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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

पाठकों की सुविधा एवं साहित्यप्रेमी पाठकों के लिए हास्यकवि अलबेला खत्री का नया ब्लॉग शुरू

प्यारे बन्धुओ बान्धवियो !

पिछले कई दिनों से अनेक मित्रों की ये शिकायत थी कि मैं अपने ब्लॉग पर

गम्भीर और सार्थक आलेख कम छापता हूँ और हास्य व्यंग्य की हलकी फुलकी

बातें ज्यादा छापता हूँ जिसके चलते साहित्यिक अभिरुचि के गम्भीर पाठक इसे

पसन्द नहीं करते और जुड़ने में संकोच करते हैंउनका कहना था कि जब मैं

साहित्यिक रचनाएं भी लिखता हूँ तो फ़िर ये कचरा ( हास्य-व्यंग्य ) क्यों फैलाता

हूँ अपने ब्लॉग पर........... मैंने सबकी बात विनम्रता पूर्वक सुनी और अब उसका

जवाब सार्वजनिक तौर पर दे रहा हूँ..........


पहली बात तो मैं कोई साहित्यकार नहीं, एक मामूली तुक्कड़ हूँ जो तुक

मिला मिला कर शब्दों से अर्थ कमाता हूँ और ये केवल मेरी रूचि नहीं

बल्कि रोज़ी-रोटी भी हैभले ही लोग मेरी कविताओं,गज़लों, गीतों तथा

पैरोडियों पर उछल उछल कर दाद देते हैं और खूब पसन्द करते हैं लेकिन मैं

जानता हूँ कि मैं कविता का भी नहीं जानता हूँबस ईश्वर की कृपा है



दूसरी बात ये है कि मैं स्वभावतः मौज मस्ती वाला आदमी हूँ और बड़े से बड़े

दुःख को भी एन्जॉय करता हूँ ...उस पर रोता नहीं.........इसीलिए आज तक

टिका हुआ भी हूँ वरना मुझे उठाने में लोगों ने कोई कसर नहीं उठा रखी थी

रही बात हास्य व्यंग्य की तो वह मेरे लिए कचरा नहीं है, अगर आपकी नज़रों

में है तो भी मेरे लिए ये हेय नहीं है क्योंकि अभी तक की मेरी सारी यात्रा मैंने

इसी नाव से तय की है ......अब कुछ हासिल होजाने पर मैं इसके साथ कृतघ्नता

कैसे कर सकता हूँ....?


लिहाज़ा आपकी असुविधाअपनी सुविधा के दृष्टिगत मैंने एक और ब्लॉग

शुरू कर दिया है जिस पर मुख्य रूप से मैं कवि सम्मेलन अपने विविध

कार्यक्रमों की जानकारी, रिपोर्टें छापूंगा तथा हास्य-व्यंग्य प्रकाशित करूंगा

ताकि ज़माने को हँसाने व ख़ुशी देने का काम अनवरत चलता रहे... मेरे वीडियो

और चुटकुले भी आज के बाद वहीं उपलब्ध रहेंगे ..इस ब्लॉग पर सिर्फ़ गीत,

ग़ज़ल और आलेख इत्यादि ही छापूंगा..........


सो मेरा आप सभी हास्य प्रेमियों व कला प्रेमियों से कर बद्ध निवेदन है कि

कभी कभी मेरे नए ब्लॉग हास्यकवि अलबेला खत्री पर भी पधारते रहें


मेरे नए ब्लॉग का लिंक है

http://hindihasyakavisammelan.blogspot.com/



16 comments:

अजय कुमार झा October 11, 2009 at 2:32 PM  

बहुत बढिया अलबेला भाई...मुबारक हो आपको नये ब्लोग की शुरूआत की..और शुभकामना भी

Ratan Singh Shekhawat October 11, 2009 at 2:41 PM  

आपके नये ब्लॉग का स्वागत है |
वैसे एक बात बता दू - हमें तो आपके ब्लॉग पर कभी कचरा नजर नहीं आया | पता नहीं किन लोगो को आपकी हास्य कविताए कचरा लगती है |

ओम आर्य October 11, 2009 at 3:10 PM  

dHERO BADHAYI .....ALBELA JI

ओम आर्य October 11, 2009 at 3:12 PM  

BAHUT BAHUT BADHAYI......ALBELA JI

शिवम् मिश्रा October 11, 2009 at 3:15 PM  

नए ब्लॉग पर बधाई सन्देश तो हम कल ही दे आये थे, यहाँ भी ले लीजिये....
नए ब्लॉग की बहुत बहुत बधाई व शुभकामनाएं |

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi October 11, 2009 at 3:29 PM  

आप के नए ब्लाग को देख आए हैं। हालांकि मेरा मानना है कि एक ही ब्लाग पर्याप्त होता है। हम अपनी सामग्री को शिड्यूल कर के रख सकते हैं और पूरे माह का क्या चाहें तो पूरे साल का माल डाल कर रख सकते हैं। उस से हमें समय भी मिलता रहता है और ब्लाग भी खाली नही रहता। पोस्ट भी अधिक होती हैं तो पाठक भी अधिक मिलते हैं।

जी.के. अवधिया October 11, 2009 at 3:39 PM  

आपका फैसला अति उत्तम है खत्री जी! हम जरूर आते रहेंगे आपके नये ब्लॉग में।

यदि मैं यहाँ पर यह बताऊँ कि वाल्मीकि रामायण में रुचि रखने वाले पाठकों को ध्यान में रखकर आज से एक नया ब्लॉग "संक्षिप्त वाल्मीकि रामायण" शुरू किया है तो मुझे आशा है कि आपको कोई ऐतराज नहीं होगा और आपके नये ब्लॉग के साथ ही साथ लोग मेरे भी इस नये ब्लॉग को जानने लगेंगे।

Mohammed Umar Kairanvi October 11, 2009 at 3:48 PM  

जनाब हमें तो यह बताइये किधर सांकल नहीं लगी होगी, क्‍यूंकि मेरी दिली ख्‍वाहिश है कि आपका ब्‍लाग पहले की तरह top 40 में रहे, इसके लिये इनमें नहीं तो तीसरा सही एक खुली सांकल का जरूर हो, माले मुफ्त दिले बेरहम ,

समयचक्र - महेंद्र मिश्र October 11, 2009 at 6:28 PM  

स्वागत है खत्रीजी आपके नए ब्लॉग का . शुभकामनाये

Murari Pareek October 11, 2009 at 6:35 PM  

बहुत सुन्दर अलबेला जी, आपने कहा की आप कवी नहीं बस हलकी फुल्की तुक बंदी कर लेते हैं ! जिनको आप हलकी पुलकी कहते हैं असल तो वही हैं वरना साहित्यों से कबाट भरे पड़े रहते हैं कौन पढ़ता है ! ये हलकी पुलकी लिखना सबके बस की बात नहीं जो आम और ख़ास दोनों का मनोरंजन करे !!

राजीव तनेजा October 11, 2009 at 9:48 PM  

आपना नया ब्लॉग भी दूधों नहाए...पूतों फले

M VERMA October 11, 2009 at 10:19 PM  

नये ब्लोग की मुबारकबाद

राज भाटिय़ा October 11, 2009 at 11:33 PM  

बधाई हो जी.ब्लोंगो फ़लो पोस्टो नहाओ

Kusum Thakur October 12, 2009 at 9:07 AM  

नए ब्लॉग की बधाई !!!

नीरज गोस्वामी October 12, 2009 at 12:46 PM  

किसी को हंसाने जैसे काम से पवित्र कोई काम हो ही नहीं सकता...आप सच में बहुत महान काम कर रहे हैं....इसे कचरा कहना इस कला का अपमान है...ये कला हर किसी को उपलब्ध नहीं होती...रोना तो सब जानते हैं लेकिन बहुत कम लोग ही दिल से हंस-हंसा सकते हैं...आपने अपना अलग ब्लॉग बनाया है ये बात ठीक है लेकिन हास्य को दोयम दर्जा मानने वालों के कहने पर बनाया है ये बात गलत है...जो हंस नहीं सकता वो ग़ज़ल क्या ख़ाक समझेगा...???
ग़ज़ल समझने के लिए इंसान का जिंदादिल होना लाज़मी है.

नीरज

Sheena October 12, 2009 at 7:52 PM  

naya blog start karke ke liye bahut bahut badhayiya

-Sheena

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tepa & wageshwari award winner the great indian laughter champion -2 fame hindi hasyakavi, lyric writer,music composer, producer, director, actor, t v  artist  & blogger from surat gujarat . more than 6200 live performance world wide in last 27 years
this time i creat an unique video album SHREE HINGULAJ CHALISA for TIKAM MUSIC BANK
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