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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

हमें मालूम था कि वो बेवफ़ा ही निकलेगी





उसने
अपने हाथों में मेहंदी लगा रखी थी

हमने उसकी डोली कन्धे पे उठा रखी थी

मालूम तो था ही कि वो बेवफ़ा निकलनी है


इसलिए बहन उसकी पहले से पटा रखी थी














www.albelakhatri.com

6 comments:

Anonymous July 2, 2010 at 1:45 AM  

मजा आ गया,एक हमारे लिऐ भी पटा दो गुरु ।
लिखते रहिये,सानदार प्रस्तुती के लिऐ आपका आभार


साहित्यकार व ब्लागर गिरीश पंकज जीका इंटरव्यू पढने के लिऐयहाँ क्लिक करेँ >>>>
एक बार अवश्य पढेँ

शिवम् मिश्रा July 2, 2010 at 3:35 AM  

भाई जी, भविष्य क्या दूर दर्शन पर देख रखा था !?

ललित शर्मा July 2, 2010 at 8:33 AM  

हा हा हा
आपके तो सारे जुगाड़ तगड़े हैं
राम राम

आपकी पोस्ट ब्लाग4वार्ता में

विद्यार्थियों को मस्ती से पढाएं-बचपन बचाएं-बचपन बचाएं

Rajeev Bharol July 2, 2010 at 9:02 AM  

हा हा.
बढ़िया.

सतीश सक्सेना July 2, 2010 at 9:16 AM  

यह हुई न अलबेला खत्री नुमा बात ! आपकी यह अदा पसंद आयी !

संगीता स्वरुप ( गीत ) July 2, 2010 at 11:48 AM  

सारे जुगाड पहले से कर रखे थे....:):)

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