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Albela Khatri

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हिन्दी वीडियो फ़िल्म में काम करने के इच्छुक कलाकार तुरन्त अपना प्रोफाइल भेजें


तुरन्त चाहिये 

एक हिन्दी वीडियो फ़िल्म में काम करने तथा 

वैश्विक स्तर पर लाइव परफोर्मेंस के लिए तुरन्त आवश्यकता है :

अभिनेता / अभिनेत्री 

गीतकार 

गायक / गायिका 
 
मेल / फ़ीमेल डांसर्स  तथा  कॉमेडी के लाइव स्टेज पर्फ़ोर्मर्स की 

इच्छुक  कलाकार तुरन्त अपना प्रोफाइल  भेजें :

tcmusicbank@yahoo.com


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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी से हास्यकवि अलबेला खत्री की साहित्यिक मुलाकात


प्यारे मित्रो नमस्कार

गाँधी नगर में मेरा कल का दिन बहुत ऊर्जा  और प्रफुल्लता भरा 


रहा .  अहमदाबाद  के बंधुवर  राजकुमार भक्कड़ के सौजन्य से  

अनेकानेक  दिग्गज  हस्तियों से  मुलाकात का सिलसिला  दिन भर 

चला . विशेषकर ऊर्जा, शौर्य  और पराक्रम के प्रतीक पुरूष, गुजरात 

के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी से एक लम्बी भेंट हुई तथा उन पर 

रचित एक लम्बी कविता उन्हीं के कार्यालय में सुनाने व भेंट करने का 

अवसर मिला .


मोदीजी ने बड़े आनंद से पूरी रचना का श्रवण करने के बाद जो टिप्पणी 


की वो उनकी आत्मिक विनम्रता की सुगंध थी ...उनकी  शुभ कामनाओं  

की महक  मुझे बहुत दिनों  तक  आह्लादित रखेगी

जय हिन्द ! 








यह एक ओछी और घटिया मानसिकता है जिससे उर्दू वालों को बचना चाहिए



अभी हाल ही एक नवोदित हिन्दी कवयित्री को सिर्फ़ इसलिए 

सरे-महफ़िल शर्मसार होना पड़ा क्योंकि उसे चन्द उर्दू लफ़्ज़ों का 

 मुकम्मल ज्ञान नहीं था . अपने आप को खां साहब समझने वाले 

कुछ उर्दू शायरों ने उसकी खूब लाहनत-मलामत की .........यह देख 

मुझे दुःख हुआ . बहुत दुःख हुआ .


उर्दू में लिखने वाले लोग हिंदी में लिखने वालों को नीचा दिखाने का 


कोई मौका नहीं चूकते . मौका न मिले तो उसे पैदा कर लेते हैं . यह 

एक ओछी और घटिया मानसिकता है जिससे उर्दू वालों को बचना 

चाहिए . क्योंकि कुछ शब्द उर्दू में ऐसे हैं जिनके बारे में सही उच्चारण 

का हर हिन्दी  भाषी को पता नहीं है . इसका मतलब यह नहीं कि आप 

हिन्दी भाषी का मज़ाक उड़ाने के अधिकारी हो गए .

हार्दिक दुःख सहित


-अलबेला खत्री

संघ के हाथ तले, मोदी का राज चले ...........


चिपकाए बैठे फेविकोल से ..................

आपसे पहले भी बड़े बड़े तुर्रमखां इस ज़हर को वितरित कर के गए हैं



सच कहते हो राहुल बाबा

सत्ता इक ज़हर है



लेकिन आपकी मम्मी की आँखों में आंसू क्यों आ गए आपको यह 


ज़हर थमाते हुए, यह मेरी समझ में नहीं आया . क्योंकि  आपको तो 

यह ज़हर सिर्फ बांटना है, पीना और पी कर मरना तो जनता को है .


आपसे पहले भी  बड़े बड़े तुर्रमखां  इस ज़हर को वितरित कर के गए हैं . 


कुछ आपकी पार्टी वाले थे, कुछ उनकी पार्टी वाले थे, जो भी आया, 

जनता के लिए ज़हर ही लाया .........अब आपकी मम्मी ने आपको दिया 

है  तो आप भी यही कीजिये ...लीजिये लीजिये जनता की बची खुची 

जान आप भी लीजिये

जय हिन्द ! 


गाड़ी बुला रही है, सीटी बजा रही है, चलो अलबेला खत्री चलें काम पर


हिंगलाज माता की नई आरती देखिये और आनंद लीजिये

                                    हास्यकवि अलबेला खत्री रचित हिंगलाज माता की नई आरती 

भ्रष्टाचारी नेताओं को नंगा करता वीडियो आपके लिए लाया है हास्यकवि अलबेला खत्री



12 मई की शाम सिल्कसिटी सूरत को मिलेगा एक यादगार उपहार



ठहाकों की एक शाम,

 सिल्कसिटी के नाम


सूरत : आगामी शनिवार की शाम सूरत को ठहाकों का ज़बरदस्त 

उपहार मिलने वाला है . रचनाकार साहित्य संस्थान  द्वारा 12 मई 

की  शाम  चौपाटी स्थित  सार्वजनिक एज्युकेशन  सोसायटी के 

तारा मोती ऑडिटोरियम में "ठहाकों की  एक शाम- सिल्कसिटी  

के नाम" आयोजित की है  जिसमे  दी  ग्रेट इन्डियन लाफ्टर  

चैलेन्ज  के  सुप्रसिद्ध हास्य सितारे  राजन श्रीवास्तव, 

विनोद कुमार और  राजन  इंगले के अलावा  शेरो-शायरी की  

मल्लिका  शबीना अदीब भी अपनी प्रस्तुति देंगी. ठहाका नाईट  

का रंगारंग संचालन  सूरत निवासी  लाफ़्टर चैम्पियन  

अलबेला खत्री करेंगे. 


इस अवसर पर  श्री खत्री  की  नई ऑडियो सी डी "हे हनुमान 

बचालो"  का लोकार्पण  होगा  तथा  शहर के जाने माने  

कलाप्रेमी नरेश कापड़िया  को उनकी अप्रतिम कला सेवा के 

लिए सारस्वत सम्मान से अभिनंदित  किया जायेगा  जिसके 

अंतर्गत  उन्हें ग्यारह हज़ार रुपये नगद, सम्मान प्रतीक और 

शाल-श्रीफल  भेन्ट किये जायेंगे. समारोह  की अध्यक्षता 

आयकर  आयुक्त  मुंबई  श्री सुबचन राम करेंगे  जबकि  मुख्य 

अतिथि  के रूप में  एडिशनल कलक्टर  सूरत श्री अजीत खत्री  

तथा विशिष्ट अतिथि के  रूप में  सुप्रसिद्ध उद्योगपति  श्री अतुल 

तुलस्यान  एवं  श्री मुकेश अग्रवाल (खोर्डिया ) उपस्थित  रहेंगे . 

रचनाकार प्रवक्ता ने बताया कि गर्मी की इस भयंकर तपन में 

यह कार्यक्रम  एक ठंडी फुहार जैसा एहसास देगा . 

जय हिन्द


रोज़ तुम फोटो न बदलो लिबास की तरह, फेस बुक पे मिलो फ़क़त एहसास की तरह




 

तुम्हारी हार में मुझको मेरी ही हार लगती है

तुम्हारे जाने की बातें तेज़ तलवार लगती है


मोहब्बत में  कोई भी गेम निर्णायक नहीं होगा


धड़कने धड़कनों से वस्ल को तैयार लगती है 





ये एहसास-ए-मोहब्बत है, जो दिल वालों को होता है


ये वायरस लग गया जिसको, वो हँसने में भी रोता है


मुझे जाना पड़ेगा पर, मैं जल्दी  लौट आऊंगा


तुम्हारी आँख का आँसू, मेरा दामन भिगोता है






कुछ लोग मिस करेंगे


कुछ लोग किस करेंगे


हम तो चले सफ़र पर


अपना बिजनिस करेंगे



रोज़ तुम फोटो न बदलो लिबास की  तरह


फेस बुक पे मिलो फ़क़त एहसास की तरह


गुलाबों की  तरह मत रंग  दिखलाया करो


ज़िन्दगी में  काम आओ  कपास की तरह 



ख़ुशियाँ मोहताज़ नहीं होतीं किसी हासिल की


तुमने मस्ती नहीं देखी क्या किसी गाफिल की


हम तो सर भी कलम करालें अपना तो क्या है ?


बस तबस्सुम  एक मिल जाये मुझे क़ातिल की



अब तो मैं हद से गुज़र जाऊं तो भी तम नहीं


चाहे जितना दर्द हो, पर आँख होगी नम नहीं


तुमने जब इकरार कर लिया है मोहब्बत का


सफ़र में मर भी गया, तो अब होगा ग़म नहीं



8 को अहमदाबाद, 9  को  धार, 
11 को  जयपुर  और  14 को सागर  विश्व विद्यालय 
के  प्रोग्राम  करने जा रहा हूँ  पर जाते जाते आपके 
लिए  आज की  तुकबन्दियाँ छोड़ के जा रहा हूँ...........
L.P.S. of USA ke sammelan 1999  me sh. c.m.patel,albela khatri, naranji patel aur d.v.patel  san jose cl.USA me albela khatri ki pustak ka lokarpan karte hue


दाउद की माँ भी आखिर कब तक खैर मनाएगी ?


वीरप्पन निपट गया
प्रभाकरन निपट गया
फूलन निपट गई
लादेन भी निपट गया
सद्दाम हुसैन का  हुआ सफ़ाया 
गद्दाफी  की  भी  निपटी काया

अब दाउद की माँ भी आखिर कब तक खैर मनाएगी ?
आएगी आएगी....यमराज को इसकी याद भी आएगी


फ़ांसी देने वाला रस्सा तैयार न हो तो फिर करोड़ों रुपया तैयार रखो अपने दामादों का मौताणा चुकाने के लिए





भाई देश चलाने वाले 

डेढ़ हुशियार नेताओ, प्रशासको, अधीनस्थ अधिकारी  इत्यादियो ! 



आपको अफज़ल गुरू  


या अजमल कसाब को  फांसी  पर लटकाने  में दिलचस्पी नहीं है 

तो कोई बात नहीं, 


मुझे भी कोई जल्दी नहीं है उनकी  मौत का समाचार बांचने की 

लेकिन इतना तो बताओ  कि अगर  ये लोग  तुम्हारे  बिना कुछ किये, अगर अपनी

मौत मर गये  तो क्या होगा ?


ये सच है कि  जो जन्मा है वह एक दिन मरेगा ही..........कब मरेगा  ये कोई भी नहीं

जानता, भगवान न करे अगर कसाब  या अफजल अगर  टें बोल गये और तुम्हारी

हिरासत में बोल गये तो कितना रुपया चुकाओगे  मुआवज़े का ?


ये मानवाधिकार वाले,  ये राष्ट्रसंघ वाले, ये पाकिस्तान वाले, ये वाले, वो वाले  जब

हिसाब मांगेंगे कि कैसे मर गये,  तब क्या कहोगे ? इस बात का विचार करो  और 

फ़ांसी  देने  वाला रस्सा तैयार न हो तो  फिर करोड़ों रुपया तैयार रखो अपने

दामादों का  मौताणा चुकाने के लिए


जय हिन्द ! 




देश के लिए मरना बड़ी बात नहीं है अन्ना जी ! देश के लिए जीना बड़ी बात है ...इसलिए अब आप अनशन त्याग दीजिये.......प्लीज़






आदरणीय अन्ना जी !

जिस महान मकसद के लिए आपने  कदम  उठाया,  वह लगभग हासिल


हो चुका है . भले ही अभी  काम पूरा नहीं हुआ  लेकिन जितना हुआ है  वह


ऐतिहासिक  है  और अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है . वह कोई कम नहीं है . 


 
सारी पार्टियाँ, सारे दल  एक ही मुद्दे पर  संसद में चर्चा  करते  हुए जिस

प्रकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध  आपकी जंग  को समर्थन  दे रहे थे  उसे देख


कर  मेरी पीढ़ी के  लोगों को गर्व हो रहा था कि  भले ही हमने गांधी को


अंग्रेजों  से लड़ते हुए नहीं देखा,  परन्तु  हम अन्ना को  भ्रष्टाचार  के


खिलाफ लड़ते हुए न केवल देख रहे हैं  अपितु  यथाशक्ति अपना  साथ 


भी  दे रहे हैं



अब आप  अनशन  तोड़ दीजिये प्रभु !  अब और जिद्द  मत कीजिये .


आपका  हठ अब तक हमें प्रेरित कर रहा था  परन्तु अब हमें  चिंतित


और परेशान करने  लगा है .



12 दिन  से आपने कुछ खाया नहीं है  सिवाय लोकसमर्थन  के, जिससे


बाकी  सारे काम भले ही हो जाएँ पर पेट नहीं भरता  और ज़िन्दा रहने


के लिए पेट भरना ज़रूरी है



देश के लिए मरना कोई बड़ी बात नहीं है ...देश के लिए जीना बड़ी  बात


है . क्योंकि  मरते  तो लोग रोज़ हैं  यहाँ ..कौन पूछ  रहा है  उनके बारे


में ?  वो हेमंत करकरे,  वो संदीप उन्नीकृष्णन  और हज़ारों हज़ार 


फौजी  जो सरहद पर  मर मिट गये देश के लिए.. देश ने कहाँ याद


रखा किसी को, लेकिन जो लोग देश के लिए जिए  ऐसे  अन्ना हज़ारे


को, किरण बेदी को,  बाबा रामदेव को, नरेन्द्र मोदी को, सोनिया गांधी


को, कपिल देव को, सचिन तेंदुलकर को,  बिड़ला को,  टाटा को  और


अमिताभ बच्चन को  पूरा देश जानता, पहचानता और मानता है .


आप रहेंगे तो  सब होगा, सबके सपने पूरे होंगे. अगर आप ही अनशन


पर डटे रहे, तो............हम सब चिन्तित हैं अन्ना !



देश के लिए मरना नहीं, बल्कि देश की  तमाम बुराइयों को  मारना है,


देश के दुश्मनों को मारना है, मारते-मारते मरना  और मरते मरते भी


मारना है, ख़त्म करना है उन तिलचट्टों को जो देश को चट कर रहे हैं 



ये पोस्ट बहुत  लम्बी होती जा रही है  और इत्ती  लम्बी  पोस्ट कोई


पढता नहीं है  इसलिए मेरी  कर बद्ध प्रार्थना है ..कृपया कुछ अन्न


ग्रहण कर लीजिये .


जय हिन्द !



 

दोस्तों और पब्लिक की ज़ोरदार डिमाण्ड पर एक बार फिर मज़ा लीजिये लाफ़्टर के फटके का

दोस्तों  और पब्लिक की ज़ोरदार  डिमाण्ड पर  एक बार फिर  मज़ा लीजिये  लाफ़्टर के फटके का 




www.albelakhatri.com    

हाथ पीले करदो वरना मुंह काला हो जाएगा ................

महिलाओं का मैं बहुत सम्मान करता हूं। हंसने की बात नहीं है, सचमुच करता हूं,
वाकई करता हूं और मैं तो क्या मेरे पिताजी भी किया करते थे। हो सकता है

उनके पिताजी भी करते हों लेकिन मैं गारंटी से कुछ नहीं कह सकता क्योंकि

उस वक्त मैं था नहीं इसलिए देखा नहीं। पर इतना .जरूर जानता हूं कि आदमी

जिससे डरता है उसका सम्मान करता ही है और करना भी चाहिए

नहीं तो महिलायें इतनी तेज़ तथा आत्म निर्भर होती हैं कि ख़ुद करवा लेती हैं

और अपने तरीके से करवा लेती हैं। इतिहास साक्षी है, जिस-जिस व्यक्ति ने

महिलाओं का सम्मान किया, वह मज़े में रहा और जिसने नहीं किया

वह कहीं का नहीं रहा। कंस, रावण, दुर्योधन और दुःशासन जैसे

महाबलियों की कैसी वाट लगी थी, ये हम बचपन से पढ़ते आए हैं।



पुरानी बात छोड़ो, आज के हालात देख लो....

डॉ. मनमोहन सिंह ने एक महिला का विश्र्वास जीत लिया तो बिना चुनाव

लड़े भी देश के प्रधानमंत्री बन गए जबकि अटल बिहारी वाजपेयी कुंवारे

होकर भी एक अखण्ड कुंवारी को ख़ुश नहीं रख सके और उनकी बनी बनाई

गवर्नमेन्ट सि़र्फ एक महिला यानी महारानी जयललिता के कारण गिर गई थी।

लालू यादव ने राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया तो उसके पुण्य-प्रताप से

केन्द्र में रेलमंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया जबकि उन्हीं के बिरादरी भाई

मुलायम सिंह ने मायावती से टक्कर ली तो ऐसी मुंह की खाई

कि सारी हवा निकल गई। ऊपर से मतवाला हाथी सायकल पर ऐसा चढ़ा

था कि पुर्ज़ा पुर्ज़ा रगड़ दिया, रायता बनाकर रख दिया।



इसलिए मेरे भाई, नारी का सम्मान करना .जरूरी है, लाज़िमी है, अनिवार्य है।

क्योंकि सारा का सारा माल महिलाएं दबा के बैठी हैं, पुरूष तो बेचारा

अपने मुंह पर थप्पड़ मार कर गाल लाल रखता है ताकि समाज में

उसकी हेकड़ी बनी रहे। धन दौलत लक्ष्मी मां के पास है,

शक्ति-सामर्थ्य दुर्गा मां के पास है, विद्या-बुद्धि शारदा मां के पास है,

अन्न-औषधि धरती मां के पास है, जल की धारा गंगा-यमुना आदि

माताओं के पास है, दूध-दही की व्यवस्था गाय-भैंस माता के पास है

और बाकी जो बचा वो सब प्रकृति मां के पास है। पुरूषों के पास

छोड़ा क्या है? यहां तक कि जिसके कारण हम सांस लेकर .जिन्दा हैं

वो हवा भी माताजी ही हैं। इसलिए मैंने तो कान पकड़ लिए हैं और

क़सम खा ली है कि चाहे में ख़ुद का सम्मान न करूं, पर महिलाओं का

अवश्य करूंगा और मरते दम तक करता रहूंगा।


हालांकि इस मामले में कुछ लोग मेरे भी उस्ताद हैं। इतने उस्ताद हैं कि

दिन-रात महिलाओं के बारे में ही सोचते रहते हैं और उनका सम्मान

करने का सही मौका ढ़ूंढते रहते हैं। ये पठ्ठे इतने उत्साहीलाल हैं कि

सुबह सवेरे ही घर से निकल पड़ते हैं महिलाओं की तलाश में और

शाम होने तक लगे रहते हैं महिलाओं का सम्मान करने में। इनकी गिद्ध दृष्टि

लगातार ऐसी महिलाओं को ढूंढती रहती है जिसका मन सम्मान

करवाने को मचल रहा हो। आम तौर पर ये भले लोग अपने मिशन में

कामयाब हो जाते हैं और सम्मान प्रक्रिया पूर्ण होने पर

शरीफ़ लोगों की तरह अपने घर चले जाते हैं लेकिन जिस दिन इन्हें कोई

सम्मान कराऊ महिला नहीं मिलती उस दिन वे बेचैन हो जाते हैं

और .जबर्दस्ती सम्मान करने पर उतारू हो जाते हैं। इन्हें रोकने के लिए

तब महिलाओं को शक्ति प्रदर्शन करना पड़ता है कई बार तो पुलिस भी

बुलानी पड़ती है। लेकिन ये पठ्ठे इतने मजबूत हैं कि पुलिसिया मार

खाके भी सुधरते नहीं हैं, थाने से छूटते ही फिर किसी महिला को ढ़ूंढऩे

निकल पड़ते हैं सम्मान करने के लिए। असल में ये लोग कुंवारे होते हैं

इसलिए महिलाओं का सम्मान करने के लिए मरे जाते हैं, जो शादीशुदा

लोग हैं वे इस पचड़े में नहीं पड़ते।


शादीशुदा आदमी तो महिला के नाम से ही आतंकित हो जाता है उनका

सम्मान करना तो दूर की बात है। इसलिए हे मेरे देश के औलाद वालो,

अपनी औलाद को सम्हालो, इनकी दिनचर्या का ध्यान रखो और बेटे की

उम्र शादी लायक होते ही उसके हाथ लाल-पीले कर डालो वरना

किसी दिन वह मुंह काला करता पकड़ा जाएगा तो तुम्हारा सारा सम्मान

हवा हो जाएगा। समझ गए ना?


जय हिन्द !

- अलबेला खत्री

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