Albelakhatri.com

Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

सबको अपनी जान प्यारी है, देश बचाने कोई नहीं आएगा

माई  !

माई !!

ए भारत माई !!!


किसका है ये देश ?

देश में शान्ति से रहने वाले 



सवा सौ करोड़  से भी ज़्यादा लोगों का 


या मुट्ठी भर  मवालियों का ?


किसका है ये मुल्क ?

कौन हैं वे लोग जो  इसे कभी भी बन्द करा देते हैं ?

रेलें रोक देते हैं, 

रिक्शा तोड़ देते हैं, 

बसों को जला देते हैं  


बोलो न माई !

मैं जानना चाहता हूँ ............

समझना चाहता हूँ 

कि जिस मुल्क पर मैं गर्व करता  हूँ 

और बहाद्दुरों व सूरमाओं  का देश कहता हूँ 


क्या उसका कानून और प्रशासन इतना नपुंसक हो गया है




कि चन्द लोगों की हिंसक भीड़ के हाथों बन्धक हो गया है 




बन्द के नाम पर  

आगजनी 

मारकाट 

तोड़फोड़ 

देख सब रहे हैं, मगर शान्त हैं 

क्योंकि सब के सब भयाक्रान्त हैं 

कमबख्त किसी भी नागरिक का ख़ून खौलता नहीं है 

इस गुंडागीरी  के विरोध में  कोई भी बोलता नहीं है 



ज़रा ज़रा सी बात पर आपस में इक दूजे की माँ-बहन करने वाले लोग 

रेलों में, बसों में एक सीट के लिए आसमान सर पे उठा लेने वाले लोग 

अठन्नी मात्र के लिए सब्ज़ी वाले को गालियाँ बेशुमार   देने वाले लोग  


आज कहाँ हैं ?


कहाँ है उनकी आँखों का तेज़ ?

कहाँ है  उनकी बाँहों  का ज़ोर ?

_______________कोई नहीं बताएगा 


क्योंकि सब साले गोबर गणेश है, कोई सामने नहीं आएगा  

सबको  अपनी जान प्यारी है  


देश बचाने कोई नहीं आएगा  



जय हिन्द !




7 comments:

शिवम् मिश्रा July 5, 2010 at 4:54 PM  

बेहद सटीक और उम्दा प्रस्तुती !

शरद कोकास July 5, 2010 at 8:31 PM  

माई भी अब कहाँ सुनती है उसके कान तो इन लोगों ने छीन लिये हैं ।

संगीता पुरी July 5, 2010 at 8:31 PM  

सबको अपनी जान प्यारी है


देश बचाने कोई नहीं आएगा

यही सत्‍य है .. पर सब नहीं समझते कि जो विपत्ति आज दूसरों पर है .. कभी भी खुद पर आ सकती है .. फिर उनको बचाने कौन आएगा ??

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक July 5, 2010 at 8:51 PM  

नेतारूपी भारत के ये रिश्वतखोर शेर किस दिन काम आयेंगे!
--
भारत की रक्षा के लिए इन को बलिवेदी पर कुर्बान कर देना चाहिए!

soni garg July 5, 2010 at 9:30 PM  

बड़ा ही dukhad satya hai ...........

राजीव तनेजा July 6, 2010 at 12:43 AM  

दुखद परन्तु सत्य

Jayant Chaudhary July 6, 2010 at 2:42 AM  

Koi nahin aayegaa...
Jab tak main nahin jaaungaa.

Main, yaane ki khud, yaane har wyakti..

Post a Comment

My Blog List

Blog Widget by LinkWithin

Emil Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

Followers

विजेट आपके ब्लॉग पर

Blog Archive