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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

हमको तुम पर नाज़ है

आज तिरंगे के तीनों रंग देते ये आवाज़ हैं

हिन्द की ख़ातिर मिटने वालो

हमको तुम पर नाज़ है


मातृभूमि के लाड़ले बेटो, आपकी क़ुरबानियां

राह दिखाएंगी नसलों को बन कर अमर कहानियां

आपके दम पर आज सलामत भारत मॉं की लाज है

हिन्द की ख़ातिर मिटने वालो

हमको तुम पर नाज़ है


ना परवाह की भूख की तुमने, ना परवाह की प्यास की

परवाह की तो सिर्फ़ बटालिक, कारगिल की और द्रास की

विजय पताका फहराने का आप ही के सर ताज है

हिन्द की ख़ातिर मिटने वालो

हमको तुम पर नाज़ है


मारते-मारते मरे बहाद्दुर, मरते-मरते मार गए

जब तक सांस रही जूझे वो, बस फिर स्वर्ग सिधार गए

दूध का कर्ज़ चुका देने का ये भी इक अन्दाज़ है

हिन्द की ख़ातिर मिटने वालो

हमको तुम पर नाज़ है


है हमको सौगन्ध तुम्हारी पावन-पावन राख की

हस्ती मिटा कर रख देंगे, अपने दुश्मन नापाक की

प्यार से जब बात बने तो वार ही सिर्फ़ इलाज है

हिन्द की ख़ातिर मिटने वालो

हमको तुम पर नाज़ है

2 comments:

Kusum Thakur May 14, 2009 at 7:14 PM  

vaah, bahut khoob kavitaa likhi hai aapane.

योगेन्द्र मौदगिल May 15, 2009 at 9:53 AM  

.... लाजवाब

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