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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

अभी तक ज़िन्दा है कसाब मेरे देश में...........



आदमी की ज़िन्दगी का 

हाल काहे पूछते हो,

हो चुका है ख़ाना ही ख़राब मेरे देश में


भेडि़ए-सियार-गिद्ध-

चील-कौव्वे घूमते हैं

आदमी का ओढ़ के नक़ाब मेरे देश में


धरमों के नाम पे 

बहाते हैं ये लोग देखो

अपनों के ख़ून का चनाब मेरे देश में



शरम की बात है ये 

देशवासियों के लिए
 
अभी तक ज़िन्दा है कसाब मेरे देश में

kavi albela khatri surat me gujarati deshbhakton ke beech  kavita paath karte hue - is avsar par shaheedon  ke parivarjanon ko samman aur aarthik  sahyog kiya gaya
 

9 comments:

Prakash Jain January 20, 2012 at 2:18 PM  

Abhi tak zinda hai kasab mere desh mein....bahut khub.... ghum rahein nidar bhrastachari khule aam mere desh mein (kalmadi,kani mozi riha)

bahut khub sir....

डा. अरुणा कपूर. January 20, 2012 at 3:12 PM  

यही सच्चाई है...बहुत उम्दा रचना!

http://arunakapoor.blogspot.com/
...इस हास्य-कथा पर टिप्पणी देने के लिए जरुर पधारें!

Pallavi January 20, 2012 at 7:04 PM  

अपना देश ही क्या सारी दुनिया का यही हाल है...सार्थक रचना.. समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका सवागत है http://mhare-anubhav.blogspot.com/

सुनीता शानू January 20, 2012 at 7:54 PM  

आप सही कह रहे हैं। आपकी देश-भक्ति के जज्बे को हम प्रणाम करते हैं।
सादर
शानू

ana January 20, 2012 at 8:31 PM  

tikha vyngya.....kya apki likhi panktiya use kar sakti hoon

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) January 21, 2012 at 6:12 AM  

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
--
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
सूचनार्थ!

संगीता स्वरुप ( गीत ) January 21, 2012 at 11:58 AM  

सटीक ..अच्छी प्रस्तुति

Dev January 21, 2012 at 1:40 PM  

देश कि कुव्यवस्था पर खूबसूरत टिप्पड़ी

dilip September 29, 2012 at 1:34 AM  

wah mere dost , bahot aachi aur dil ko chu lene wali line likhi hai-- Dilip Ragit- Astrologer, Chandrapur M.S.

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