दीपावली की दोहावली
दीप जले आँगन खिले, गूंजे मंगल श्लोक
धनतेरस बरसायेगी, घर घर में आलोक
पैसा जिसके पास है, उसका है ये फ़र्ज़
खुशियाँ दे धनहीन को, नहीं बने खुदगर्ज़
दीपोत्सव हर घर मने, रहे नहीं कोई शेष
खिल खिल हो आनंद की, झूमे पूरा देश
अलबेला विनती करे, हाथ जोड़ कर आज
जिसके तन कपड़ा नहीं, ढांको उसकी लाज
सचमुच की दीपावली, मने यार इस बार
रोशन रोशन कीजिये, सबका घर संसार
__धनतेरस की हार्दिक शुभकामनायें
-अलबेला खत्री
-आरती खत्री
-आलोक खत्री
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