शाबास है उसकी मर्दानगी को जो पराई स्त्री पर नज़र नहीं डालता !
वह नेक और धर्मात्मा ही नहीं, वह सन्त है
-तिरुवल्लुवर
पर-स्त्रीगमन
जान-बूझ कर अपनी पत्नी को व्यभिचारिणी बनाना है
-विजयधर्म सुरिश्वर
hindi hasyakavi sammelan in mangalore by MRPL
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शानदार, शानदार, शानदार …………………
शानदार और जानदार रहा मंगलूर रिफ़ाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा
राजभाषा विभाग के तत्वाधान में डॉ बी आर पाल द्वारा आ...
11 years ago
4 comments:
जो मन चंगा तो कठोती में गंगा,
जो मन में पंगा, तो मंदिर में भी रंभा,
जो ऐसे हालत, तो घर में होगा दंगा,
और शामत है तय, जो बीवी से लो पंगा,
इसलिए बेटा 'मजाल', रखो मन चंगा !
badhaai ji
सत्य वचन। आपके कई ब्लाग खुलते ही नही। समझ नही आता कि कहां टिप्पणी करें ब्लागवाणी के जाने से सब कुछ गडबड हो गया। शुभकामनायें
सत्य कथन!
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