लाखों तेरे मन्दिर बाबा, लाखों तेरे धाम
लाखों तेरी प्रतिमाएं हैं, लाखों तेरे नाम
मैं छोटा, मेरी मति भी छोटी, देख देख घबराऊं
तुमही बताओ कहाँ पे जा के, अपना शीश झुकाऊं
बता नाम असली
तेरा धाम असली
जिसके जी में जैसा आया,वैसा रूप बनाया
स्वांग तुम्हारे देख-देख मेरा दिमाग चकराया
कहीं बना बैठा रोकड़िया, कहीं पे मंगलकारी
कहीं बना है भूत भगाऊ, कहीं पे पर्वतधारी
टिकट मैं मेहंदीपुर की लूँ या सालासर की लाऊं
वाराणसी संकटमोचन या चानणधाम मैं जाऊं
बता नाम असली
तेरा धाम असली
पीपलेश्वर, नीमेश्वर, कहीं घंटेश्वर बना खड़ा है
कहीं विराजित मन्दिर में, कहीं सड़क के बीच पड़ा है
एकमुखी, दोमुखी, कहीं पर पंचमुखी बलवन्ता
उत्तरमुख कहीं दक्षिणमुख, कहीं पश्चिममुख हनुमन्ता
कहाँ कहाँ जाकर 'अलबेला' मैं अब भोग लगाऊं
सवामणी लेकर आया मैं , बोलो कहाँ चढाऊं
बता नाम असली
तेरा धाम असली







