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Albela Khatri

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क्या अदा, क्या जलवे तेरे रचना ! तू तो नहीं मिली पर मेरा काम तो हो गया




 गुमशुदा रचना की तलाश में  अपने मुख्य ब्लॉग पर  कल एक पोस्ट  मैंने 


किसलिए लगाईं थी, यह तो मैं ख़ुद नहीं जानता, लेकिन परिणाम बड़ा अच्छा 

आया, ये मैं जानता हूँ .  जिस ब्लॉग पर रक्तदान जैसे संवेदनात्मक  विषय पर  

पाठकों की संख्या केवल  तीन अंकों में थी,  मेरी रचना  का जादू ऐसा चला  

कि  पाठक संख्या सीधे चार अंकों में पहुँच गयी .


पहले मैं समझता  था कि  लोग ज़्यादातर केवल  जापानी तेल, सेक्स, सविता 


भाभी, जवानी और छाती से छाती मिली जैसी  शब्दावलियाँ  ही बांचते हैं . लेकिन 

आज मुझे एहसास  होगया  कि  यहाँ  मेरी रचना  भी काफी हॉट है . लिहाज़ा  

मैंने निर्णय कर लिया है  कि  मैं भी  अब अपने ब्लॉग पर  फिर से लिखना शुरू  करूँगा 

 .....और अन्य ब्लोग्गर बन्धुओं  की रचनाएं बांच कर उन्हें  लगातार  टिप्पणियां 

भी दूंगा . इससे दो फ़ायदे एक साथ होंगे,  एक तो ये कि  मुझे नई  नई  रचनाओं  

को पढने का अवसर मिलेगा, दूसरा  मैं जिन्हें टिप्पणियां  दूंगा, वे भी  ब्लॉग पर आयेंगे 

मेरी रचना का आनंद लेने के लिए ............

जय हिन्द ! 



कोई किसी मुगालते में न रहे....मेरी लोमड़ी से किसी और का कोई सरोकार नहीं है



जल्दबाज़ी यों तो किसी भी  काम में अच्छी  नहीं होती, लेकिन लेखन के


मामले  में यह बहुत ज़्यादा खतरनाक हो जाती है. लोग अर्थ का अनर्थ 


निकालते समय नहीं  लगाते. ऐसा ज्ञान मुझे आज  सुबह सुबह  तब प्राप्त


हुआ जब मैंने  कंप्यूटर  ऑन किया .  देखा तो  "लोमड़ी" वाली पोस्ट के


लिए  बहुत सारी ऐसी टिप्पणियां  मिलीं  जो  मेरी पोस्ट के लिए  हो ही


नहीं सकती थीं .  मैंने सबको रोक दिया  और  हमारी वाणी का  एक


चक्कर लगाया तो समझ आया कि कुछ  लोग  आल रेडी  किसी के पीछे


पड़े हुए हैं  और ख़ुद को बाघ-घाघ कहते  हुए किसी  तथाकथित  लोमड़ी 

को घेरने के  उपक्रम में व्यस्त हैं .



अब ये दुर्संयोग है  कि मेरी पोस्ट भी लोमड़ी  शीर्षक से  आई  और उन


लोगों ने समझ लिया कि  मैंने  उनके उस सन्दर्भ  में लिखा है.  लिहाज़ा


 मैं ये बात साफ़ कर दूं  कि मेरी लोमड़ी  अलग है,  कहने को वह भी एक

नारी है  परन्तु उसकी रचना  भगवान ने कुछ अलग ढंग से की है . वह


केवल  मुझ में दिलचस्पी रखती है . इसलिए  मैं  तो  उसके  लिए प्रार्थना


कर रहा हूँ ईश्वर से..........



अनजाने में मेरे द्वारा  एक ऐसी  महिला  को  तकलीफ  पहुंची जिनका मैं


स्वयं सम्मान करता हूँ  और जो  मुझे छेड़ती भी नहीं है. इसलिए उस 


मित्र महिला के  सम्मान  में मैं मेरी लोमड़ी  वाली  पोस्ट डिलीट  कर

रहा हूँ  ताकि  मेरा कन्धा किसी और की  बन्दूक के लिए इस्तेमाल न हो


जय हिन्द !

hasyakavi  albela khatri & khyali saharan  on stage

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