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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

मैं तो लंगोट बाँध चुका हूँ देवी ! अब तुम्हारा कैबरे मुझे विचलित नहीं कर सकता .........



आखिर  तुम बाज़ नहीं आई .  मेरे विनम्र अनुरोध  वाले आलेख के तुमने

परखच्चे  उड़ा दिए .  अपने अहंकार में मदमस्त तुम वस्त्र उतार कर  मेरे


सामने  उन्मुक्त  कैबरे  करने लगी....ये भी न सोचा कि  अब मैं  लंगोट


बाँध चुका हूँ .



आज तुमने अपनी 18  गलतियों से भरी  पोस्ट में 
पुनः मुझे  छेड़ा  है,

रब जाने ऊँगली की है  या अंगूठा  घुसेड़ा है परन्तु  मैं  अब भी शान्त हूँ 


और तुम्हें मुफ़्त सलाह देता हूँ कि जीवन में यदि किसी  चीज़ का अभाव


है  तो उसे पाने  की कोशिश करो . अपने  दैहिक  शून्य  को  मानसिक 


रोग मत बनाओ  वरना कहीं की न रहोगी . 



प्रभु आपको  स्वास्थ्य  और सद्बुद्धि प्रदान करे ताकि  मुझे दोबारा  तुम


जैसे अवांछित विषय पर कुछ न लिखना पड़े.  अन्यथा  लंगोट बाँधने  


 
में ही वक्त लगता है,  खोलने में  नहीं.............


नारी हो तो नारीत्व की मर्यादा में रहो..बार-बार  मुझे चाटने की
कोशिश


मत करो. कहीं ऐसा न हो......तुम्हारी ज़ुबान पर छाले पड़ जाएँ .

जय हिन्द !

हास्यकवि अलबेला खत्री  सोनी टीवी  पर पाकिस्तानी कलाकार सुल्तान को हरा कर  कॉमेडी  का बादशाह  ख़िताब  प्राप्त  करते समय सुल्तान, राजू श्रीवास्तव,  काशिफ और  राखी सावंत के साथ 

5 comments:

मुकेश पाण्डेय चन्दन May 25, 2012 at 4:45 PM  

kya ho gya comedy ka badshah angry man kyo ban gya ji ?

AlbelaKhatri.com May 25, 2012 at 4:59 PM  

@Mukesh Pandey Chandan ji, kuchh nahin hua ji, ek saanp ne ghoshna kar dee ki vo kisi ko nahin dasega, to logon ne us shareef saanp ke pichhwade me itnee ungli kar dee ki bechaare ko dr. ke paas jana pada. tab dr. Pakhandi swami albelanand ne use samjhaya ki bhai, bhale hi tu das mat, lekin fufkaarna mat chhod, varna aaj log ungli kar rahe hain kal ko latth bhi kar sakte hain .....kyonki logon ko aadat kharaab pad chuki hai..........jai hind !

DR. ANWER JAMAL May 25, 2012 at 5:10 PM  

भयानक सच.

http://auratkihaqiqat.blogspot.in/2012/05/part-4-dr-anwer-jamal.html

Swaa, JANARDAN VISHNU PATIL June 14, 2013 at 4:53 AM  

लंगोट तो मै भि पैहेनता हु।
इस से मुझे काफी आराम मिलता है।
मेरे पापा भि पेहेनते थे,
और मुझे भि सिखाया।

Swaa, JANARDAN VISHNU PATIL June 14, 2013 at 4:56 AM  

लंगोट तो मै भि पैहेनता हु।
इस से मुझे काफी आराम मिलता है।
मेरे पापा भि पेहेनते थे,
और मुझे भि सिखाया।

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