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Albela Khatri

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12 मई की शाम सिल्कसिटी सूरत को मिलेगा एक यादगार उपहार



ठहाकों की एक शाम,

 सिल्कसिटी के नाम


सूरत : आगामी शनिवार की शाम सूरत को ठहाकों का ज़बरदस्त 

उपहार मिलने वाला है . रचनाकार साहित्य संस्थान  द्वारा 12 मई 

की  शाम  चौपाटी स्थित  सार्वजनिक एज्युकेशन  सोसायटी के 

तारा मोती ऑडिटोरियम में "ठहाकों की  एक शाम- सिल्कसिटी  

के नाम" आयोजित की है  जिसमे  दी  ग्रेट इन्डियन लाफ्टर  

चैलेन्ज  के  सुप्रसिद्ध हास्य सितारे  राजन श्रीवास्तव, 

विनोद कुमार और  राजन  इंगले के अलावा  शेरो-शायरी की  

मल्लिका  शबीना अदीब भी अपनी प्रस्तुति देंगी. ठहाका नाईट  

का रंगारंग संचालन  सूरत निवासी  लाफ़्टर चैम्पियन  

अलबेला खत्री करेंगे. 


इस अवसर पर  श्री खत्री  की  नई ऑडियो सी डी "हे हनुमान 

बचालो"  का लोकार्पण  होगा  तथा  शहर के जाने माने  

कलाप्रेमी नरेश कापड़िया  को उनकी अप्रतिम कला सेवा के 

लिए सारस्वत सम्मान से अभिनंदित  किया जायेगा  जिसके 

अंतर्गत  उन्हें ग्यारह हज़ार रुपये नगद, सम्मान प्रतीक और 

शाल-श्रीफल  भेन्ट किये जायेंगे. समारोह  की अध्यक्षता 

आयकर  आयुक्त  मुंबई  श्री सुबचन राम करेंगे  जबकि  मुख्य 

अतिथि  के रूप में  एडिशनल कलक्टर  सूरत श्री अजीत खत्री  

तथा विशिष्ट अतिथि के  रूप में  सुप्रसिद्ध उद्योगपति  श्री अतुल 

तुलस्यान  एवं  श्री मुकेश अग्रवाल (खोर्डिया ) उपस्थित  रहेंगे . 

रचनाकार प्रवक्ता ने बताया कि गर्मी की इस भयंकर तपन में 

यह कार्यक्रम  एक ठंडी फुहार जैसा एहसास देगा . 

जय हिन्द


मैं कहती थी न ...जापानी तेल बहुत अच्छी चीज़ है रोज़ लगाना चाहिए






कल शाम को जब मैं मुम्बई से सूरत आ रहा था  तो मेरे सामने की सीट पर  

मेरी ही उम्र का एक व्यक्ति, अपेक्षाकृत  कम उम्र की और ज़बरदस्त खूबसूरत 

महिला के साथ  बैठा  था और लगातार  मुझे  देखे जा रहा था . पहले  तो मैंने  

ध्यान नहीं दिया लेकिन जब वो  कुछ ज़्यादा ही  बारीकी से देखने लगा तो मैंने  

पूछा - क्यों भाई साहेब ? क्या मैंने आपसे कभी  कुछ उधार लिया था ? 

वो बोला नहीं....तो मैंने कहा - फिर क्या कारण है कि आप लगातार  मुझे  इस 

तरह घूर रहे हैं  ? 


वो बोला - मैं जानना चाहता हूँ कि आपके बाल असली हैं या नकली ?  मैंने कहा - 


असली . वो बोला - लगते नहीं...........मैंने कहा - खींच कर देखलो भाई...........


पूछा कौनसा शैम्पू 
लगाते हो ? मैंने कहा - कोई नहीं, मैं शैम्पू से नहीं नहाता..

साबुन ही लगाता हूँ बस......

तो फिर  और कुछ लगाते होंगे...उन्होंने  पूछा  तो मैंने  मज़ाक में कहा - 


हाँ  तेल लगाता हूँ . वो बोले कौनसा ?  मैंने  कहा - नहीं बताऊंगा  वरना  आप हंसोगे

...........वो बोला - कोई बात नहीं  हमारे हंसने से आपको क्या फ़र्क  पड़ता है ?  

आप तो   बता दो ..मैंने कहा - किसी को बताओगे तो नहीं . वो बोला - नहीं..........तो 

मैंने कहा - जापानी तेल लगाता हूँ....इत्ता सुनते ही वो भाई तो चुप  हो गया  लेकिन  

उसके साथ बैठी  महिला  खिलखिला कर  हँस पड़ी  और उससे बोली -  मैं कहती थी  न 

...जापानी तेल बहुत अच्छी चीज़ है  रोज़ लगाना चाहिए..........इत्ता सुनना था कि  

आस पास के लोग भी ठहाके लगाने लगे .


 जय हिन्द !






देश के लिए मरना बड़ी बात नहीं है अन्ना जी ! देश के लिए जीना बड़ी बात है ...इसलिए अब आप अनशन त्याग दीजिये.......प्लीज़






आदरणीय अन्ना जी !

जिस महान मकसद के लिए आपने  कदम  उठाया,  वह लगभग हासिल


हो चुका है . भले ही अभी  काम पूरा नहीं हुआ  लेकिन जितना हुआ है  वह


ऐतिहासिक  है  और अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है . वह कोई कम नहीं है . 


 
सारी पार्टियाँ, सारे दल  एक ही मुद्दे पर  संसद में चर्चा  करते  हुए जिस

प्रकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध  आपकी जंग  को समर्थन  दे रहे थे  उसे देख


कर  मेरी पीढ़ी के  लोगों को गर्व हो रहा था कि  भले ही हमने गांधी को


अंग्रेजों  से लड़ते हुए नहीं देखा,  परन्तु  हम अन्ना को  भ्रष्टाचार  के


खिलाफ लड़ते हुए न केवल देख रहे हैं  अपितु  यथाशक्ति अपना  साथ 


भी  दे रहे हैं



अब आप  अनशन  तोड़ दीजिये प्रभु !  अब और जिद्द  मत कीजिये .


आपका  हठ अब तक हमें प्रेरित कर रहा था  परन्तु अब हमें  चिंतित


और परेशान करने  लगा है .



12 दिन  से आपने कुछ खाया नहीं है  सिवाय लोकसमर्थन  के, जिससे


बाकी  सारे काम भले ही हो जाएँ पर पेट नहीं भरता  और ज़िन्दा रहने


के लिए पेट भरना ज़रूरी है



देश के लिए मरना कोई बड़ी बात नहीं है ...देश के लिए जीना बड़ी  बात


है . क्योंकि  मरते  तो लोग रोज़ हैं  यहाँ ..कौन पूछ  रहा है  उनके बारे


में ?  वो हेमंत करकरे,  वो संदीप उन्नीकृष्णन  और हज़ारों हज़ार 


फौजी  जो सरहद पर  मर मिट गये देश के लिए.. देश ने कहाँ याद


रखा किसी को, लेकिन जो लोग देश के लिए जिए  ऐसे  अन्ना हज़ारे


को, किरण बेदी को,  बाबा रामदेव को, नरेन्द्र मोदी को, सोनिया गांधी


को, कपिल देव को, सचिन तेंदुलकर को,  बिड़ला को,  टाटा को  और


अमिताभ बच्चन को  पूरा देश जानता, पहचानता और मानता है .


आप रहेंगे तो  सब होगा, सबके सपने पूरे होंगे. अगर आप ही अनशन


पर डटे रहे, तो............हम सब चिन्तित हैं अन्ना !



देश के लिए मरना नहीं, बल्कि देश की  तमाम बुराइयों को  मारना है,


देश के दुश्मनों को मारना है, मारते-मारते मरना  और मरते मरते भी


मारना है, ख़त्म करना है उन तिलचट्टों को जो देश को चट कर रहे हैं 



ये पोस्ट बहुत  लम्बी होती जा रही है  और इत्ती  लम्बी  पोस्ट कोई


पढता नहीं है  इसलिए मेरी  कर बद्ध प्रार्थना है ..कृपया कुछ अन्न


ग्रहण कर लीजिये .


जय हिन्द !



 

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