Albelakhatri.com

Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

Showing posts with label dirty. Show all posts
Showing posts with label dirty. Show all posts

मेनका गांधी ने नरेन्द्र मोदी को शेर और राहुल गांधी को चिड़िया बताया है, ये बहुत गलत बात है


मेनका गांधी ने आज नरेन्द्र मोदी को शेर और राहुल गांधी को चिड़िया बताया है.  ये बहुत गलत बात है.  मुझे उनके इस बयान पर कड़ी आपत्ति है और मैं इस पर अपना क्रोधपूर्ण विरोध दर्ज़ करता हूँ  क्योंकि  चिड़िया तो मासूम होती है और दया की पात्र होती है जबकि कांग्रेस तो घाघ है, मक्कार है और चालाक है .  किसी कांग्रेसी को चिड़िया कहना चिड़िया पर अत्याचार करना है  ये बात मेनका गांधी को नहीं भूलना चाहिए

मेरी आँखों से देखा जाये तो मोदी अगर शेर है तो राहुल लोमड़  है,  मोदी हाथी है तो राहुल लक्कड़बग्घा है,  मोदी गरुड़  है तो राहुल सपोला है और मोदी अगर कप्तान  है तो राहुल चपरासी ………हा हा हा

जय हिन्द !
अलबेला खत्री 




मैंने वज्रपुरुष नरेन्द्र मोदी को देखा है और जल्दी ही प्रधानमन्त्री बनते हुए भी देखूंगा


मुझे अफ़सोस है कि मैंने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को साक्षात् नहीं देखा, लेकिव मुझे आनन्द है कि मैंने वज्रपुरुष नरेन्द्र मोदी को देखा है और जल्दी ही प्रधानमन्त्री बनते हुए भी देखूंगा

जय हिन्द !
अलबेला खत्री

hasyakavi albela khatri support narendra modi

आआपा को अगर देश भर में रायता ढोलना है तो जो वो कर रही है, वही ठीक है



नमस्कार प्यारे मित्रो !
ऐसा लगता है कि
चन्द महीनों बाद होने वाले अगले आमचुनाव  में :

कांग्रेस को अगर अपने कार्यकाल के महाघोटालों की कालिख धो धा कर, देश की जनता में पुनः लोकप्रियता और साख प्राप्त करते हुए फिर से सत्ता में आना है तो उसके पास एक ही, आखरी रास्ता है - पाकिस्तान पर आक्रमण,  हेमराज जैसे शहीदों का इन्तेक़ाम  और दुश्मन देश का सफ़ाया

भाजपा को अगर सरकार बनाने की अभिलाषा है  तो बहुमत प्राप्त करने के लिए  उसे सारे टीवी चैनल और अखबार खरीदने तथा पूरी तरह एकजुट होकर प्रयास करते हुए,  देश भर के   निष्कलंक और राष्ट्रभक्त लोगों को पार्टी में शामिल करना चाहिए  या अब पूरी तरह हिन्दूवादी हो जाना चाहिए,  भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की खुल्लमखुल्ला घोषणा और प्रतिज्ञा ही अब बहुसंख्यक वोट उसके खाते में डाल सकती है

आआपा को अगर देश भर में रायता ढोलना है तो जो वो कर रही है, वही ठीक है

जय हिन्द !
अलबेला खत्री



आजतक को अब अपना नाम बदल कर आपतक कर देना चाहिए

टीवी चैनल आजतक  को अब अपना नाम बदल कर 
आपतक  कर देना चाहिए, 
ऐसा मैं नहीं 
मेरा 11 साल का बेटा आलोक कहता है, 
क्या वोह ठीक कह रहा है ? 

जय हिन्द ! 



मेरा दावा है कि अगर प्रति स्टिंग मेहनताना दिया जाए तो काम हो जाएगा और बख़ूबी हो जाएगा




वाह भाई वाह मुख्यमन्त्रीजी,
आप तो बड़े बगलोल निकले,,,,

भ्रष्टाचार मिटाने के नाम पर वोट आपने माँगे, भ्रष्टाचारियों को जेल भिजवाने के दावे करके जनता  के वोट आपने हथियाये, गाड़ी आपको, बंगला आपको, टीवी के स्क्रीन का लाभ आपको और हमें बना रहे उल्लू - वाह रे बाबाजी के ठुल्लू !

अगर पब्लिक को ही स्टिंग ऑपरेशन में लगाना था  तो चुनाव से पहले क्यों नहीं बताया कि हम कुछ नहीं करने वाले, सिर्फ एक  नम्बर देने वाले हैं  और नम्बर भी ऐसा कि  किसी के बाप को भी याद न रहे ---वाह वाह ! आप तो उस्तादों के भी उस्ताद निकले हुज़ूर, पूरी दुनिया में लोकहित के फोन फ्री कॉल होते हैं  और नम्बर  भी इतने कम व आसान होते हैं कि सबको सहज ही याद रहते हैं, परन्तु आप क्यों देने लगे  फ्री और आसान नम्बर ? आपको तो ड्रामा करना है, भ्रष्टाचार ख़त्म कहाँ करना है, ख़त्म ही करना होता तो भ्रष्टों से हाथ नहीं मिलाते

जिस आदमी को कोर्ट में पेशकार से तारीख लेनी है और वहाँ उससे 100 रुपये मांगे जाएँ, तो आपके अनुसार पहले जनता उस नंबर पर फोन करे जो कि जाहिर है बहुत  देर तक चलेगा और लम्बा बिल बनेगा, उसके बाद ACB से फोन आएगा और अफसर समझायेगा कि क्या करना है, तब कहीं जा कर जनता का आदमी वापिस उसके पास जाएगा, सौदा पटायेगा और पैसा देकर उसे फंसाएगा अर्थात बेचारा अपना पूरा दिन इसमें खपायेगा  लेकिन नतीजा आयेगा ठन ठन गोपाल ! क्योंकि तब तक तो कोर्ट ही बन्द हो जायेगा  - अरे जाओ, कौन फ़ालतू बैठा है जो इतनी ऐसी तैसी कराएगा, इससे अच्छा तो 100 का पत्ता देकर  काम निपटाएगा

अरे हुक्मरानों ! व्यवस्था तुम करो ऐसी कि किसी की घूस मांगने की हिम्मत न हो … लगाओ हर जगह cc tv और रखो नज़र या हर कामकाजी टेबल के पास एक आदमी खड़ा करो जो ध्यान रखे कि सही काम हो रहा है या नहीं या फिर हर स्टिंगकर्ता को प्रत्येक स्टिंग के लिए कम से कम 10 हज़ार रुपये मेहनताना देने की घोषणा करो - मेरा दावा है कि अगर प्रति स्टिंग मेहनताना दिया जाए तो  काम हो जाएगा और बख़ूबी हो जाएगा

लेकिन आपको यह नहीं सूझा, सूझे भी कैसे  आपका ध्यान अब दिल्ली पर है ही कहाँ  ? आप तो समूचे देश में ताण्डव करने के सपने देख रहे हैं

मूर्ख मत बनाओ जनता को,,,वरना पब्लिक अबकी बार तुम्हारे खिलाफ जमा होगी रामलीला मैदान में और दौड़ा दौड़ा  कर जूते मारेगी ----सर पे पांव रख कर भागना पड़ेगा तुम्हारी पूरी नाट्य मण्डली को क्योंकि मैंने सुना है दिल्ली के लोग मारते कम हैं घसीटते अधिक हैं

आगे तुम्हारी मर्ज़ी, मेरा क्या ? मुझे तो मोदी के गुजरात में कोई समस्या नहीं है
जय हिन्द !
अलबेला खत्री

ramesh lohia  in vaish sammelan surat

kishor bindal,ramdas agrawal & ramesh l,ohia in surat at vaish sammelan

hasyakavi albela khatri in action

आज प्रियंका बिटिया आ आ आ आ ताल से ताल मिला........


प्रियंका वाड्रा के स्वागत में तीन फुलझड़ियाँ


सोनिया बेचैन है
14 पर नैन है
राहुल तैयार है
लेकिन बेकार है
आज प्रियंका बिटिया
आ आ आ आ
ताल से ताल मिला ......ओ………………



____________________


लो जी आ गई मैदान में मिसेस वाड्रा
आना ही पड़ेगा
मिस्टर वाड्रा को बचाना है तो
झख मार के आना पड़ेगा
मीडिया बोला भैया को पीएम बनाने आई है
अबे सच बोल ! कि सैंयाँ को  बचाने आई है



________________

चला नहीं मैडम का लड़का
दल होगया पहले से कड़का
पंजा फड़ फड़ फड़ फड़ फड़का
मैया का  दिल धड़ धड़  धड़का
करने को इक बड़ा सा खड़का
लगा दिया ग्लैमर का तड़का

कुछ भी करले सोनिया, राहुल, रॉबर्ट व प्रियंका
घड़ा पाप का फूटेगा ही, अब जल के रहेगी लंका



जय हिन्द !
अलबेला खत्री







खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोबिन्दसिंहजी के 348 वें प्रकाशोत्सव पर बधाई


राज करेगा खालसा आकी रहे न कोय

सत्य,शौर्य व सर्वकल्याण के उद्घोषक एवं खालसा पंथ के संस्थापक
श्री गुरु गोबिन्दसिंहजी के 348 वें प्रकाशोत्सव पर
सभी देशवासियों को

बधाई एवं गुरुपर्व अभिनन्दन !

अलबेला खत्री



 वाह रे मेरे देश के मीडिया वालो !


तुम्हें दिल्ली से आगे कुछ दिखाई ही नहीं दे रहाहै - एक मन्त्री की कार पर लगा गेन्द इतना महत्वपूर्ण होगया कि श्रीहरिकोटा में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किया गया देशहित व राष्ट्रगौरव का ऐतिहासिक कार्य भी उसके सामने फीका पड़ गया

जय हिन्द !

आदरणीय मोदीजी, यह अभी नहीं तो कभी नहीं का खेल है, जो जीता वही सिकन्दर होगा


सम्मान्य श्री नरेन्द्र मोदीजी,
मुख्यमन्त्री,
गुजरात शासन

प्रसंग   : लोकसभा चुनाव में हानिकारक परिणाम की चेतावनी
सन्दर्भ : येदुरप्पा जैसे भ्रष्ट ( अगर वे सचमुच दोषी हैं तो ) लोगों का समर्थन

आदरणीय मोदीजी,
ये दौर आपका है, आने वाला समय आपका है  और आप ही हैं जो माँ भारती  के आंसू पोंछ सकते हैं  इसलिए पूरा देश आपके साथ है और आपके नेतृत्व में भारत विश्व की महाशक्ति बनने का सपना  देख रहा है - कोई बड़ी बात नहीं कि इस बार आपको व आपकी पार्टी को 300 से भी अधिक सीटों के साथ सत्ता का सिंहासन प्राप्त हो, लेकिन सावधानी हटी तो दुर्घटना  घटने का खतरा भी याद रखना होगा

मैं यह तो नहीं जानता कि आपकी पार्टी  यानी भाजपा की  क्या लाचारी अथवा विवशता है जो  येदुरप्पा जैसे तथाकथित रूप से भ्रष्ट लोगों को पुनः पार्टी में शामिल कर रही है लेकिन मैं यह ज़रूर जानता हूँ कि ऐसे लोग न अपने देश के हित में हुए  हैं न ही अपनी पार्टी के हित में रहेंगे लिहाज़ा अगर आपको सचमुच देश का भला करने के लिए  प्रधानमन्त्री बनने का ख्याल आया है तो सर्वप्रथम ऐसे लोगों को चिमटी से पकड़ पकड़ कर पार्टी से बाहर निकालिये जिनकी छवि खराब है  और जो दागी कहलाते हैं तथा अच्छे लोगों को ढूंढ़ ढूंढ़ कर पार्टी में सम्मिलित कीजिये ताकि आपका रथ रास्ते में पंक्चर नहीं हो


जब आपके पास अपनी ख़ुद की उज्ज्वल छवि है,  शक्ति है, सामर्थ्य है और अपार लोकप्रियता के साथ साथ गुजरात में किये गए अप्रतिम विकास के प्रमाण-पत्र हैं तो इन नामुरादों की ज़रूरत ही क्या है आपको ?

यह पत्र मैं आपको इसलिए मेल कर रहा हूँ क्योंकि  आप इस समय अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं एवं उपलब्धियों की सीढ़ी के अन्तिम डण्डे पर खड़े हैं - यदि एक सीढ़ी और चढ़ गए तो  छत पर पहुँच जायेंगे, यानी मन्ज़िल पा लेंगे परन्तु भगवान् न करे, अगर आखरी डंडे से भी फ़िसले, तो सीधे ज़मीन पर नज़र आयेंगे - रास्ते में कोई रोकने वाला नहीं मिलेगा और सच पूछो तो भ्रष्ट सदस्य किसी भी संगठन के लिए फ़िसलन ही पैदा करते हैं - आप गिरें, उठें, मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता क्योंकि मुझे तो अन्य बड़े कवियों की तरह  सरकार से न तो प्लॉट, फ़्लैट अथवा कोई एजेन्सी चाहिए, न ही किसी प्रकोष्ठ की अध्यक्षी, पद अथवा  राजकीय पुरस्कार की अभीप्सा है, परन्तु  देश की जनता आपसे आस लगाए बैठी है, अगर आप अपने मिशन में कामयाब न हुए तो जनता के अरमान आँसुओं में बह जाएंगे -

आदरणीय, यह अभी नहीं तो कभी नहीं का खेल है, जो जीता वही सिकन्दर होगा, हारने वाले की हालत तो सद्दाम हुसैन जैसी होने वाली है, यह अभी से  दीख रहा है क्योंकि राजनैतिक स्वार्थ अब इतने अधिक हावी हो गए हैं हरेक पार्टी पर कि  विरोधी विचारधारा का प्रत्येक व्यक्ति अब दुश्मन नज़र आने लगा है - यह दुर्भाग्यपूर्ण है परन्तु सच है

आपका प्रशंसक, समर्थक  और प्रबल हितेच्छु होने के नाते आपको सावधान कर रहा हूँ - चुनाव में जीत हो या  हार, कोई फ़र्क नहीं पड़ता - अपनी कथनी और करनी को एक रखते हुए हार भी मिले तो भी उसमें नैतिक जीत महकती है परन्तु  अपने ज़मीर को दाँव पर  लगा कर जीत भी मिले तो उसमें आत्मिक हार की बदबू आती है

एक मुख्यमन्त्री के रूप में आपने बेहतरीन  काम कर के जो वैश्विक यश अर्जित किया है वह तो कई लोगों को प्रधानमन्त्री और राष्ट्रपति बन कर भी नहीं मिलता ,,,,,आपसे प्रार्थना है कि इतने वर्षों में अर्जित किया हुआ यश चन्द सीटों की कीमत पर मत बेचिए …… आगे आपकी मर्ज़ी, मैं कौन होता हूँ आपकी खीर में अपना चम्मच चलाने वाला

आप विजयी हों,यशस्वी हों, दीर्घायु हों और भारत के राजनैतिक इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हों, ऐसी शुभकामना

जय हिन्द !
अलबेला खत्री


आप विजयी हों,यशस्वी हों, दीर्घायु हों और भारत के राजनैतिक इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हों


कम से कम भारतीय जनमानस को ज़लील तो न करते विदेशी भाषा बोल कर - आपको ज़रा भी शर्म नहीं आयी हिंदी का जवाब अंग्रेजी में देते हुए ?





प्रति,
श्री श्री डॉ मनमोहन सिंहजी,
माननीय प्रधानमन्त्री,
भारत सरकार  

प्रसंग   : हार्दिक शर्म व आत्मिक दुःख की अभिव्यक्ति
सन्दर्भ :  आज का आपका संवाददाता  सम्मेलन

महोदय,
एक भारतीय होने के नाते मेरे लिए अत्यन्त शर्म एवं गहरी पीड़ा का विषय है कि आप जैसा झूठा और बनावटी व्यक्ति मेरे देश का प्रधानमंत्री है.  बचपन से ही सरदारों के मोहल्ले में रहने के कारण मैं भली भान्ति जानता हूँ कि सरदार कितने सच्चे, दिलेर और देशभक्त होते हैं  लेकिन आपने तो सरदारों के वैश्विक यश को ही  दाव पर लगा दिया सरदारजी ! आपने दिल्ली में कांग्रेसियों द्वारा कराये गए सिखों के क़त्लेआम पर आज गर्व से कहा कि पीड़ित परिवारों के लिए बहुत कुछ किया गया है और उनसे माफ़ी भी मांग ली गयी है. 

हुज़ूर, और किस किस से माफ़ी मांग ली है आपने ?  भोपाल गैस काण्ड  के लाखों पीड़ितों  से मांग ली  या  उसके लिए ज़िम्मेदार  यूनियन कार्बाइड  से मांग ली ?  मुम्बई पर पाकिस्तानी हमले में मारे गए लोगों से मांग ली  या मुजफ्फरनगर  में घर से बेघर हुए दंगापीड़ितों  से मांग ली ?  सरहद पर जिनका सर काट कर लोग पाकिस्तान ले गए उनके परिवारों से मांग ली  या रोज़ाना लाखों की  संख्या में काटे जा रहे गौवंश  से माफ़ी मांग ली ? और जनाब,  क्या माफ़ी मांग लेने से पीड़ित परिवारों के कलेजे की जलन शांत हो गयी होगी ? माना कि आप प्रधानमन्त्री हैं  लेकिन कुछ तो इन्सानियत आप में भी होगी, आज थोड़ा  उसका प्रदर्शन भी कर देते

आप से जो सवाल हिन्दी में पूछे गए, उनके भी जवाब आपने अंग्रेज़ी में दिए - इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि गुलाम की अपनी कोई भाषा नहीं होती - जैसा सिखाया जाता है वैसा ही बोलना पड़ता है - अरे हिन्दी नहीं आती तो उर्दू में दे देते, पंजाबी में दे देते, कम से कम भारतीय जनमानस को ज़लील तो न करते विदेशी भाषा बोल कर - आपको ज़रा भी शर्म नहीं आयी हिंदी का जवाब अंग्रेजी में देते हुए ? अफ़सोस  है,  बहुत अफ़सोस है,  एक तरफ अटल बिहारी वाजपेयी संयुक्त राष्ट्र संघ में भी हिन्दी भाषी रहे और एक तरफ आप …शेम शेम शेम

आपने प्रलाप किया कि नरेंद्र मोदी अगर प्रधानमन्त्री बन गए तो देश का विनाश हो जायेगा ---बहुत अच्छे -- क्या कहने ! जिस मुख्यमन्त्री ने अपने शासन में  विकास और उन्नति के गौरवपूर्ण कीर्तिमान स्थापित कर दिए उसके प्रधानमन्त्री बनने से देश का विनाश हो जाएगा  और आप व आप जैसे अन्य लोगों ने भ्रष्टाचार, अनाचार, महंगाई व अमानवीय कृत्यों के जो गंदे नाले बहाये हैं उससे देश का विकास होगा ?

नरेन्द्र मोदी कोई सगे सम्बन्धी नहीं है मेरे, जो उनका गौरवगान करूँ  लेकिन मैंने उनके राज में गुजरात को बदलते हुए देखा है इसलिए डंके की चोट पर कह सकता हूँ  कि  वो अगर एक बार प्रधानमन्त्री बन गए तो पूरा देश चमक उठेगा - चहक उठेगा

आप गाय से ज़यादा गे के अधिकारों की चिन्ता  करते हैं, आपको महंगाई घटाने के बजाय सेंसेक्स को बढ़ाने की फिक्र लगी रहती है - ये अच्छी बात नहीं है

आपने जनता को रुलाया है सरदारजी, अगर देश की रोती-बिलखती जनता की बददुआओं में ज़रा भी असर हुआ तो ऊपर वाला आपको रुलाएगा और ऐसा रुलाएगा कि आंसू पोंछने वाला भी कोई न होगा

जय हिन्द !
अलबेला खत्री

मगर पंजे की मजबूरी को बस झाड़ू समझता है : अलबेला खत्री


सियासत एक की दुल्हन नहीं कइयों की रानी है

ये है बदनामी मुन्नी की तो शीला की जवानी है

सियासी लोगों की आँखों में जो घड़ियाली आँसू हैं

इलेक्शन में तो मोती है, पर उसके बाद पानी है


शरम से दूर हो तुम भी, शरम से दूर हैं हम भी

नशे में चूर हो तुम भी, नशे में चूर हैं हम भी

तमाशातूर हो तुम भी, तमाशातूर हैं हम भी

अतः लंगूर हो तुम भी, अतः लंगूर हैं हम भी



सुअर कोई गन्दगी पर जो जा बैठा तो हंगामा

कुकुर कोई जो हड्डी को चबा बैठा तो हंगामा

था जिसके पास बरसों ताज दिल्ली की सियासत का

उसी पंजे को मैं झाड़ू थमा बैठा तो हंगामा



कोई चालाक कहता है, कोई आड़ू समझता है

मगर पंजे की मजबूरी को बस झाड़ू समझता है

वो उसके साथ कैसी है, वो उसके संग कैसा है ?

ये तो जिह्वा समझती है या बस लाड़ू समझता है

जय हिन्द !
अलबेला खत्री
 







अरे हरामखोरो ! तुम्हें फूल ही सूंघना है तो गुलफ़रोश से खरीद कर सूंघ लो, कौन रोकता है ?


जहाँ देखो वहीँ बलात्कारी खड़े हुए हैं,  हर अख़बार, हर चैनल  बलात्कार  के समाचारों से भरा पड़ा है . 

आजकल बलात्कार, विशेष रूप से गैंगरेप  कुछ ज़्यादा  ही होने लगे हैं जो कि  समाज के लिए शर्म और दुःख की बात है .  कहीं नाबालिग के साथ दुष्कर्म हो रहा है तो कहीं नाबालिग के द्वारा दुष्कर्म हो रहा है ..........क्या हो गया है  भाई ?  कहाँ जा रहा है समाज ?

ये इतने सारे स्कूल , कालेज, गुरूकुल, इतने सारे  साधू संतों के प्रवचन,  ये इतने सारे धार्मिक  ग्रन्थ और इतने सारे क़ानून मिल कर भी कोई रोकथाम नहीं कर पा रहे हैं ...........हैरत है !

अरे हरामखोरो ! तुम्हें  फूल ही सूंघना है  तो गुलफ़रोश  से खरीद कर सूंघ लो, कौन रोकता है ?  जगह जगह  एक से बढ़ कर एक दुकान सजी है  फूलों की ..........पैसा फैंकों  और  अपना शौक पूरा कर लो .........ये  ज़बरदस्ती किसी के  बगीचे में  घुस कर  फूल तोड़ने  की ज़रूरत ही क्या है ?

जय हिन्द !

परमपाखण्डी बाबा अलबेलानंदजी परमकंस के फ़ेसबुकिया प्रवचनों से साभार

https://www.facebook.com/AlbelaKhatrisHasyaKaviSammelan





लो भाई, आसाराम बापू तक पहुंचा दो इस पोस्ट को ...........



आसाराम अगर लीपापोती न करते और  कानून से मुंह न छिपाते बल्कि  पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज़ कराने का पता चलते ही ख़ुद चल कर पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण कर देते यह कहते हुए कि 

" मेरी पोती समान एक मासूम बच्ची ने मुझ पर देहशोषण का इतना घिनौना आरोप लगाया है कि सिर्फ़  मैं नहीं बल्कि मेरे कारण पूरा संत समाज कलंकित हो गया है इसलिए  मुझे अब संत कहलाने और  संसार में जीवित रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है . लिहाज़ा  मैं स्वयं को कानून के सुपुर्द करते हुए प्रार्थना करता हूँ  कि  मुझे कठोर से कठोर दंड देते हुए कम से कम दो बार फाँसी पर लटकाया जाये, एक बार मेरे तथाकथित अपराध के लिए और दूसरी बार  मेरे करोड़ों जिज्ञासु शिष्यों  को होने वाली आत्मिक पीड़ा  के लिए .......मुझे अपने ऊपर लगे  आरोप पर सफ़ाई में कुछ नहीं कहना है . एक साधु पर इतना बड़ा आरोप लग जाना ही पर्याप्त है .......लिहाज़ा या तो एक महीने के भीतर भीतर कानून अपने  विधिविधान से मेरे प्राण ले ले  अन्यथा  मैं स्वयं ही अपने आश्रम में जीवित समाधि  ले लूँगा . इतना बड़ा बोझ ले कर न मैं अब जी  सकता हूँ और न ही साधना कर सकता हूँ

मेरी मृत्यु के समय  मेरे तमाम शिष्य पूरी तरह शांति बनाये रखें और हरी ॐ का जाप करते रहें . भगवान् उन भले लोगों का भी भला ही करे जिन्होंने क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थों के लिए मुझ पर  यह कालिख पोतने में सफलता प्राप्त कर ली . हमेशा की तरह मैं उनका यह अपराध क्षमा भी करता हूँ  साथ ही  उस नन्ही बिटिया को उसके सुखी जीवन की कामना करते हुए अपनी ओर से सवा करोड़ रूपये की रकम भी भेंट करने का आदेश  अपने आश्रम के  प्रबंधकों को देता हूँ  ....हरी ॐ  हरी ॐ  हरी ॐ "

अन्य  नौटंकी करने के बजाय आसाराम ऐसा करते तो  न केवल शिष्यों और साधु समाज की बल्कि आम जनता और पुलिस की भी पूर्ण सहानुभूति उन्हें मिल जाती .  क्योंकि  हमारा देश पढ़े लिखे गंवारों का देश है  जहाँ  किसी के समर्थन या विरोध में भीड़ इकठ्ठा होते हुए देर नहीं लगती .

जय राम जी की बोलना पड़ेगा .

परमपाखण्डी बाबा अलबेलानंदजी परमकंस के फ़ेसबुकिया प्रवचनों से साभार
https://www.facebook.com/AlbelaKhatrisHasyaKaviSammelan?ref=hl

albela khatri on aasaram bapu

albela khatri on aasaram bapu




















आने वाले समय में हमारे बच्चे इतिहास की किताबों में ये भी पढेंगे


आज़ादी के बाद वह भारतवर्ष के लिए  सबसे कठिन और  काला समय था जब वैश्विक बाज़ार में भारतीय रुपया लगातार  गश खा कर गिर रहा था  और अमेरिकी डॉलर उसकी छाती पर चढ़ कर nude dance कर रहा था. सब्जी से ले कर सोना तक हर वस्तु इत्ती महंगी हो गई थी कि आम तो आम, ख़ास लोग भी त्राहि त्राहि  कर उठे थे . यहाँ तक कि भारत सरकार ( अगर कहीं थी )  ने अपना  जेबखर्च चलाने के लिए एक बार फिर देश का सोना गिरवी रखने  का मन बना लिया था .

सब बावली बूच की तरह एक दूसरे को देख रहे थे . किसी की समझ में नहीं आ रहा था कि जब सरकार के पिछवाड़े में इतना दम ही  नहीं था कि अपना नाश्ता पानी का खर्च भी उठा  सके तो उसने करोड़ों लोगों को सस्ता अनाज देने का हवाई फ़ायर किया ही क्यों ?  और फ़ायर भी ऐसा फुस्सू कि  जिसमे बुलेट तो चला ही नहीं  और  तमन्ची की पतलून गीली के साथ साथ  पीली भी हो गयी .  आम जनता अपने को ठगी हुई महसूस कर रही थी  क्योंकि  उसके पास इतना सोना भी नहीं था की गिरवी रख कर प्याज़ और अनाज ले सके . सब रो रहे थे, परन्तु सरकार में शामिल कुछ हरामखोर कांग्रेसी लोग ऐसे भी थे जो उस विपत्ति में भी ठहाके लगा रहे थे, जलसा कर रहे थे और मस्ती में  भांगड़ा कर रहे थे क्योंकि  उनकी साज़िश  कामयाब हो चुकी  थी.

दरअसल जनता जिसे  मन्दी समझ रही थी वह मन्दी नहीं, बल्कि  एक गन्दी चाल थी  जिसके ज़रिये नेताओं ने खुद को मालामाल और राष्ट्रकोष को कंगाल बना डाला क्योंकि कांग्रेस पार्टी जान चुकी थी कि नरेन्द्र मोदी  की लोकलहर में उसका राज अब डूबने वाला है और दोबारा कभी आने वाला भी नहीं तो क्यों न  ऐसे कुकर्म करें कि  डॉलर व सोने का भाव चढ़ जाए ताकि स्विस बैंकों में रखा अपना कालाधन अपने आप बढ़ जाये . ज़ाहिर है  भ्रष्ट नेताओं का जो धन स्विस बैंकों में था  वह डॉलर और सोने के रूप में ही था  और रूपये की हत्या होने का सीधा लाभ उन्हीं को  और उनके चन्द चहेते उद्योगपतियों  व पूँजी बाज़ार के खिलाड़ियों को ही मिलने वाला था . अतः सोच समझ कर धीरे धीरे देश को गर्त में धकेला  गया ताकि  कांग्रेस के  बाद जो भी सरकार  आये, उसके पास बजाने के लिए घण्टा भी न बचे . परन्तु होनी को कुछ और ही मन्ज़ूर था .

जैसे ही पब्लिक को इसकी भनक लगी, उन्होंने उन कुचमादियों को घेर लिया और मार मार कर भुरता  बना  डाला इससे घबराकर कुछ षड्यन्त्रकारी  इटली भाग गए, कुछ  अन्य  देशों में जा छुपे और जनता ने भारी बहुमत से भाजपा को जिता कर वज्रपुरूष नरेन्द्र मोदी  को प्रधानमंत्री बना दिया  जिनके सत्ता सम्हालते ही  सी बी आई और आयकर विभाग ने तमाम भगौड़ों को जा दबोचा  और  उन्हें  जूते मार मार कर सारा छुपा धन वसूल कर लिया .  मोदीजी के एक ही फोन पर  स्विस बैंकों ने  भारतीयों का सारा कालाधन खुद अपने ही विमानों में भर कर दिल्ली  पहुंचा दिया तथा  भारत की इस परमविजय के सम्मान में मुद्राबाज़ार में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत सिर्फ़ एक रूपया रह गई .

जय हिन्द !

आने वाले समय में हमारे बच्चे इतिहास की किताबों में  ये भी पढेंगे






हिन्दी हास्य कवि-सम्मेलन का विज्ञापन अंग्रेजी में क्यों ?

क्योंकि  यह सब को समझ में आता है 
और दुनिया भर में चल जाता है 



लो कर लो बात .............अलबेला खत्री ने कहा दोहा

हुड दबंग दबंग दबंग 

My Blog List

myfreecopyright.com registered & protected
CG Blog
www.hamarivani.com
Blog Widget by LinkWithin

Emil Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

Followers

विजेट आपके ब्लॉग पर

Blog Archive