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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

संकुचित पर्यावरण हो रहा बाबाजी



यह जो शहरीकरण हो रहा बाबाजी 

हरियाली का  हरण हो रहा बाबाजी 



चीलें, कौए, चिड़ियाँ, तोते, तीतर संग 


वनजीवन  का मरण हो रहा बाबाजी 



भौतिक सुविधाओं को तो विस्तार मिला 


संकुचित पर्यावरण हो रहा बाबाजी 



पेड़ काट कर, मानव मानो अपनी ही


हत्या का उपकरण हो रहा बाबाजी 



इसका दुष्परिणाम देखिये घर-घर में 


रोगों का अवतरण हो रहा बाबाजी 



ख़बरदार ! कुदरत का क्रोध रुला देगा 


उसके विरुद्ध आचरण हो रहा बाबाजी 



तुम मेरी आँखों से देखो "अलबेला" 


सकल सृष्टि का क्षरण हो रहा बाबाजी 


hasyakavi  Albela Khatri enjoying  Chattanoga city in USA



4 comments:

रज़िया "राज़" June 6, 2012 at 1:12 PM  

यह जो शहरीकरण हो रहा बाबाजी

हरियाली का हरण हो रहा बाबाजी
वाह बाबाजी!!

रज़िया "राज़" June 6, 2012 at 1:12 PM  

यह जो शहरीकरण हो रहा बाबाजी

हरियाली का हरण हो रहा बाबाजी
वाह बाबाजी!!

udaya veer singh June 7, 2012 at 7:06 AM  

अब तो यादों में हरियाली का स्मरण हो रहा है बाबा जी .......हरियाली की संवेदना के लिए आभार जी /

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') June 7, 2012 at 4:49 PM  

बहुत खूब....

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