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बाबा राम देव, राखी सावंत और रजत शर्मा...( 3)

तो मित्रो !


आओ, बात आगे बढायें...................

रामदेव बाबा , राखी सावंत और रजत शर्मा की यह गाथा आगे

बढ़ाता हूँ और आपको बताता हूँ पूरा अफ़साना...............सबसे

पहले उन बिन्दुओं पर दृष्टिपात कर लें जिन्हें मैंने थोड़ी देर पूर्व

लिखा थाअब उनके विस्तार में चलते हैं




तीनों केवल वयस्कों के लिए है - 'R' rated


रामदेव बाबा की जटिल यौगिक क्रियाएं , राखी सावंत की मादक

अदायें और रजत शर्मा की अदालती सभाएँ , तीनों वयस्कों के ही

काम की होती हैंबच्चों और किशोरों के लिए तीनों खतरनाक हैं

बिना किसी प्रत्यक्ष मार्गदर्शन के यदि कोई किशोर जोश जोश में

ज़्यादा ज़ोर से अथवा अधिक देर तक योग कर ले तो किसी ऐसे

रोग का शिकार हो सकता है जिसका इलाज रामदेव के पास भी

होगा, इसी प्रकार राखी सावंत के अर्धनग्न लटकों - झटकों को देख

कर, पूरी नस्ल के ही दिग्भ्रमित होने और भटकने का डर लगा

रहता हैरजत शर्मा जिस प्रकार की अदालत लगाते हैं और जिस

प्रकार अदालती व्यवस्था का उपहास करते हैं उस से बालकों और

किशोरों में अदालत के प्रति सम्मान और कानून के प्रति भय का

कोई प्रभाव ही नहीं रह जाताआज कल बच्चे इसीलिए अपराध

प्रवृत्ति में लिप्त हो जाते हैं क्योंकि वे कानून से डरते नहीं हैं



तीनों घोर अवसरवादी हैं

जी हाँ ! तीनों इतने घोर अवसरवादी हैं कि कूए में भी गिर पड़े,

तो चिल्लायेंगे बाद में, पहले जी भर के नहायेंगेरामदेव को मौका

मिलना भर चाहिए.........वे ज्ञान बांटने और कपालभाति करने या

कराने के लिए तत्पर ही रहते हैं, राखी सावंत बखेड़ा खड़ा करने और

उस बखेड़े से अपना उल्लू सीधा करने का कोई मौका नहीं छोड़ती

ही वस्त्र त्यागने में आलस्य करती है जबकि रजत शर्मा तो हैं ही

अवसरवाद का प्रतीकदो कौड़ी की बात को करामात बता बता कर

करोड़ों लोगों का टाइम खोटी करके, रुपया कमाना उनका खास

हुनर है



तीनों बोल बच्चन की खाते हैं


चूँकि गत कुछ वर्षों से अपने यहाँ दो चीजें ही चलायमान हैं , एक

अमिताभ बच्चन और दूसरे बोल बच्चन ! अब चूँकि अमिताभ

बच्चन बनना सबके बूते में नहीं है इसलिए बोल बच्चन सब कर

लेते हैंअन्तर ये है कि रामदेव देश के विकास और आत्म सम्मान

के लिए बोलते हैं , देश के हित और पाखण्ड को ख़त्म करने के लिए

बोलते हैं जबकि राखी और रजत दोनों केवल और केवल अपने

लाभ के लिए बोलते हैं


बाकी बिन्दुओं पर आने से पहले आपकी प्रतिक्रियाओं को देख लूँ.....



मिलते हैं ब्रेक के बाद,,,,,,,,,,


अगले अंक में.........











4 comments:

संगीता पुरी November 9, 2009 at 11:12 PM  

आप बहुत ब्रेक ले रहे हैं .. जल्‍दी जल्‍दी सुना दें !!

विनोद कुमार पांडेय November 9, 2009 at 11:15 PM  

बहुत बढ़िया अलबेला जी..एकदम सटीक आकलन...और एक खास बात और है वो ये की रजत शर्मा तो मीडिया से जुड़े ही है परंतु राखी सावंत और राम देव बाबा जी भी बराबर सुर्ख़ियों में रहते ही है.....मीडिया प्रेम भी बहुत है..
मजेदार और रोचक समानता...ब्रेक के बाद और परदा उठने का इंतज़ार है....धन्यवाद जी!!!

Ratan Singh Shekhawat November 9, 2009 at 11:21 PM  

चलो जी ब्रेक का भी इंतजार कर लेते है :)

SHIVLOK November 10, 2009 at 6:42 PM  

brake ka injar. oh no.

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