न सत्तापक्ष है
न प्रतिपक्ष है
अब पन्द्रह दिन तक
केवल
पवित्र पितृपक्ष है
ये वो उज्ज्वल मुहूर्त है
जब हमारे पुरखे हमें उम्मीद से देखते हैं
ये वो पावन पखवाड़ा है
जब हम हमारे मूल को करीब से देखते हैं
इस घड़ी में
सात्विक
और
आध्यात्मिक वातावरण हमारे जीवन में हो
पूर्वजों का श्रद्धा पूर्ण श्राद्ध घर-आँगन में हो
परम्परा ही नहीं
पितृ-तर्पण धर्माधारित फ़र्ज़ भी है अपना
पितृदोष दूर करना
वंशज के नाते बकाया कर्ज़ भी है अपना
हम चुकाएं कर्ज़ अपना
हम निभाएं फ़र्ज़ अपना
शुक्ल पक्ष से भी ज़्यादा धवल
ये कृष्णपक्ष है
ये पितृपक्ष है !
ये पितृपक्ष है !
ये पितृपक्ष है !
hindi hasyakavi sammelan in mangalore by MRPL
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शानदार, शानदार, शानदार …………………
शानदार और जानदार रहा मंगलूर रिफ़ाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा
राजभाषा विभाग के तत्वाधान में डॉ बी आर पाल द्वारा आ...
11 years ago
8 comments:
शुक्ल पक्ष से भी ज़्यादा धवल
ये कृष्णपक्ष है
ये पितृपक्ष है !
ये पितृपक्ष है !
वाकई शुक्ल पक्ष से भी धवल होते हैं ये दिन.....बहुत अच्छी रचना
...हमारे पितृओं को याद कर के...शांति पूर्ण समय व्यतीत सकने का समय है यह!....सूंदर प्रस्तुति!
हम चुकाएं कर्ज़ अपना
हम निभाएं फ़र्ज़ अपना
शुक्ल पक्ष से भी ज़्यादा धवल
ये कृष्णपक्ष है
ये पितृपक्ष है !
....Sundar bhavpurn sanskarit rachna ke liye dhanyavaad
जी हाँ आपकी बात में दम है!
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कृष्णपक्ष का महत्व सबसे अधिक होता है!
क्योंकि कृष्णपक्ष में कृष्ण जी का नाम जो जुड़ा है!
sahi kaha aapne...
see my new blog
http://www.tikhatadka.blogspot.com/
पितृदोष दूर करना
वंशज के नाते बकाया कर्ज़ भी है अपना
हम चुकाएं कर्ज़ अपना
हम निभाएं फ़र्ज़ अपना
समय पर अच्छा सन्देश। धन्यवाद।
बहुत सुन्दर और शानदार रचना! बधाई!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/
WOW ITS GREAT POST.......
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