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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

नूरानी कर दिया है भीतर का कोना कोना



कमाल कर दिया रे

धमाल कर दिया रे

नज़रे-क़रम से तूने

निहाल कर दिया रे



अब और क्या मैं मांगूं

सब कुछ तो मिल गया है

सदियों से बन्द था जो

शतदल वो खिल गया है



नूरानी कर दिया है भीतर का कोना कोना

मिट्टी को मेरी छूकर कर डाला तूने सोना



महका दिया है तन-मन

महका दिया है आँगन

सूखा ही था जो अब तक

हरिया गया वो गुलशन


अब छोड़ के जाना, बस इतनी इल्तज़ा है

तुझ बिन नहीं है कुछ भी, तू है तो हर मज़ा है



मेरे हुज़ूर ! तेरा दीदार हो गया है

संसार सारा जैसे गुरूद्वार हो गया है

उद्धार हो गया है

उद्धार हो गया है

उद्धार हो गया है


धन्य है तू और तेरी रहनुमाई

धन्य है तू और तेरी रहमताई

धन्य है तू धन्य है हर गीत तेरा

धन्य है तू धन्य है संगीत तेरा


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5 comments:

एस.एम.मासूम May 9, 2011 at 9:37 PM  

शुक्रिया अदा अकरने का यह अंदाज़ भी पसंद आया

देवेन्द्र पाण्डेय May 9, 2011 at 11:35 PM  

वाह!

परमजीत सिँह बाली May 10, 2011 at 1:30 AM  

बेहतरीन।

Shah Nawaz May 10, 2011 at 9:10 AM  

वाह! वाह! बहुत खूब!

रज़िया "राज़" May 10, 2011 at 2:27 PM  

सुन्दर!!!!अल्फ़ाज़ों के साथ!!!

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