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Albela Khatri

दिल पे मत लो.......बस..मज़ा लो इस नये ज़माने की नयी बातों का




ज़माना
बदल गया है भाई............


पहले बाप के बाप को बाबा कहते थे,

आजकल बेटे के बेटे को बाबा कहते हैं


पहले जीम के ( खा के ) सेहत बनाते थे

आजकल जिम में ( जा के ) सेहत बनाते हैं



बदलाव के इस दौर में

संस्कृत के एक श्लोक का नया अर्थ देखिये.......


सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया


____
सर्वे करने पर पाया गया कि

सारे भवन निर्माता सुखी हैं और सारे सन्त नीरा पी कर

माया में पड़े हैं

















www.albelakhatri.com

16 comments:

दिलीप May 16, 2010 at 1:30 PM  

badi sundar vyaakhya ki sarkaar aapne...maza aa gaya...

yugal mehra May 16, 2010 at 1:40 PM  

सारे भवन निर्माता सुखी हैं और सारे सन्त नीरा पी कर
माया में पड़े हैं

बहुत खूब

महामूर्खराज May 16, 2010 at 2:14 PM  

ati sundar

36solutions May 16, 2010 at 2:28 PM  

सब संतन सीताराम।


बढिया है जी.

फ़िरदौस ख़ान May 16, 2010 at 2:36 PM  

बहुत ख़ूब...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' May 16, 2010 at 2:54 PM  

दुनिया गोल है!

लौट के बुद्धू घर ही आते हैं!

शिवम् मिश्रा May 16, 2010 at 3:16 PM  

क्या कहने ............

आप की माया ........ आप की लीला ........ आप ही जानो !!

समयचक्र May 16, 2010 at 3:39 PM  

बहुत बढ़िया आज तो गजब की शब्दावली वाह वाह
भगवान परशुराम जयंती पर हार्दिक शुभकामनाये ...

M VERMA May 16, 2010 at 4:59 PM  

वाह क्या बात कही है

Ra May 16, 2010 at 6:10 PM  

इतनी बढ़िया चीज पढ़कर क्या मुह ..से तारीफ़ नहीं निकलेगी ...वाह! वाह ! वाह! //// गज़ब का लिखा है ....हंसी भी आई कुछ सीखने को भी मिला ....अपनी भाषा में बोलूं तो ...'एक दम फ़ाडू लिखा है भाई '

राज भाटिय़ा May 16, 2010 at 7:31 PM  

सत्य वचन महा राज

Gyan Darpan May 16, 2010 at 7:51 PM  

संस्कृत के एक श्लोक का नया अर्थ

हा हा हा .... मजेदार ....................

Udan Tashtari May 16, 2010 at 10:28 PM  

सारे भवन निर्माता सुखी हैं और सारे सन्त नीरा पी कर
माया में पड़े हैं

:) ये भी खूब अर्थ लगाया आपने.

DR. ANWER JAMAL May 16, 2010 at 10:40 PM  

लाजवाब . आपकी बात भी और खुद आप भी .
http://blogvani.com/blogs/blog/15882

योगेन्द्र मौदगिल May 17, 2010 at 7:44 AM  

wahwa......

Prem Farukhabadi May 18, 2010 at 8:50 AM  

Bhai,

saari baate haasy aur vyang se paripoorn hain .Badhai!!

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