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Thursday, March 13, 2014
दिल्ली के उन सभी तथाकथित बड़े कवियों के प्रति आज मेरा मन न केवल वितृष्णा से भर गया है बल्कि बेहद घृणा से भी भर गया है जिन्होंने आज तक मुझे अँधेरे में रखा और राजेश चेतन के लिए बेहूदा और अनर्गल बातें करके मुझे उनसे दूर रखा
कल जब वड़ोदरा में मुलाकात हुई और उनका मंचीय कार्य कौशल देखा तो सारा झूठ काफूर होगया और कविवर राजेश चेतन को मैंने न केवल एक मेधावी रचनाकार व ज़बरदस्त मंच संचालक के रूप में पाया बल्कि उनके व्यक्तित्व में सौम्य कवित्व से लबालब एक श्रेष्ठ इन्सान भी सामने आया - हद हो गयी यार ! चार पैसों और तीन आयोजनों को हथियाने के लिए कोई कवि इतना नीचे भी गिर सकता है, यह पहली बार मुझे पता चला
ईश्वर इन दुष्टों को भी सदबुद्धि प्रदान करे
जय हिन्द !
अलबेला खत्री
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Thursday, March 6, 2014
आदरणीय झाड़ूवाल साहेब !
सादर निन्दा प्रस्ताव
अगर आप ये समझते हैं कि अराजकता मचा कर अपनी महत्वाकांक्षा का राजनैतिक उल्लू सीधा कर लेंगे तो मेरी समझ में ये आपकी भूल है क्योंकि हिन्दुस्तान की सारी जनता इतनी वो नहीं, जितनी आपने समझ रखा है, या यों समझिये कि पूरा देश दिल्ली नहीं है, जो आपकी बातों में आ जायेगा और अपना वोट अराजक तत्वों को दे कर अपने ही हाथों अपने करम फोड़ लेगा
चन्द सरफ़िरे और टपोरी लोगों के उत्पात मचा देने से अगर सत्ता मिल जाती तो आप से पहले ही कई लोग सत्ता सुंदरी के साथ सुहागरात मना चुके होते, आपश्री का तो नंबर ही नहीं आता @३$उ*&!06
श्रीमान घोंचू प्रसाद ! नौकरी मिली तो आप नौकरी नहीं कर पाये, सत्ता मिली तो उसे सम्हाल नहीं पाये, भगवान् जाने आपकी गृहस्थी कैसे चल रही है,,,,,किसकी किरपा से चल रही है
जितना ध्यान टीवी पर आने और लोगों का ध्यान खींचने पर लगा रहे हो उतना अगर ईमानदारी से अपने काम पर लगाते और लोगों से किये हुए वायदे पूरे करते तो आपकी लाज आम चुनाव में भी बच जाती, परन्तु आप तो ठहरे अतिउत्साहीलाल ! आपको सूरत नहीं बदलनी है आपको तो हंगामा खड़ा करना है
राम ही राखे !
जय हिन्द !
अलबेला खत्री
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Sunday, June 30, 2013
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Wednesday, June 26, 2013
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Tuesday, June 25, 2013
गरजना
बादल की उकताई और चिल्लाहट है
बरसनाबादल का मदमाना और मुसकाहट है
बादलजब तक बादलों से टकराता है,
बेचारा बोर होता है
लेकिन
बादल जब बादली से मिलता है
तो भाव विभोर होता है
बादल का बादल से घर्षण
दोनों को ही क्या आकर्षण
कितना भी कर लें संघर्षण
किन्तु नहीं हो सकता वर्षण
बादल जब तक आपस में टकराते हैं
केवल बिजलियाँ ही पैदा कर पाते हैं
वे कामाग्नि में दग्ध हो, चिल्लाते हैं
गरज गरज कर अपना रोष दिखाते हैं
तड़प तड़प कर
बिलख बिलख कर
हाहाकार मचाते हैं
भड़क भड़क कर
कड़क कड़क कर
बिजली ख़ूब गिराते हैं
लेकिन जब बादल बादली से मिलता है
तभी हृदय में प्रेम का शतदल खिलता है
चिल्लाना बन्द हो जाता है
बिजली गिरना रुक जाता है
रौद्ररूप को त्याग वो झटपट
विनय भाव से झुक जाता है
दोनों बदन उत्तेजित होते
दोनों मन ऊर्जस्वित होते
चरमबिन्दु पर पहुंचे मिलन जब
बान्ध तोड़, होता है स्खलन जब
बदली तृप्ति से खिल जाती
बादल को तुष्टि मिल जाती
मन भर जाता, भारी हो कर नम हो जाता है
तब आन्सू का क़तरा भी शबनम हो जाता है
बादल-बदली की रूहें
जब हर्षा जाती हैतब वर्षा आती है
तब वर्षा आती है
तब वर्षा आती है
बदरा जब तक बदली से मिलता नहीं है
उसके मन का मोगरा खिलता नहीं है
ये बादल बड़े हठीले हैं
जब तक स्वयं सरसते नहीं हैं
बाहर कितना भी गरजें
पर भीतर से ये बरसते नहीं हैं
इसलिए लोग कहते हैं कि गरजने वाले
बरसते नहीं हैं
बरसते नहीं हैं
बरसते नहीं हैं
-अलबेला खत्री

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मेरे प्यारे देश वासियों
आप किसी भी राजनैतिक विचारधारा अथवा दल
के समर्थक क्यों न हों, एक
बात तो माननी ही पड़ेगी कि सारे दल और दलगत
निष्ठाएं तभी तक कारगर
हैं जब तक कि देश सुरक्षित है . देश की क़ीमत पर
किसी भी दल या विचारधारा
को सहन नहीं किया जा सकता .
दुर्भाग्य से
सोनिया भाभी द्वारा संचालित वर्तमान सरकार ने देश को इतना
पीछे धकेल
दिया है कि हर तरफ अँधेरा नज़र आने लगा है . ऐसे में यदि कोई
आशा का
कोई सूर्य हमारे पास है जो भारत के सम्मान और स्वाभिमान को
पूरे वैभव
के साथ पुनः स्थापित कर सके तो वो सिर्फ़ और सिर्फ़ नरेन्द्र भाई मोदी
है .इसलिए सभी जागरूक और देशभक्त नागरिकों को चाहिए कि वे दलगत
राजनीति
से ऊपर उठ कर अब राष्ट्रहित में श्री मोदी को बहुमत से मुल्क़ की
बागडोर
सौंपे .
परन्तु नरेन्द्र मोदी को देश बचाने व चलाने की ज़िम्मेदारी देनी है तो अभी
दीजिये, यही समय है उसको अवसर देने का . इतना विलम्ब न करें जितना
अटल
बिहारी वाजपेयी के लिए कर दिया था . शेर के बूढा होने का इन्तेज़ार मत
कीजिये,,,,,,,,,,,,,,, हमें एक योद्धा कप्तान की ज़रूरत है, वयोवृद्ध और
लाचार
शासक की नहीं .
जय हिन्द
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Monday, June 24, 2013
सृष्टि के स्टेडियम में,
धरती की पिच पर,
श्वास श्वास ओवर है, प्राण का विकेट है
काल गेंदबाज़ और
देह बल्लेबाज़ है जी,
अम्पायर धर्मराज, कर्म रन रेट है
फ़ील्डिंग बीमारियों ने,
रखी है सम्हाल और
विकेट कीपिंग पर यमराज सेट है
एक दिन गिल्लियों का,
उड़ना सुनिश्चित है,
ऐसा लगता है मानो जीवन क्रिकेट है
-अलबेला खत्री
जय हिन्द
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Friday, June 14, 2013
तलाश
है एक अदद रचना की ........जी हाँ, सिर्फ़ एक रचना की, लेकिन ऐसी
वैसी
नहीं, एक ख़ास रचना की, उस रचना की जिसका मुद्रक-प्रकाशक होने
का मेरा बड़ा
मन कर रहा है . इत्ते दिन उसकी याद नहीं आई,क्योंकि एक तो
अन्य रचनाओं से
काम चल रहा था दूसरे उस में मंचीय कसाव नहीं होने के
कारण, बड़े मंचों
के लिए उपयोगी न हो कर महज गोष्ठी-वोष्ठी के काम की
ही थी लेकिन अब बड़ी
शिद्दत से ढूंढ रहा हूँ . ढूंढें ही जा रहा हूँ उस कमबख्त
को जो पहले
किसी काम की नहीं लग रही थी .लेकिन आज उसकी ज़रूरत पड़
गयी क्योंकि मेरे
अगले काव्य-संकलन में उसे शामिल करना इसलिए ज़रूरी
हो गया है क्योंकि सौ
में एक कम पड़ रही है .
हालांकि न वह ग़ज़ल की तरह अनुशासित है, न ही
नज़्म की तरह शगुफ़्त, न
कविता सी कोमलकान्त है, न ही मुक्तक की भान्ति
उन्मुक्त,,, दोहे और चौपाई
सी तीखी और मारक भले है लेकिन हाइकू जितनी सरल
नहीं है . असल में वह
एक अलग किस्म की रचना है जिसे लोग कुण्डलिया कहते
हैं . बस ...........उसी
को तलाश रहा हूँ . न जाने कहाँ कुंडली मार कर बैठ
गयी है कठोर .......
कितना दुःख होता है जब अपनी कोई रचना गुम हो
जाती है............ यह मुझसे
ज्यादा कौन समझेगा ? जिसकी एक ऐसी रचना खो गयी जिसे
मैं सलीके से
सुधार-वुधार कर अपनी क़िताब में छापना चाहता था ताकि लोग एन्जॉय कर
सकें . अरे भाई लोग एन्जॉय करें न करें, मुझे क्या मतलब,लेकिन मेरी किताब
तो पूरी हो जाती .....अब एक, सिर्फ़ एक कुण्डली के कम पड़ जाने से पांडुलिपि
का काम रुक गया है .
वैसे देखा जाए तो
मैं भी बड़ा चूतिया आदमी हूँ ............इत्ती बकवास लिखने से
अच्छा था,
एक नई रचना ही लिख लेता ............हुड !!!!!! बेवकूफ़ कहीं का
जाओ
भाई जाओ, टाइम खोटी मत करो, आप अपना काम कारो और मैं .....
रचना करता हूँ एक
नयी रचना की ताकि सौ पूरी हो जाए और संकलन समय
पर प्रकाशित हो जाए .
-अलबेला खत्री
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Thursday, June 13, 2013
चाँद : दो कुंडलिया
कविता लिख दूँ चाँद पर, यदि तुम करो पसन्द
मेरा तो इक लक्ष्य है, उर उमड़े आनन्द
उर उमड़े आनन्द, सुरतिया खिल खिल जाये
काश ! किसी उर्वशी से अपना उर मिल जाये
जीवन के मरुथल में बह जाये रस सरिता
करूँ समर्पित मैं तुमको अपनी हर कविता
चन्दा केवल एक है, अनगिन यहाँ चकोर
सभी ताकते चाँद को हो कर भाव विभोर
हो कर भाव विभोर, इश्क़ में मर जाते हैं
पर दीदारे-यार वो मन भर कर जाते हैं
हाय मोहब्बत ही बन जाती है इक फन्दा
कितने आशिक जीम गया यह ज़ालिम चन्दा
जय हिन्द
-अलबेला खत्री
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Wednesday, June 12, 2013
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Monday, June 10, 2013
नमस्कार, प्रणाम, सुप्रभात प्यारे मित्रो !
मानसून ने कल दिन में
मेरे शहर में दस्तक दी और रात को मेरी आँखों में .........
सच ! बहुत
सालों बाद मेरी आँखों में इत्ता सारा पानी एक साथ देखा गया ............
ये
पानी आनंद का था, ये पानी कृतज्ञता का था और ये पानी आत्मीयता का था
......
इससे ज्यादा सौभाग्य किसी कलाकार के लिए और क्या हो सकता है कि
दर्शक
ख़ुशी से झूम उठें
जैसे ही रात दस बजे "सब टीवी पर वाह वाह
क्या बात है" कार्यक्रम शुरू हुआ,
मेरे तीनों फोन लगातार बजते रहे और
सैकड़ों की संख्या में एस एम एस व
ईमेल आने लगे बधाइयों के
..........फेसबुक पर भी मित्रों ने खूब उत्साहवर्धन
किया .......आप जैसे
मित्रों का यह प्यार - दुलार और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल
है मित्रो ! मैं
आभारी हूँ आप सब का और वचन देता हूँ कि आगे भी इसी तरह
आपकी सेवा में
लगातार नव सृजन करता रहूँगा
जय हिन्द !
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Friday, June 7, 2013
गरमी तो बहुत थी उस दिन .... आग बरस रही थी आकाश से ....परन्तु
अहमदाबाद
- गांधीनगर के मध्य स्थित नारायणी रिसोर्ट में 2 7 मई की
दोपहर 2
बजे और इस्कोन मेगा मॉल में शाम 6 बजे जो कुछ देखने को
मिला वह अद्भुत और
अभिनव था ही नयनो को शीतलता प्रदान करने वाला
भी था .
Lux
Cozi द्वारा अपने वितरकों और विक्रेता बंधुओं के लिए आयोजित इन
शानदार
आयोजनों में फ़िल्म यमला दीवाना 2 के तमाम सितारे मौजूद रहे
और उन्होंने
लोगों को मस्ती बांटी . खासकर सन्नी दयोल और बॉबी दयोल
ने गुजराती में
और रशियन अभिनेत्री क्रिस्टीना ने हिंदी में बोल कर तो गज़ब
ही ढा दिया .
नेहा शर्मा की मृदुल मुस्कान पर फ़िदा अहमदाबादी इन सितारों
से मिल कर,
उनसे बात करके, फोटो खिंचवाके और सन्नी के हाथों
एप्रिशिएशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर के मंत्रमुग्ध हो गए .
इन
भव्य समारोहों का मंच सञ्चालन मैंने किया और खूब जम कर किया .
हँसा
हँसा के लोटपोट कर दिया सब को ....हालांकि मेरे मित्र राजकुमार भक्कड़
ने
भी माइक पर आ कर खूब चुटकियाँ ली . जबकि lux cozi के प्रबंध निदेशक
अशोक
तोदी ने अपने सारगर्भित सम्बोधन में बहुत सी अच्छी बातें कहीं .
जय हिन्द !
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Wednesday, June 5, 2013
प्यारे मित्रो,
नमस्कार सहित हार्दिक अभिनन्दन .
इस बार यात्रा
में ज्यादा मज़ा आया . Lux Cozi के निमन्त्रण पर
अहमदाबाद, जयपुर और
चंडीगढ़ इत्यादि अनेक शहरों में फिल्म
'यमला पगला दीवाना 2' के सभी सितारों के साथ जनता से रूबरू
होने के अवसर मिले .
ही मैन धर्मेन्द्र समेत सन्नी दयोल, बॉबी दयोल, क्रिस्टीना और नेहा
शर्मा के साथ गुज़रे कुछ दिनों में बहुत से ऐसे खूबसूरत संस्मरण
बने हैं कि तन मन दोनों मस्त हैं . फुर्सत मिलने पर कुछ ख़ास किस्से
आपको ज़रूर बताऊंगा .........आपको भी अच्छा लगेगा .
जय हिन्द !
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| Mr. Ashok Todi ( CMD Lux Cozi )with Rajkumar Bhakkar, Vijay Jetani, Mr. Poddar & Albela Khatri |
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| Mr. Ashok Todi, Sunny Dayol, Albela Khatri & Lux Cozi distributer from Himmatnagar |
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| Mr. Sunny Dayol, Albela Khatri, Neha Sharma, Sunny's Uncle & Mr. Ashok Todi |
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| Albela Khatri With His best Friend Mr. Rajkumar Bhakkar from Lux Cozi |
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| Albela Khatri Presenting Mr. Sunny Dayol |
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| Neha Sharma, Sunny Dayol, Mr. Ashok Todi, Poddar saheb & Albela khatri |
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| Ms. Cristina, Sunny Dayol, Neha Sharma, Mr. Ashok Todi & Albela Khatri |