Posted by
Unknown
Saturday, June 15, 2013
गुमशुदा
रचना की तलाश में अपने मुख्य ब्लॉग पर कल एक पोस्ट मैंने
किसलिए लगाईं
थी, यह तो मैं ख़ुद नहीं जानता, लेकिन परिणाम बड़ा अच्छा
आया, ये मैं जानता
हूँ . जिस ब्लॉग पर रक्तदान जैसे संवेदनात्मक विषय पर
पाठकों की
संख्या केवल तीन अंकों में थी, मेरी रचना का जादू ऐसा चला
कि पाठक संख्या सीधे चार अंकों में पहुँच गयी .
पहले
मैं समझता था कि लोग ज़्यादातर केवल जापानी तेल, सेक्स, सविता
भाभी,
जवानी और छाती से छाती मिली जैसी शब्दावलियाँ ही बांचते हैं . लेकिन
आज
मुझे एहसास होगया कि यहाँ मेरी रचना भी काफी हॉट है . लिहाज़ा
मैंने
निर्णय कर लिया है कि मैं भी अब अपने ब्लॉग पर फिर से लिखना शुरू करूँगा
.....और अन्य ब्लोग्गर बन्धुओं की रचनाएं बांच कर उन्हें लगातार
टिप्पणियां
भी दूंगा . इससे दो फ़ायदे एक साथ होंगे, एक तो ये कि मुझे
नई नई रचनाओं
को पढने का अवसर मिलेगा, दूसरा मैं जिन्हें टिप्पणियां दूंगा,
वे भी ब्लॉग पर आयेंगे
मेरी रचना का आनंद लेने के लिए ............
जय हिन्द !
Posted by
Unknown
Sunday, March 24, 2013
प्यारे साथियो, भावभीना नमस्कार .
बीती रात कलोल में इफ्को परिसर में
एक शानदार हास्य कवि-सम्मेलन
संपन्न हुआ . कवियों की संख्या भले ही कुल
चार थी, परन्तु ठहाकों और
तालियों की गूंज चार घंटे तक समूचे अंचल में
गूंजती रही . इफ्को के
नवरात्रि महोत्सव के समापन अवसर पर, शहीदी दिवस के
उपलक्ष्य में
होली के रंगों को समर्पित इस रंगारंग काव्य-समारोह का रसीला
सञ्चालन
हास्यकवि अलबेला खत्री ने किया और एक एक करके अपने तीन साथी
कवियों
को प्रस्तुत किया . इफ्को की कलोल यूनिट के मुखिया श्री शमशेर सिंह
समेत
अनेक वरिष्ठ महाप्रबंधक चार घंटे तक मंत्र मुग्ध हो कर काव्य का आनंद
लेते रहे .
जय हिन्द !
Posted by
Unknown
Friday, August 26, 2011
मेरे मासूम देश के ज़ालिम हुक्मरानों !
इन्सान की खाल ओढ़े हुए हैवानों !
तुम्हें ज़रा भी लज्जा नहीं आती अपने आप से....हराम का सीमेन्ट,
सरिया,लोहा, लंगड़ खा खा कर क्या तुम इतने कठोर हो गये हो कि
तुम्हे भारत माँ का आर्तनाद भी अब सुनाई नहीं देता ? करोड़ों
लोगों का हुजूम दिखाई नहीं देता ?
74 -75 साल का एक बुजुर्ग आदमी पिछले 11 दिन से केवल
पानी पी कर ज़िन्दा है और तुम तमाशा देख रहे हो ?
शर्म आनी चाहिए तुम्हें मेरे मुल्क के नेताओं ! जो काम तुम्हारा
था, जिस काम के लिए तुमको भेजा गया था वह आज अन्ना
के नेतृत्व में अगर अवाम कर रहा तो तुम उसका समर्थन
करने के बजाय उसका विरोध कर रहे हो ?
थू है तुम पर...........और तुम्हारी हिजड़ा पार्टियों पर
देश से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए यदि देश के नागरिकों को
अनशन पर बैठना पड़े तो राम ही राखे इस देश को ...
जय हिन्द !