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Albela Khatri

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नि:सन्देह नरेन्द्र मोदी सब से श्रेष्ठ है, सर्वश्रेष्ठ है


कुछ लोग मुझ पर आरोप लगाते हैं और लगा भी सकते हैं कि मैं आजकल कविताकार्य से अधिक राजनैतिक जुमले सोचता,लिखता और प्रकाशित करता हूँ परन्तु मुझे इसकी फ़िक्र नहीं है क्योंकि मैं समझता हूँ  ये समय चुप रहने का नहीं ,,,,,,,, व्यावसायिक नुक्सान हो तो हो,  कुछ लोग नरेन्द्र मोदी का पिट्ठू कहे तो भी चलेगा, परन्तु  मुझे जो जैसा दिख रहा है उसे अभिव्यक्त अवश्य करूँगा

सत्ता के  इस खेल के सभी खिलाड़ी अपने ही हैं,  कोई बाहरी तत्त्व  नहीं है, यहाँ किसी एक को  ज़हरीला बता कर दूसरे को अमृतधारा नहीं कहा जा सकता क्योंकि  सभी पंछी इक डाल के होने के कारण हम सभी कहीं  न कहीं एक ही जगह खड़े हुए दिखाई देते हैं  - ये माना कि  अगर अनेक लोग भ्रष्ट हैं तो नरेन्द्र मोदी भी कोई धर्मराज युधिष्टर नहीं हैं,  परन्तु  हमारी मज़बूरी ये है कि हमें अपना नेता चुनना इन्हीं में से कोई है ----लिहाज़ा  अन्धों में से काणा चुनना है,  कालों में से सांवला चुनना है और  भ्रष्टों में से कम भ्रष्ट चुनना है

ऐसा व्यक्ति चुनना है देश के सिंहासन पर बिठाने के लिए जो उपलब्ध सभी में से श्रेष्ठ हो ___और नि:सन्देह नरेन्द्र मोदी सब से श्रेष्ठ है, सर्वश्रेष्ठ है

जय हिन्द !
अलबेला खत्री 





रोज़ तुम फोटो न बदलो लिबास की तरह, फेस बुक पे मिलो फ़क़त एहसास की तरह




 

तुम्हारी हार में मुझको मेरी ही हार लगती है

तुम्हारे जाने की बातें तेज़ तलवार लगती है


मोहब्बत में  कोई भी गेम निर्णायक नहीं होगा


धड़कने धड़कनों से वस्ल को तैयार लगती है 





ये एहसास-ए-मोहब्बत है, जो दिल वालों को होता है


ये वायरस लग गया जिसको, वो हँसने में भी रोता है


मुझे जाना पड़ेगा पर, मैं जल्दी  लौट आऊंगा


तुम्हारी आँख का आँसू, मेरा दामन भिगोता है






कुछ लोग मिस करेंगे


कुछ लोग किस करेंगे


हम तो चले सफ़र पर


अपना बिजनिस करेंगे



रोज़ तुम फोटो न बदलो लिबास की  तरह


फेस बुक पे मिलो फ़क़त एहसास की तरह


गुलाबों की  तरह मत रंग  दिखलाया करो


ज़िन्दगी में  काम आओ  कपास की तरह 



ख़ुशियाँ मोहताज़ नहीं होतीं किसी हासिल की


तुमने मस्ती नहीं देखी क्या किसी गाफिल की


हम तो सर भी कलम करालें अपना तो क्या है ?


बस तबस्सुम  एक मिल जाये मुझे क़ातिल की



अब तो मैं हद से गुज़र जाऊं तो भी तम नहीं


चाहे जितना दर्द हो, पर आँख होगी नम नहीं


तुमने जब इकरार कर लिया है मोहब्बत का


सफ़र में मर भी गया, तो अब होगा ग़म नहीं



8 को अहमदाबाद, 9  को  धार, 
11 को  जयपुर  और  14 को सागर  विश्व विद्यालय 
के  प्रोग्राम  करने जा रहा हूँ  पर जाते जाते आपके 
लिए  आज की  तुकबन्दियाँ छोड़ के जा रहा हूँ...........
L.P.S. of USA ke sammelan 1999  me sh. c.m.patel,albela khatri, naranji patel aur d.v.patel  san jose cl.USA me albela khatri ki pustak ka lokarpan karte hue


जयपुर में दैनिक भास्कर ने सराहा "हे हनुमान बचालो" के गीतों को


सिर्फ़ सुरक्षा मांगता, अपना हिन्दुस्तान





बजरंगी की देह पर, चढ़ा दिया  सिन्दूर

अब मन में विश्वास है, होंगे सब दुःख दूर


मंगल मेरी भावना , मंगल तेरा रूप

भारत का मंगल करो, तब है बात अनूप


श्रद्धा और विश्वास से,  आया तेरे धाम

हे हनुमत अब आप भी, कर दो मेरा काम


काम मेरा मुश्किल नहीं, सरल है हे हनुमान

सिर्फ़ सुरक्षा  मांगता, अपना हिन्दुस्तान


-अलबेला खत्री














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