Albelakhatri.com

Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

समापन के समय जो बताया जाएगा वह सर्वाधिक महत्वपूर्ण और विस्फोटक होगा



 सभी प्यारे मित्रों को छठ पर्व की हार्दिक  बधाई व शुभकामनाएं

जब से सूचि प्रकाशित की है, कवि मित्रों के फोन पर फोन आ रहे हैं, कुछ लोग पसंद कर रहे हैं  और कुछ नापसंद ,,,,कुछ लोग इस सूचि में  अपना नाम दर्ज़ कराने की उतावली में हैं, मेरा सबसे निवेदन है कि कृपया धीरज रखें ,,,सबका नाम आएगा, ये तो शुरुआत है - सिलसिला लंबा चलेगा

वीररस के बाद अभी हास्य की सूचि पर काम चल रहा है, ये अभी खूब बाकी है, तत्पश्चात गीतकार - ग़ज़लकार आयेंगे,  अभी तो बहुत कुछ ऐसी जानकारियां देनी शेष हैं, जिनके बिना हिंदी कवि-सम्मेलनीय गाथा पूरी नहीं हो सकती, लेकिन समापन के समय जो बताया जाएगा वह सर्वाधिक महत्वपूर्ण और विस्फोटक होगा इसलिए  इस सूचनायज्ञ की पूर्णाहुति तक देखते रहिये और like करते रहिये

अगली सूचि बस आ ही रही है

जय हिन्द !
-अलबेला खत्री

hindi kavi albela khatri awarded in u.s.a. by vishwa hindi samiti at new york

hasyakavi albela khatri awarded in lucknow with wagheshwari samman




हिन्दी कवि सम्मेलनों के प्रचलित ओजस्वी (वीररस) कवियों की सूचि



 हिन्दी कवि सम्मेलनों के प्रचलित ओजस्वी (वीररस) कवियों की सूचि


हरी ओम पवार - मेरठ 1,00,000+ सी डी बेचने के लिए एक काउंटर

* यों तो राष्ट्रीय समस्याओं और सामाजिक विसंगतियों पर गीत सुनाते हैं और बहुत ऊँचे स्वर में सुनाते हैं परन्तु गीत न चलें तो चुटकुले सुनाने से भी परहेज़ नहीं करते -
___________________________________________________


सत्य नारायण सत्तन - इंदौर 70,000+ भांग का गोला ( उपलब्ध हो तो )

* मंच के वरिष्ठ दबंग हैं - ख़ूब विद्वान, ऊर्जावान व पहलवान वक्ता हैं - अश्लील से अश्लील बात भी इतने सलीके से कहते हैं कि लोग हक्के बक्के रह जाते हैं, इन्हें अपनी परफॉरमेंस के बजाय अपने पाँव छुआने व दूसरे कवियों की परफॉर्मेंस पर रायता ढोलने में अधिक आनंद आता है - ज़र्दा खाते हैं इसलिए मंच पर एक खाली गिलास का होना अनिवार्य है वरना मंच की सफ़ेद चादर खराब हो सकती है
___________________________________________________


वेदव्रत वाजपेयी - लखनऊ 40,000+ चार लोग माला पहनाने के लिए

* हिन्दूत्व और भारतीयता के गौरव को प्रतिष्ठापित करने वाले शानदार और जानदार कवि - स्वभाव से गरम और अहंकारी परन्तु आयोजक के लिए सदैव विनम्र और मंच जमाऊ - कोई व्यसन नहीं - मॊलिक कवि हैं पर कभी कभी कुछ पंक्तियाँ अपने पिताजी की भी सुना देते हैं
____________________________________________________

आशीष अनल - लखनऊ 30,000+ वांछित पेय पदार्थ

* युवा लेकिन परिपक्व कलमकार, मंच पर सहयोगी कवियों को प्रोत्साहन और तालियां देने में कुशल, मौलिक रचनाकार -
____________________________________________________

सन्दीप सपन - जबलपुर 25,000+

* एक ज़माने के सर्वाधिक चर्चित कवि, मॊलिक और धुंआधार जमाऊ कवि - ख़ास बात यह है कि अब मदिरापान भी नहीं करते इसलिए उनके काव्यपाठ की दिव्यता देखते ही बनती है
____________________________________________________

डॉ कर्नल वी पी सिंह - बड़ौदा 35,000+ एयर टिकट

* बुलन्द व्यक्तित्व और बुलन्द आवाज़ के धनी, धारदार कवितायें और प्रवाहमान मौलिक प्रस्तुति - कोई व्यसन नहीं - सैन्य अनुशासन में ढला जीवन - एक ही कमज़ोरी : मंच पर सिर्फ़ कविता कर सकते हैं लफ्फ़ाज़ी नहीं आती
_____________________________________________________

कमलेश राजहंस - बनारस 25,000+

* राष्ट्रीय और सामाजिक विसंगतियों पर गीत सुनाते हैं परन्तु चुटकुले सुनाने से भी परहेज़ नहीं करते - रामचरित मानस के विद्वान हैं और मौलिक कवि हैं
_____________________________________________________

लाजपतराय विकट - धनबाद 30,000+

* राष्ट्रीय धारा के मौलिक कवि जो धुंआधार भले न जमे परन्तु अपना काम ठीक से कर लेते हैं
_____________________________________________________

विनीत चौहान - अलवर 30,000+

* बेटों की तुक हेटों से मिला कर तालियां पिटवाने वाले युवा कवि, मंच के सारे टोटके याद हैं जिन्हें काम में लेने के लिए मंच सञ्चालन भी कर लेते हैं - अन्य जमाऊ कवियों की निन्दा के अलावा कोई व्यसन नहीं
_____________________________________________________

जगदीश सोलंकी - कोटा 40,000+ वांछित पेय पदार्थ


* ओज और करुणा के सिद्धहस्त कवि एवं ज़बरदस्त प्रस्तोता - मंचीय कविताओं में साहित्यिक भाषा का प्रयोग करने वाले मौलिक रचनाकार
______________________________________________________

बालकवि बैरागी - मनासा 40,000+


* सर्वाधिक सम्मानित मंचीय कवि - कोई व्यसन नहीं - कोई डिमाण्ड नहीं, कोई नखरा नहीं - बस, आजकल कविता कम, भाषण अधिक करते हैं - इन्हें सुनना एक सुखद अनुभव होता है
________________________________________________


गजेन्द्र सोलंकी - दिल्ली 30,000+


* ये प्रणाम विशेषज्ञ कवि हैं , इनके पास लगभग सभी के लिए प्रणाम के छंद तैयार मिलते हैं। राष्ट्रीय और सामाजिक विसंगतियों पर गीत सुनाते हैं और परन्तु चुटकुले भी ठीकठाक सुना लेते हैं जमते हैं या नहीं ये तो आयोजक जानें लेकिन संयोजन प्राप्त करने में सफल रहते हैं - अच्छे कवि हैं, व्यसन नहीं करते
___________________________________________________


अब्दुल गफ्फ़ार - जयपुर 20,000+ वांछित पेय पदार्थ


* मंच के दबंग हैं, ख़ूब ऊर्जावान वक्ता हैं - जमाऊ फ़नकार हैं, बस कभी-कभी बोलते बोलते लहर में आकर कुछ भी बोल देते हैं - मांसाहार न मिले तो ये खिन्न रहते हैं यह ध्यान रखना चाहिए
___________________________________________________


श्रीमती प्रेरणा ठाकरे 20,000+

* हिन्दूत्व और भारतीयता के छन्द व गीत सुनाने वाली स्वभाव से सरल व आयोजक के लिए सदैव विनम्र - मंच पर मेहनत करने वाली कवयित्री - कोई व्यसन नहीं - मॊलिक हैं पर बहक जाए तो चुटकुले भी सुना सकती है
____________________________________________________

नरेन्द्र बन्जारा - मुंबई 20,000+

* युवा लेकिन परिपक्व कलमकार, मंच पर सहयोगी कवियों को प्रोत्साहन और तालियां देने में कुशल, मौलिक रचनाकार - चुटकुलों के चक्कर में न पड़े तो बढ़िया जमता है
____________________________________________________

अशोक चारण - जयपुर 15,000+

* राष्ट्रवादी कविताओं के बल पर खूब जमने वाला युवा लेकिन परिपक्व कलमकार, मंच पर सहयोगी कवियों को प्रोत्साहन और तालियां देने में कुशल - कोई व्यसन नहीं
____________________________________________________

शशिकांत यादव - देवास 25,000+ वांछित पेय पदार्थ

* धारदार टिप्पणियों और छन्दबद्ध कविताओं से दर्शकों की तालियां बजवाने में माहिर आंशिक रूप से मौलिक व प्रखर कवि - यद्यपि स्वर इनका मर्दाना नहीं है परन्तु लोग मज़ा पूरा ले लेते हैं - सुना है दूसरे संयोजको के प्रोग्राम हथियाने में इन्हें महारत हासिल है
_____________________________________________________

कमलेश शर्मा - इटावा 20,000+

* रामसेतु, हिन्दूत्व तथा राष्ट्रीय और सामाजिक विसंगतियों पर गीत सुनाते हैं मौलिक कवि हैं - व्यसन करते देखा नहीं
_____________________________________________________

योगेन्द्र शर्मा - भीलवाड़ा 15,000+

* गौभक्ति और राष्ट्रीय धारा के मौलिक कवि जो कभी कभार धुंआधार भले न जमे परन्तु अपना काम ठीक से कर लेते हैं - व्यसन से दूर
_____________________________________________________
 

 ओमपालसिंह निडर-फ़िरोज़ाबाद 15,000+   ताज़ा एप्पल,अंगूर 

* मंच के 4 दशक पुराने दबंग हैं - श्रोता हों या न हों, कोई फ़र्क नहीं पड़ता, खाली कुर्सियों को भी जनसमूह और खाली पण्डाल को भी संसद का अशोक हॉल सनझ कर कविता  पढ़ना इन्हें आता है, ख़ूब विद्वान, ऊर्जावान  व पहलवानटाइप वक्ता हैं - शुरू हो जाए तो एक घंटा तो गला गर्म करने के लिए घनाक्षरियां सुनाते  हैं और अगर जोश में आ कर  दर्शकों ने 'जय श्रीराम' का हल्का सा भी नारा लगा दिया तो फिर माइक इनका बेटा और ये माइक के बाप ,,,,इनकी  परफॉरमेंस में खण्डिनी, मण्डिनी, पाखण्डिनी, दण्डिनी जैसे शब्द ज़रूर आते हैं - रामलहर की हवा में  सांसद भी बन गए थे - कई बार पिटे  हैं,  बहुत मार खाई है, घुटने तक तुड़वाये हैं, कविता में राम राम करते हैं  पर कवयित्रियों को देखते ही रावणत्व बाहर आ जाता है, फ्री रेलपास का दुरुपयोग करने में चैम्पियन - इन्टरनेट पर महिलाओं से जिस तरह की चैटिंग करते हैं उसे देख कर हरी ओम्म्म्म्म्म्म्म्म  हरी ओम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म करने का मन करता है - विवादों में बने रहने के अलावा कोई व्यसन नहीं
___________________________________________________


गौरव चौहान - आगरा             15,000+   

* ऊर्जा और चेतना से भरपूर एक ऐसा नया स्वर जिसमे भविष्य के लिए बड़ी सम्भावनाएं नज़र आती हैं, सरल,सहज, विनम्र और  मंच को भरपूर जमाऊ परफॉर्मेंस देने वाला ओजस्वी रचनाकार - व्यसन अभी सीखे नहीं है , नया है न ;-)
______________________________
_____________________

सारस्वत मोहन मनीषी-दिल्ली  40,000+    जो मिल जाए सो ठीक  

* आर्य समाज के प्रबल पक्षधर, हिन्दूत्व और भारतीयता के गौरव को प्रतिष्ठापित करने वाले शानदार और जानदार कवि - स्वभाव से सर्द-गरम और विनम्र अहंकारी परन्तु आयोजक के लिए सदैव मंच जमाऊ, मेहनती कलमकार - आत्ममुग्धता और धन लोलुपता के अलावा कोई ख़ास व्यसन नहीं -  मॊलिक कवि हैं और प्रखर - मुखर कवि हैं, सभी विधाओं में लिखते हैं और लिखते ही रहते हैं जैसे लालू यादव के घर बच्चे पैदा होते रहते हैं, इनके घर में पांडुलिपियां बनती रहती हैं - मैंने घनाक्षरी लिखने की प्रेरणा इन्हीं से ली है - वैसे तो मेरे काव्य-गुरु हैं पर व्यवहारिकता में गुरुघंटाल हैं - शानदार व्यक्तित्व - जानदार कृतित्व
____________________________________________________

अगली पोस्ट में भी जारी है ...
जय हिन्द !

यह नितान्त फोकटिया सेवा है जिसका लाभ कवि-सम्मेलन के आयोजकों के साथ साथ कवियों को भी होगा


कवि-सम्मेलन के आयोजक अक्सर कवियों के मानधन को लेकर मोल भाव करते हैं . इसलिए इस झंझट से मुक्ति पाने हेतु आज मैं अपनी अगली पोस्ट में सभी प्रचलित  मंचीय कवियों की (fix rate) सूचि उनके मानधन के साथ प्रकाशित कर रहा हूँ  ताकि  लोग अपने बजट के हिसाब से  अपनी टीम बना सकें .

इस प्रकाश्य सूचि में बजट के अलावा कौन कवि/कवयित्री  कितनी देर सुनाते हैं व  क्या सुनाते हैं,  अपना सुनाते हैं या दूसरों का सुनाते हैं, दूसरों का सुनाते हैं तो किस किस  का माल कहाँ कहाँ से उड़ा कर सुनाते हैं, इत्यादि की भी जानकारी दी जायेगी

यह नितान्त फोकटिया सेवा है  जिसका लाभ कवि-सम्मेलन के आयोजकों के साथ साथ   कवियों को भी होगा . परन्तु अगर किसी कवि/ कवयित्री को उनके नाम अथवा मानधन प्रकाशन में आपत्ति हो तो कृपया मुझे  अवगत करा दें ........

-अलबेला खत्री

क्या कविता का स्वर पटाखों के कोलाहल के मुकाबले अधिक असह्य होता है ?



अस्थमा, हार्ट अटैक  और  मिरगी के रोगियों के लिए जानलेवा साबित होने वाले

धूल, धुंआ, रासायनिक गंध और कानफाड़ू  शोर करके  पर्यावरण को दूषित और

बच्चों व बुज़ुर्गों को  परेशान  करने वाले  पटाख़े रात भर बजाये जा सकते हैं इन

पर कोई पाबंदी नहीं ... परन्तु  सरस, साहित्यिक, सुसांस्कृतिक एवं समाज को सही

दिशा के साथ साथ स्वस्थ मनोरंजन देने वाले कवि सम्मेलन के लिए  रात 11 बजे

ही समय सीमा समाप्त ....


जय हो तुम्हारी सरकार वालो ! 

क्या कविता का स्वर  पटाखों के कोलाहल के मुकाबले अधिक असह्य होता है ?

जय हिन्द
-अलबेला खत्री

hasyakavi albela khatri presents hasya kavi sammelan in puruliya

hasyakavi albela khatri presents hasya kavi sammelan in puruliya

hasyakavi albela khatri presents hasya kavi sammelan in puruliya




AAJ KI RAAT DEEPAVALI SPECIAL ........WAAH WAAH KYA BAAT HAI






आपको, आपके पूरे परिवार को एवं आपके समस्त इष्ट मित्रों को दीपोत्सव की  हार्दिक बधाई और नूतन वर्ष अभिनन्दन ! माँ महालक्ष्मी, सरस्वती और गजानन गणपति की सामूहिक अनुकम्पा से आपके जीवन में पग पग पर  ऐश्वर्य, यश, ऊर्जा एवं आरोग्य का प्रवाहपूर्ण भंडार रहे, यही मंगल कामना  मैं और मेरा पूरा परिवार करते हैं
जय हिन्द
अलबेला खत्री

hindi hasyakavi albela khatri in waah waah kya baat hai deepavli special episode

hindi hasyakavi albela khatri in waah waah kya baat hai deepavli special episode

hindi hasyakavi albela khatri in waah waah kya baat hai deepavli special episode

rotery club presents the hassakavi sammelan in puruliya by albela khatri

दीप उत्सव की हार्दिक बधाई एवं आत्मिक शुभकामनाएं


आपको, आपके परिवार को एवं आपके समस्त इष्ट मित्रों को 

हमारे पूरे परिवार की ओर से दीप उत्सव की 

हार्दिक बधाई एवं आत्मिक शुभकामनाएं

HAPPY DEEPAVLI


happy deepavli from hasyakavi albela klhatri
happy deepavli from hasyakavi albela klhatri

सब टी वी के "वाह वाह क्या बात है" में दीपावली स्पैशल एपीसोड की शूटिंग



अभी अभी मुम्बई में  सब टी वी के "वाह वाह क्या बात है"  में दीपावली

स्पैशल एपीसोड  की शूटिंग करके लौटा हूँ  परन्तु इस बार उतना आनन्दित

नहीं हूँ जितना  अक्सर हुआ करता हूँ . कारण  नहीं बताऊंगा, क्योंकि कारण 

बताऊंगा तो मुझे बताते हुए और आपको बांचते हुए तकलीफ़ होगी ..........

इसलिए अपना दिल कहता है SHOW MUST GO ON !  


सूत्रों द्वारा बताया गया है कि  यह दीपावली  अर्थात 3 नवम्बर की रात 9  बजे

दिखाया जाएगा ...किन्तु  अभी पक्का  पता नहीं कि कब दिखाया जाएगा ...

वैसे दीपावली का था तो दीपावली पर दिखाएंगे ....क्योंकि ब्याह के गीत ब्याह

में ही गाए जाते हैं और तीज के घेवर तीज को ही खाये जाते हैं हा हा हा हा :-)


HAPPY  DEEPAVLI

जय हिन्द !
-अलबेला खत्री
hasyakavi albela khatri in waah waah kya baat hai

hasyakavi albela khatri in waah waah kya baat hai

hasyakavi albela khatri in waah waah kya baat hai

My Blog List

myfreecopyright.com registered & protected
CG Blog
www.hamarivani.com
Blog Widget by LinkWithin

Emil Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

Followers

विजेट आपके ब्लॉग पर

Blog Archive