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Friday, April 27, 2012
प्यारे मित्रो, सादर प्रणाम
आओ
आओ आओ एक खेल खेलें...खेल खेलें शेरो-शायरी का
आप सबको निमन्त्रण है इस महफ़िल में -
आप अपनी कोई भी कविता या शेर यहाँ रखें............
मैं उसका उत्तर स्वरचित कविता से दूंगा और तुरन्त दूंगा -
खेल ये है कि आपको मुझे निशब्द करना है . अर्थात ऐसी
कठिन शायरी भेजो जिसका जवाब देने में मुझे कठिनाई हो
.........बड़ा मज़ा आएगा .......तो आ जाओ मैदान में
और भेज दो फड़कती हुई शायरी..........
मैं प्रतीक्षारत हूँ
जय हिन्द
-अलबेला खत्री
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Thursday, January 5, 2012
तुम गुल बनके आओगे तो गुलाब दूंगा
गिन गिन के नहीं दूंगा, बेहिसाब दूंगा
तुम ताल में आओ तो मैं सुर बन जाऊं
पर सवाल करते रहोगे तो जवाब दूंगा
मैं तो चाहता हूँ कि कोई मुझ पर भारी पड़े
पर जब भी पड़े भारी तो नर नहीं नारी पड़े
बेताबी इधर भी है मगर फरियाद नहीं करेंगे
मुन्तज़िर तो हम भी हैं पर याद नहीं करेंगे
_अरे भई क्यों करें ?
भुलाया ही कब था ?
जो बात छुपा कर रखी है, वो बात न मुझसे पूछो तुम.........
कितनी आहें कितने आंसू, हालात न मुझसे पूछो तुम..........
नाम काटना क्या ज़रूरी है ?
आखिर... क्या मज़बूरी है ?
दिल तो दिल से जुड़ा हुआ है
बस कहने की दूरी है
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| singer dilip pandey, kavi albela khatri, musician shekhar desh pande & singer pronita deshpande in finix arizona USA |
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Wednesday, December 21, 2011
नेताओं का काम रुलाना है
अपना तो काम हँसाना है
होगई दो दिन की आरामगी
अब फिर सफ़र पर जाना है
______________22 -23 अहमदाबाद
_________________24 सांपला ( हरियाणा )
_________________25 पिलानी (राजस्थान)
_____________लाज रखना प्रभो !
सभी मित्रों को तब तक नमस्कार और जय हिन्द !