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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

शिखर जब हों मयस्सर तो पड़ावों पर अटकना क्यों ?




फिर भी हर नाम है उसका तो नामों में भटकना क्यों ?

शिखर जब हों मयस्सर तो पड़ावों पर अटकना क्यों ?

लटकना क्यों ख़ुदी के दार पर, बच कर निकल जाएँ

फिसल कर कांच की तरह बिला वजह चटकना क्यों ?


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