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Albela Khatri

मूर्ख हिन्दुस्तानियों ! अब तो पाकिस्तान को आतंकवादियों की पनाहगाह मत कहो प्लीज़ ....





जब
से होश सम्हाला है, लोगों को एक ही बात कहते सुना है मैंने कि पाकिस्तान

आतंकवादियों की पनाहगाह है अथवा अपराधियों की शरणस्थली है मैं आज

तक समझ नहीं पाया कि ऐसा क्यों कहते हैं लोग ? जिसे देखो, लट्ठ ले कर

पाकिस्तान के पीछे पड़ा हैशान्ति से जीने नहीं देते गरीब को...........जबकि

वहां
का इतिहास बताता है कि वहां कोई भी अपराधी सुरक्षित नहीं हैजिस

जिस
ने भी भारत के विरुद्ध षड़यंत्र रचा या आक्रमण किया उसे मारने की हमें

ज़रूरत
ही नहीं पड़ीआतंकवादी हो या भारत विरोधी हुक्मरान, सब के सब

पकिस्तान में ही निपटा दिए गये..........उन्हीं के पट्ठों द्वारा ।


जिस प्रकार अपने गोडसे ने महात्मा जैसे महात्मा गांधी को, भिंडर वाला ने

शक्ति स्वरूपा इन्दिरा गांधी को और प्रभाकरण ने अपने मासूम राजीव

गांधी को लम्बी नींद सुला दिया उसी प्रकार मियां भुट्टो से लेकर जनरल

जिया और बेनज़ीर से लेकर ओसामा बिन लादेन तक सभी का काम स्वयं

पाक ने ही तमाम किया है या कराया है । आज तक एक भी उदाहरण नहीं

मिलता कि कोई पाक शासक भली चंगी मौत मरा हो और पूरी ज़िन्दगी जी

कर मरा हो............कायदे-आज़म के मुल्क का कायदा पूरी तरह अल कायदा

है जिसका सबसे बड़ा फ़ायदा वहां कि सरकार को ये है कि भूतपूर्व राष्ट्रपति

या प्रधानमन्त्री के लिए न तो बंगला देना पड़ता है, न ही सुरक्षा व्यवस्था

वगैरह....हा हा हा ..जब तक कुर्सी पे हो , जियो, जब भूत पूर्व हो जाओ तो

जाओ मौत के मुँह में.........



रहा सवाल आतंकवादियों की पनाहगाह का तो पाक कहाँ पनाहगाह है भाई ?

वो तो बेचारा रोज़ अपने अपराधी भारत में भेज रहा है । पनाहगाह तो

भारत है जहाँ किसी आतंकवादी को कोई समस्या नहीं........ किसी अपराधी

को कोई डर नहीं । मैं शर्त लगा कर कह सकता हूँ कि यदि ओसामा पाक के

बजाय हिन्द में छिपा होता तो मज़े भी करता और ज़िन्दा भी रहता ।

अरुण गवली, अबु सलेम और नटवरलाल जैसे अपराधी ही नहीं गुरू

अफज़ल और कसाब जैसे खूंख्वार आतंकवादी जहाँ मौज कर रहे हैं वो

पाकिस्तान नहीं, हिन्दुस्तान है भाई ! ये बात हमें नहीं भूलनी चाहिए

...........इसलिए मेरा मन कहता है कि अब पकिस्तान को आतताइयों की

पनाहगाह मत कहो,,,,,,,प्लीज़ ..................


बेचारे लादेन की आत्मा को दुःख पहुंचेगा ।



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-अलबेला खत्री


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10 comments:

राजीव तनेजा May 5, 2011 at 9:59 PM  

तीखा एवं धारदार व्यंग्य...

राज भाटिय़ा May 6, 2011 at 12:17 AM  

सत्य लिखा जी आप ने,

nilesh mathur May 6, 2011 at 12:52 AM  

सटीक.................>

नीरज जाट जी May 6, 2011 at 5:36 AM  

वाह अलबेला वाह\
क्या धारदार मार की है।

जी.के. अवधिया May 6, 2011 at 10:03 AM  

"जब तक कुर्सी पे हो , जियो, जब भूत पूर्व हो जाओ तो जाओ मौत के मुँह में........."

वाह! वाह!!

ये तो बड़ा जोरदार फॉर्मूला है!!!

एम सिंह May 6, 2011 at 1:53 PM  

.कायदे-आज़म के मुल्क का कायदा पूरी तरह अल कायदा है......
हा हा सही चोट की है... दोनों देशों पर.

चखें तीखा-तड़का
हमने की, सब करें पाकिस्तान की मदद

Pradeep May 7, 2011 at 2:19 PM  

खत्री जी प्रणाम!
हालाँकि आपके ब्लॉग तक फेसबुक पर एक आलोचना के जरिये पहुंचा हूँ ....परन्तु आपके इस व्यंग्यात्मक लेख से पूरी तरह असहमत नहीं हूँ....आपने तो सिर्फ व्यंग्यात्मक तरीके से अपनी बात कहने की कोशिश की है पाकिस्तान को घोर असुरक्षित और भारत के लोगो को अति आशावादी बताया है तो गलत क्या कहा.........अगर कहीं ओसामा भारत का गुनाहगार होता और हमारे हाथ आ भी जाता तो हम क्या कर लेते...उसे मेहमान बना के रखते...और क्या...कसाब हमारे लिए ओसामा से कम गुनाहगार है क्या...
पर शायद आपका हिन्दुस्तानियों को सरेआम मुर्ख कहना कुछ हिन्दुस्तानियों को आहत कर गया है....आपसे बहुत ही छोटा हूँ ...
पर हमारा लेखन किसी को आहत ना करे तो वो और सार्थक हो जाता है ....मैं आपको फोलो कर रहा हु....

Gaurav May 7, 2011 at 8:51 PM  

सत्य लिखा ! तारीफ के काबिल लिखा मगर क्या आप सभी हिन्दुस्तानियों को मूर्ख कह रहे हैं! अगर ये मुर्ख का विशेषण आप भारतीय नेताओं के लिए प्रयोग कर रहे हैं तो भी गलत है क्योकि वो मूर्ख नहीं महा धूर्त हैं! आम हिन्दुस्तानी सब समझता है हाँ ये बात अलग है कि धूर्त और भ्रष्टाचारी नेताओं के कारण मुर्ख बनाया जा रहा है!

राज भाटिय़ा May 10, 2011 at 1:02 AM  

सहमत हे जी आप के विचारो से

Ratan Singh Shekhawat May 27, 2011 at 7:24 AM  

दम है आपकी बात में

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