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Albela Khatri

कसाब जी ! आप आत्म-हत्या कर लीजिये प्लीज़.......





चूँकि हमारी मनमोहनी भारत सरकार तो आपको मारेगी नहीं, हमारी

न्याय प्रक्रिया आपको मरने देगी नहीं और मैं आपको मार सकता नहीं ।

इसलिए हिन्दी ब्लॉग जगत की अनुमति के बिना ही रचनाकार साहित्य

संस्थान सूरत की ओर से मैं टीकमचन्द वारडे उर्फ़ अलबेला खत्री सुपुत्र

स्वर्गीय भगवानदास खत्री मूल निवासी श्रीगंगानगर राजस्थान, वर्तमान

निवासी सूरत गुजरात आप से अत्यन्त विनम्र अनुरोध करता हूँ कि

हे अजमल कसाबजी !

आप आत्म हत्या कर लीजिये ।

प्लीज़ आप मर जाइए


क्योंकि अब मुझसे सहा नहीं जाता आपका ज़िन्दा रहना ।



अब क्यों नहीं सहा जाता ये मैं कल बताऊंगा ....आज तो केवल पाठकों का

ध्यान आकर्षित करने के लिए ये पोस्ट लगाईं है


और हाँ, कहना मत किसी से, कल किसी का नहीं आया आज

तक तो मेरा क्या आएगा, ये ध्यान रखना । मैंने कोई ठेका नहीं ले

रखा पूरी पोस्ट लिखने का ...अरे भाई जब बाबाजी ने अनशन बीच

में छोड़ दिया तो क्या मैं आप जैसे @४#ग%८&^%$#(*

पर लिखा गया ये आलेख अधूरा नहीं छोड़ सकता ? हा हा हा हा हा


जय हिन्द !

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8 comments:

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति June 24, 2011 at 9:37 PM  

हा हा हा ...ये विनम्र निवेदन का अंदाज बहुत भाया ..हँसते हँसते हाल बुरा है... काश की श्रीमान कसाब जी आपकी विनती पर गौर करें और आत्महत्या कर दे .. निक्कम्मी सरकार और न्याय प्रक्रिया के लूप होल उसको मरने नहीं देगी... बल्कि जेल में विशेष खातिरदारी हो रही होगी.. विशिष्ट मेहमान

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" June 25, 2011 at 4:36 AM  

आपका कसाब को विनम्र निवेदन के साथ सरकार और न्यायव्यवस्था पर बहुत करारा कटाक्ष.कभी हमारे ब्लॉग पर भी आने का कष्ट करें.

निर्मला कपिला June 25, 2011 at 10:57 AM  

acchaa व्यंग।

राजीव तनेजा June 25, 2011 at 11:16 AM  

ध्यान तो आपने आकर्षित कर ही दिया है पाठकों का ....अब बाकी की पोस्ट भी लिख ही दीजिए...काहे तरसाते हैं देश के आवाम को?....कांग्रेस को छोड़ सभी उसके मरने पे दुआएं देंगे...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) June 25, 2011 at 10:33 PM  

मरेंगे तो कसाब के दुशमन सत्याग्रही!
सरकार है दामाद हैं कसाब तो भाई!

Hindustani June 26, 2011 at 1:30 AM  

क्या बात है,,,कमाल .........

शिखा कौशिक June 26, 2011 at 12:52 PM  

kasab ko mar hi jana chahiye jab ek hasy kavi itni gambheer post dal de tab ek aatankvadi ko doob kar mar jana chahiye .badhiya likha hai aapne .

Ratan Singh Shekhawat June 26, 2011 at 5:45 PM  

बेचारा इतने मजे में जिन्दगी में कभी नहीं रहा , अब सेकुलर सरकार की मेहमानबाजी का मजा ले रहा तो लेने दीजिये ना ,मर तो कभी भी जायेगा

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