमाड़ी जैसा
बढ़िया आदमी है ।
ओबामा कह रहे हैं कि आतंक का खत्म हो गया ............अबे रहने दे
दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी देश के मुखिया रहने दे ! आतंक को तुम
क्या तुम्हारे फ़रिश्ते भी ख़त्म नहीं कर सकते.........अबे इसकी जड़ें कहीं
बाहर नहीं मानव के भीतर हैं ..तुम अभी अभी जन्मे हो दो ढाई सौ साल
पहले, हम से मिलो, हम ज़्यादा पुराने ज्ञानी हैं । भली भान्ति जानते हैं कि
आतंक नाम का ये तत्व जब हिरण्यकश्यप के मरने से नहीं मरा, रावण
के मरने से नहीं मरा और कंस के मरने से भी नहीं मरा तो ओसामा जैसे
पिद्दी के मरने से क्या मर जाएगा ? और क्या तुम मरने दोगे कभी आतंक
को ? अरे तुम ख़ुद, हाँ हाँ तुम ख़ुद इतने बड़े ख़ूनी दरिन्दे हो कि कल को
फिर कोई नया चेहरा तैयार कर लोगे अपने स्वार्थ के लिए.............
तुम्हें नाचना है तो नाचो अमेरिका वालो ! मैं तो नहीं नाच सकता तुम्हारे साथ।
i am sorry about that
मैं तो इन्तेज़ार कर रहा हूँ गुड्डू की माँ का........कब वो आये
और कब चाय पिलाए....हा हा हा
चलते चलते एक शे'र हो जाये :
जिसे मरना था चुल्लू भर पानी में डूब कर
बाद मरने के वो समन्दर में डुबाया गया
______वाह वाह तो बोलो यार !
