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Albela Khatri

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mulayamsingh ko netaji kahna NETAJI SUBHASHCHANDRA BOSE KA APMAAN HAI


प्यारे मित्रो !
नरेन्द्र मोदीजी का मैं बहुत आदर व सम्मान करता हूँ परन्तु  गोरखपुर की रैली में उन्होंने मुलायमसिंह के लिए  जो सम्बोधन काम में लिया  उससे मुझे बहुत दुःख भी हुआ है.  मुझे कतई उम्मीद नहीं थी कि मोदीजी अपने भाषण में मुलायमसिंह को "नेताजी" कह कर ललकारेंगे ..........  मोदीजी के समर्थकों को मेरा कथन भला लगे या बुरा, परन्तु  मैं मुलायमसिंह को "नेताजी" नहीं कह सकता

"नेताजी" सिर्फ़ एक  हुए हैं अब तक,  इसलिए "नेताजी"  शब्द सुनकर एक ही छवि हमारे सामने उपस्थित होती है और वो छवि है "नेताजी" सुभाषचन्द्र बोस की

"नेताजी" के पाँव की जूती के नीचे लगी धूल में चिपके हुए गन्दे कीटाणु भी मुलायमसिंह जैसे आजकल के नेताओं से कहीं अधिक पवित्र और कहीं अधिक गौरवपूर्ण है - हो सके तो मोदीजी इस भूल को स्वीकार करें और भविष्य में कभी किसी भी नेता को पुकारते हुए "नेताजी" न कहें
जय हिन्द !
अलबेला खत्री


नरेन्द्र मोदी को सबक सिखाने और हाशिये पर लाने के लिए प्रधानमन्त्री का प्रत्याशी बनाया है ?


* कुछ लोग कहते हैं कि नरेन्द्र मोदी को सबक सिखाने और हाशिये पर लाने के लिए भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने जानबूझ कर केवल इसलिए उन्हें प्रधानमन्त्री का प्रत्याशी बनाया है  ताकि गुजरात की मुख्यमन्त्री वाली कुर्सी उनके हाथ से निकल जाये -

जिस दिन मोदी मुख्यमन्त्री नहीं रहेंगे, उस दिन विभिन्न दलों के विरोध की आड़ ले कर, प्रधानमन्त्री का प्रत्याशी लालकृष्ण अडवाणी को बना दिया जायेगा - यानी ऐसी हालत कर दी जाएगी कि न तो दिल्ली के रहेंगे और न ही गुजरात के ----

** कुछ लोग कहते हैं कि  कांग्रेस की परछाई पार्टी आआपा कांग्रेस को मिलने वाले उन सारे वोटों को अपनी ओर खींच लेगी जिनके दम पर  भाजपा सरकार बनाने के ख्वाब देख रही है. परिणामतः झाड़ू +पंजा मिल कर बहुमत हासिल कर लेंगे और भाजपा, दिल्ली की ही तरह सबसे बड़ी विजेता पार्टी होकर भी सरकार नहीं बना पायेगी

***कुछ लोग कहते हैं _______अरे हटाओ, मुझे क्या करना है ये जान कर कि कौन क्या कहता है ?  मुझे तो ये भरोसा है कि देश की जनता अब अपने मताधिकार का महत्व समझ गई है और  ये भी जान चुकी है कि कौन उसके मत का सही पात्र है इसलिए  कयास  और अटकलों की ऐसी की तैसी, मुझे भरोसा है कि देश की जनता इस बार कांग्रेस का सफ़ाया करेगी, उसकी परछाई का भी सफ़ाया करेगी तथा भारत की उन्नति व प्रगति के लिए नरेन्द्र भाई मोदी को ही अपना आशीर्वाद और सम्बल देगी

जय हिन्द !
अलबेला खत्री

namo namo bharat - congress mukt bharat

hasyakavi albela khatri ki mehfil

agrawal samaj ke prernasrot shri chandrabhan khordia nahin rahe


AAJ KI KHUSHI ME DUKH BHI SHAMIL HAI DOSTO ! 


kudrat bhi kya kya rang dikhati hai ......maine sapne me bhi kalpna 


nahin ki thi ki jinke charan chhokar aaj aashirwaad lena tha .......

unkee ki shoksabha me jana padega .....


na keval surat balki asam se le kar rajasthan tak sammanit aur  suvikhyat 


samajsevi  baboo shri CHANDRABHAN KHORDIA jo ki  mere param 

mitra MUKESH KHORDIA  ke poojya dadaji  aur samast khordia parivar 

ke sath sath  agrawal samaj ke prernasrot  the ka asaamyik nidhan  ho 

jane se mujhe bahut dukh pahuncha hai kyonki mera bhi unse bada prem 

aur lagaav tha . surat me HAMARA GUJARAT ke prastutikaran  me unka 

bada yogdaan raha ......parmatma  divangat aatma ko apne shri charnon 

me sthan pradan kare  aur khordia parivar ko yah vajrapat  sahne ki kshmata 

pradaan kare . isee vinamra vinamra bhaavanjali ke sath maine aaj ka mera 

sara program radd kar diya hai  aur bairth day party   nahin manaunga .


om shanti  shanti shanti 



- albela khatri 


shri chandrabhan khordia & shri mukesh khordia

खुजली है भाई खुजली है


खुजली है भाई खुजली है 

खुजली है भाई खुजली है 

ये like से घटती है 

ये comment  से मिटती है 

खुजली है भाई खुजली है 

face book वाली खुजली है

जय हिन्द

पत्ते - पत्ते में भरा है रंग तेरे प्यार का, तेरे मुस्कुराने से है मौसम बहार का




प्रकृति में मानव की माता का आभास है

प्रकृति में प्रभु के सृजन की सुवास है  




प्रकृति के आँचल में अमृत के धारे हैं 

नदी-नहरों में इसी  दूध के फौव्वारे हैं
 

प्राकृतिक ममता की मीठी-मीठी छाँव में 

 झांझर सी बजती है पवन के पाँव में

छोटे बड़े ऊँचे नीचे सभी तुझे प्यारे माँ

 हम सारे मानव  तेरी आँखों के तारे माँ 

भेद-भाव नहीं करती किसी के साथ रे 

सभी के सरों पे तेरा एक जैसा हाथ रे 

गैन्दे में गुलाब में चमेली में चिनार में 

पीपल बबूल नीम आम देवदार में 

पत्ते - पत्ते में भरा है रंग तेरे प्यार का 

तेरे मुस्कुराने से है मौसम बहार का 

झरनों में माता तेरी ममता का जल है 

सागरों की लहरों में तेरी हलचल है

वादियों में माता तेरे रूप का नज़ारा है 

कलियों का खिलखिलाना तेरा ही इशारा है


तूने जो दिया है वो दिया है बेहिसाब माँ 

हुआ है न होगा कभी, तोहरा जवाब माँ


तेरी महिमा का मैया नहीं कोई पार रे 

तेरी गोद में खेले हैं सारे अवतार रे


सोना चाँदी ताम्बा लोहा कांसी की तू खान माँ 

हीरों- पन्नों का दिया है तूने वरदान माँ 

तेरे ही क़रम से हैं सारे पकवान माँ 

कैसे हम चुकाएंगे तेरे एहसान माँ 

तेरी धानी चूनर की शान है निराली रे 

दशों ही दिशाओं में फैली है हरियाली रे 

केसर और चन्दन की देह में जो बन्द है 

मैया तेरी काया की ही पावन सुगन्ध है 

यीशु पे मोहम्मद पे मीरा पे कबीर पे 

नानक पे बुद्ध पे दया पे महावीर पे 

सभी महापुरुषों पे तेरे उपकार माँ 

सभी ने पाया है तेरे आँचल का प्यार माँ 

पन्छियों के चहचहाने में है तेरी आरती 

भोर में हवाएं तेरा आँगन बुहारती 

सभी के लबों पे माता तेरा गुणगान है 

जगत जननी तू महान है महान है


वे जो तेरी काया पे कुल्हाडियाँ चलाते हैं 

हरे भरे जंगलों को सहरा बनाते हैं

ऐसे शैतानों पे भी न आया तुझे क्रोध माँ 

तूने नहीं किया किसी चोट का विरोध माँ 

मद्धम पड़े न कभी आभा तेरे तन की

लगे न नज़र तुझे किसी दुश्मन की

मालिक से मांगते हैं यही दिन रात माँ

यूँ ही हँसती गाती रहे सारी कायनात माँ

चम्बे की तराइयों में तू ही मुस्कुराती है

हिमालय की चोटियों में तू ही खिलखिलाती है

तुझ जैसा जग में न दानी कोई दूजा रे

मैया तेरे चरणों की करें हम पूजा रे

बच्चे-बच्ची बूढे-बूढी हों या छोरे-छोरियां

सभी को सुनाई देती माता तेरी लोरियां 

तेरे अधरों से कान्हा मुरली बजाता है

तुझे देखने से माता वो भी याद आता है 

तुझ से ही जन्मे हैं ,तुझी में समायेंगे

तुझ से बिछुड़ के मानव  कहाँ जायेंगे 

तेरी गोद सा सहारा कहाँ कोई और माँ

तेरे बिना मानव  को कहाँ कोई ठौर माँ 

ग़ालिब की ग़ज़लें ,खैयाम की रुबाइयाँ

पद्य सूरदास के व तुलसी की चौपाइयां 

तेरी प्रेरणा से ही तो रचे सारे ग्रन्थ हैं

तूने जगमगाया माता साहित्य का पन्थ है


मानव की मिट्टी में मिलाओ अब प्यार माँ


जल रहा है नफ़रतों में आज संसार माँ  



-अलबेला खत्री 




इसीलिए हे पवनपुत्र ! मैं तेरी शरण में आया


क्या मुस्लिम,क्या सिक्ख, इसाई, क्या वैष्णव,क्या जैन

सब के सब हैरान यहाँ पर, सब के सब बेचैन


खादी वाले जनता का  धन लूट रहे  दिन-रैन


हाय !  लुटेरों के शासन में, भीगे सब के  नैन


क्या होगा कल हाल देश का, सोच सोच घबराया


इसीलिए हे पवनपुत्र ! मैं तेरी शरण में आया


प्यारे अन्जनी के लाल !


हमें संकट से निकाल !




धर्म के ठेकेदार  हमें टुकड़ों में बाँट रहे हैं


छंटे छंटाये लोग आज लोगों को छाँट रहे हैं


करुणा की काया को दीमक बन के चाट रहे हैं


मानवता के कल्पवृक्ष को जड़ से काट रहे हैं


खुदगर्ज़ी में इन्सां  ने इन्सां का ख़ून बहाया


इसीलिए हे पवनपुत्र !  मैं तेरी शरण में आया


प्यारे अन्जनी के लाल !


हमें संकट से निकाल !




लालच में असली डॉक्टर भी नकली दवा चलाते


हलवाई नकली  मावा  से नकली  माल   बनाते


व्यापारी भी नकली  मिर्च-मसाले हमें  खिलाते


दूध-दही, फल-फ्रूट, साग-सब्ज़ी भी नकली आते


गद्दारों ने बैंकों  तक में  नकली नोट चलाया


इसीलिए हे पवनपुत्र !  मैं तेरी शरण में आया


प्यारे अन्जनी के लाल !


हमें संकट से निकाल !



जय हिन्द


-अलबेला खत्री 







urgently wanted actor / actress for albelakhatri's TUMHARI YAAD AATI HAI

urgently wanted actor / actress  

for  albelakhatri's new creation 

tikammusic bank presents

TUMHARI  YAAD  AATI  HAI 







wotch & enjoy super hero narendra modi as prime minister in up coming film


हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा राष्ट्रहित में प्रचारित व प्रसारित



इसलिए लोग कहते हैं कि गरजने वाले बरसते नहीं हैं.........



गरजना
बादल की उकताई और चिल्लाहट है

बरसनाबादल का मदमाना और मुसकाहट है

बादलजब तक बादलों से टकराता है,
बेचारा बोर होता है

लेकिन
बादल जब बादली से मिलता है
तो भाव विभोर होता है

बादल का बादल से घर्षण
दोनों को ही क्या आकर्षण
कितना भी कर लें संघर्षण
किन्तु नहीं हो सकता वर्षण

बादल जब तक आपस में टकराते हैं
केवल बिजलियाँ ही पैदा कर पाते हैं
वे कामाग्नि में दग्ध हो, चिल्लाते हैं
गरज गरज कर अपना रोष दिखाते हैं

तड़प तड़प कर
बिलख बिलख कर
हाहाकार मचाते हैं

भड़क भड़क कर
कड़क कड़क कर
बिजली ख़ूब गिराते हैं

लेकिन जब बादल बादली से मिलता है
तभी हृदय में प्रेम का शतदल खिलता है

चिल्लाना बन्द हो जाता है
बिजली गिरना रुक जाता है
रौद्ररूप को त्याग वो झटपट
विनय भाव से झुक जाता है

दोनों बदन उत्तेजित होते
दोनों मन ऊर्जस्वित होते

चरमबिन्दु पर पहुंचे मिलन जब
बान्ध तोड़, होता है स्खलन जब

बदली तृप्ति से खिल जाती
बादल को तुष्टि मिल जाती

मन भर जाता, भारी हो कर नम हो जाता है
तब आन्सू का क़तरा भी शबनम हो जाता है

बादल-बदली की रूहें
जब हर्षा जाती हैतब वर्षा आती है
तब वर्षा आती है
तब वर्षा आती है


बदरा जब तक बदली से मिलता नहीं है
उसके मन का मोगरा खिलता नहीं है

ये बादल बड़े हठीले हैं
जब तक स्वयं सरसते नहीं हैं

बाहर कितना भी गरजें
पर भीतर से ये बरसते नहीं हैं

इसलिए लोग कहते हैं कि गरजने वाले
बरसते नहीं हैं

बरसते नहीं हैं
बरसते नहीं हैं

-अलबेला खत्री


 

हमें एक योद्धा कप्तान की ज़रूरत है, वयोवृद्ध और लाचार शासक की नहीं .


मेरे प्यारे देश वासियों

आप किसी भी राजनैतिक  विचारधारा अथवा दल के समर्थक क्यों न हों, एक 


बात तो माननी ही पड़ेगी  कि  सारे दल और दलगत  निष्ठाएं  तभी तक कारगर 

हैं जब तक कि देश सुरक्षित है .  देश की क़ीमत पर किसी भी दल या विचारधारा 

को सहन नहीं किया जा सकता .


दुर्भाग्य से  सोनिया भाभी  द्वारा संचालित वर्तमान सरकार ने  देश को  इतना  


पीछे धकेल दिया है  कि  हर तरफ अँधेरा  नज़र आने  लगा  है .  ऐसे में यदि कोई 

आशा का  कोई सूर्य  हमारे  पास है जो  भारत के सम्मान और स्वाभिमान  को 

पूरे वैभव के साथ पुनः स्थापित  कर सके तो वो सिर्फ़ और सिर्फ़  नरेन्द्र भाई मोदी 

है .इसलिए  सभी जागरूक  और  देशभक्त नागरिकों को चाहिए कि वे दलगत 

राजनीति से ऊपर उठ कर  अब राष्ट्रहित में श्री मोदी को  बहुमत से मुल्क़ की 

बागडोर सौंपे .


परन्तु  नरेन्द्र मोदी को देश बचाने व चलाने की ज़िम्मेदारी  देनी है तो अभी  


दीजिये,  यही  समय है  उसको अवसर देने का . इतना विलम्ब न करें जितना 

अटल बिहारी वाजपेयी के लिए कर दिया था . शेर के  बूढा होने का इन्तेज़ार मत 

कीजिये,,,,,,,,,,,,,,, हमें एक योद्धा कप्तान की ज़रूरत है, वयोवृद्ध और लाचार 

शासक की नहीं .

जय हिन्द 



इंग्लैण्ड को उसके घर में रौंद कर, भारत ने किया चैम्पियन ट्रॉफी पर कब्ज़ा .. बधाई बधाई बधाई


सृष्टि के स्टेडियम में, 

धरती की पिच पर, 


श्वास श्वास ओवर है, प्राण का विकेट है  



काल गेंदबाज़ और 


देह बल्लेबाज़ है जी, 


अम्पायर धर्मराज,  कर्म रन  रेट है  



फ़ील्डिंग बीमारियों ने, 


रखी है सम्हाल और 


विकेट कीपिंग पर यमराज सेट है 



एक  दिन गिल्लियों का, 


उड़ना सुनिश्चित है,  


ऐसा लगता है मानो जीवन  क्रिकेट है 



-अलबेला खत्री


जय हिन्द 



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