आंगणियो भी धोयो, बाबा भींतां भी धुवाई
बैठण नै थारै, सोहणी चौकी भी सजाई
चौखट पै फूल नहीं, पलकां बिछाई
अब तो आजा रै
दरस कराजा रै
तू भी भक्त रामजी को, म्हे भी भक्त राम का
तू भी म्हारै काम को है, म्हे भी तेरै काम का
आज म्हारै काम सै म्हे आवाज़ लगाई
तेरै आगै हाथ जोड़, करां हाँ दुहाई
अब तो म्हारै केस की तू कर सुणवाई
हनुमत आजा रै
कष्ट मिटाजा रै
जनता की आंख्यां म्ह है आँसू आज खून का
ज़िन्दगी म्ह नहीं बाबा, दो पल सुकून का
दहशतवादयाँ बम फोड़, दहशत फैलाई
मुम्बई का घाव देख, आँख्यां भर आई
चारुं कानी मौत की घुमै है परछाई
इन्है हटा जा रै
बजरंग आजा रै
_______________अलबेला खत्री