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Albela Khatri

आ न पाये अन्धेरे का साया कभी, चाँद, सूरज, सितारों सा रौशन रहे

सभी ब्लॉगर्स

बन्धु बान्धवियों को

दीपोत्सव की लाख लाख बधाइयाँ

हार्दिक बधाइयाँ


______कामना कर रहा हूँ दिवाली पे मैं


______घर सभी का बहारों सा रौशन रहे


______
पाये अन्धेरे का साया कभी


______चाँद, सूरज, सितारों सा रौशन रहे



मेरी ओर से सभी को

ये मधुर उपहार

इसमें रंग हैं पर विषैले नहीं हैं

माधुर्य है पर मिलावटी मावे का नहीं है

इसका सेवन करने से वज़न भी नहीं बढेगा............

टिप्पणी करने का कोई पैसा भी नहीं लगेगा

तो

दीपोत्सव पर अलबेला की अलबेली भेन्ट..



poems from heart


Poet Albela Khatri , Poem , Poetry, Comedy, Hasya Kavita, Gazal,

10 comments:

Ajay Tripathi October 15, 2009 at 8:32 PM  

अलबेला भाई आप सचमुच अलबेले है

आपकी दिवाली कविता भी रंग बिरंगी अलबेली है

आप अलबेले को पूरी दुनिया की अलबेली खुशियां जरूर नसीब होंगी

जो दूसरों को खुशी बाटते हैं सभी जहाँनों में उनको बरकत नवाजी ही जाएगी

शुभ मंगलमय धनतेरस और दिवाली

RAJNISH PARIHAR October 15, 2009 at 10:23 PM  

AAPKO BHI ..HAPPY DIWALI!!!!!

nisha agarwaal October 15, 2009 at 10:56 PM  

ati sundar kavita lagi apki albelaaji, aap to sachmuch k albele kavi he

kyaa app meree kavitaa ko margdarshan bhi de sakte hain ? mai aabhaari rahungee

-Nisha agarwaal, jodhpur

राज भाटिय़ा October 15, 2009 at 11:01 PM  

आप को ओर आप के परिवार को दिपावली की शुभकामनाये

शिवम् मिश्रा October 15, 2009 at 11:08 PM  

आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

शिवम् मिश्रा October 15, 2009 at 11:12 PM  

आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

Anjelanima_एंजेला एनिमा October 15, 2009 at 11:43 PM  

हैप्पी दीवाली....!

Udan Tashtari October 15, 2009 at 11:57 PM  

बढ़िया!!

सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

-समीर लाल ’समीर’

योगेन्द्र मौदगिल October 16, 2009 at 3:19 AM  

दीवाली हर रोज हो तभी मनेगी मौज
पर कैसे हर रोज हो इसका उद्गम खोज
आज का प्रश्न यही है
बही कह रही सही है

पर इस सबके बावजूद

थोड़े दीये और मिठाई सबकी हो
चाहे थोड़े मिलें पटाखे सबके हों
गलबहियों के साथ मिलें दिल भी प्यारे
अपने-अपने खील-बताशे सबके हों
---------शुभकामनाऒं सहित
---------मौदगिल परिवार

Gurramkonda Neeraja October 17, 2009 at 1:44 PM  

आपका आँगन खुशियों से जगमगाए
दिवाली की शुभकामनाएं

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