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बराड़ा का 200 फुटिया विशालकाय रावण भी उन हज़ारों में से एक था जिन्होंने हास्य कविताओं पर ठहाके लगाये


हास्यकवियों ने धूम मचाई बराड़ा महोत्सव 2013 में 

9 अक्टूबर की शाम हरियाणा में अम्बाला के निकट बराड़ा का 200 फुटिया विशालकाय रावण भी उन हज़ारों दर्शकों में से एक था जिन्होंने विभिन्न कवियों की हास्य कविताओं पर जम कर ठहाके लगाये . अलबेला खत्री के ऊर्जस्वित मंच संचालन में सर्वप्रथम अशोक झंझटी ने अपना रंग दिखाया जबकि अगले क्रम में पॉप्युलर मेरठी ने अपने खास अन्दाज़ में दर्शकों की वाहवाही लूटी . इसके बाद सम्पत सरल ने भी थोड़ी देर बातचीत की लेकिन उनके बाद अरुण जैमिनी ने तो जैसे कहकहों का तूफ़ान खड़ा कर दिया . जैमिनी के हरियाणवी रंग के बाद वरिष्ठ हास्यकवि सूर्यकुमार पाण्डे ने मंच को जमाया तथा अलबेला खत्री ने भी अपनी रंगारंग प्रस्तुति से ठीकठाक  ठहाके लगवा लिए  परन्तु महफ़िल अपने पूरे शबाब पर तो तब आई जब अशोक चक्रधर माइक पर आये . वे इस मंच पर गत वर्ष भी आ चुके थे और लोग जानते थे कि वे क्या सुनाने वाले हैं इसलिए जब तक वे माइक पर खड़े रहे उनके सम्मान में पूर्णतः सन्नाटा छाया रहा. लोगों ने अपने असीम धेर्य का परिचय देते हुए उन्हें पूर्णतः खामोशी से सुना . उनके ज़बरदस्त काव्यपाठ से प्रभावित हो कर हालांकि दो तिहाई  लोग उठ उठ कर लघुशंका के लिए जाने लगे परन्तु चक्रधरजी अपनी रौ में बहते हुए अपने चक्र से समय काटते रहे .....ख़ास बात यह थी कि उनकी कवितायें भले ही प्रसंगानुकूल न होने की वजह से  पब्लिक को रास नहीं आई  लेकिन मोबाईल के स्क्रीन पर देख देख कर  कविता पढने और बीच बीच में अटक जाने की उनकी अदा पर मंचासीन कविगण खूब मज़े लेते रहे . अंत में डॉ श्याम सखा श्याम ने  अध्यक्षीय संबोधन में कुछ विशिष्ट ग़ज़लें सुना कर काव्यसंध्या को सम्पूर्णता प्रदान की .

सूत्र संचालक अलबेला खत्री ने सभी कवियों को बेहतरीन अन्दाज़ में पढ़वाया तथा दर्शकों में भी पूर्ण उत्साह बनाए रखा . इस कवि सम्मेलन में देश के एक बहुत  बड़े कवि भी आमन्त्रित थे और आने वाले भी थे . वे आ जाते तो कार्यक्रम  और ज्यादा ऊंचाई छूता परन्तु उनके द्वारा सुझाई गई एक कवयित्री को नहीं बुलाने के कारण वे आयोजकों से रुष्ट हो गए और स्वयं भी नहीं आये . खैर ....ये तो चलता ही रहता है this is the part of kavi sammelan ......


अम्बाला के निकट बराड़ा जैसे छोटे से क़स्बे में ग़ज़ब का अनुभव मिला . श्री तेजेंद्रसिंह चौहान उर्फ़ नीटू प्रधान  के सौजन्य से अनेक वर्षों से वहां जो सांस्कृतिक महोत्सव हो रहे हैं  वो न केवल हरियाणा प्रदेश के लिए बल्कि समूचे भारत के लिए हर्ष और गर्व का विषय है . लगातार 5  दिन तक चलने वाले बराड़ा महोत्सव में इस बार 2 0 0 फीट ऊँचा रावण बनाया गया है  जो कि  गिनीज बुक आफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अंकित होगा . जबकि लिम्का बुक आफ़ रिकार्ड्स में तो तीन बार अंकित हो चुका है . इस बार इस महोत्सव को कवर करने के लिए पाकिस्तान से भी मेहमान पत्रकार आये थे .

यों तो गुरदास मान नाईट, शेरी मान नाईट, कव्वाली नाईट इत्यादि अनेक बड़े प्रोग्राम हो रहे हैं  परन्तु महोत्सव की शुरूआत हुई अखिल भारतीय कवि सम्मेलन से ..........

समारोह संयोजक परवीन जाफ़री ने पहले सभी कवियों का स्वागत किया तथा बाद में आभार प्रकट किया जबकि मुख्य अतिथि तेजेंद्रसिंह चौहान ने सभी सरस्वती पुत्रों को स्मृति चिन्ह भेंट किये

धन्यवाद  जाफ़री साहेब, शुक्रिया चौहान जी,  आभार बराड़ा की रसिक जनता और जय हो हरियाणा !

जय हिन्द !
barada mahotsav 2013
hasyakavi albela khatri on tour

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