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लीजिये दोस्तों ! गिनिये समानतायें रामदेव बाबा, राखी सावंत और रजत शर्मा में..........

कल मैंने रामदेव बाबा, राखी सावंत और रजत शर्मा में समानताओं पर

एक पोस्ट की थी तथा पाठकों से पूछा था जिसके जवाब में सर्वश्री

मिथिलेश दुबे, संगीता पुरी, अनिल पुसदकर, मोहम्मद उमर कैरान्वी,

सतीश आलिया, काजल कुमार, वन्दना अवस्थी दुबे,विनोद कुमार पाण्डेय,

मनोज कुमार,राज भाटिया, राजीव तनेजा, रूपचंद्र शास्त्री मयंक, बबली

और मुरारी पारीक ने पूर्ण गर्मजोशी से प्रत्योत्तर दिए परन्तु अधिकतर

लोग केवल '' तक ही पहुंचेकेवल मनोज कुमार, काजल कुमार,

राजीव तनेजा और सबसे ज़्यादा बबली ही कुछ सराहनीय तर्क दे

पाईबाकी सब ने शायद सतह पर ही खोज की, भीतर दुबकी नहीं

लगाई किसी ने...फ़िर भियो आप सब ने चर्चा में भाग लिया इस के

लिए मैं आप सब का दिल से शुक्रगुजार हूँ और कृतज्ञ हूँ



आइये अब मैं बताता हूँ इन तीनों के बीच अनेक समानताएं :


आजाइए मेरे साथ मेरी अनुसन्धानशाला में और स्वयं देख लें...



मेरी मान्यता ही नहीं, बल्कि शोधपरक दृढ़ मान्यता है कि रामदेव,

राखी सावंत और रजत शर्मा

एक ही भुट्टे के तीन बाल हैं

एक ही घोड़े की तीन नाल हैं

एक ही काले खजूर की तीन गुठलियाँ हैं

अथवा

एक ही तमाशेबाज़ की कठपुतलियां हैं


कमाल की समानतायें हैं इनमेइतनी समानतायें तो एक ही कोख

से जन्म लेने वाले भाई-बहिनों तक में नहीं मिलतीआप भी देखिये

और मज़ा लीजियेअपना यानी मेरा इन तीनों से कोई भी जायज़

या नाजायज़ सम्बन्ध नहीं हैअपन तो केवल मज़े के लिए ये कर

रहे हैं



तीनों केवल वयस्कों के लिए है - 'R' rated


तीनों घोर अवसरवादी हैं


तीनों बोल बच्चन की खाते हैं


तीनों "P" के लिए कुछ भी कर सकते हैं


तीनों विवादास्पद हैं


तीनों मीडिया के बनाए हुए हैं


तीनों ज़ीरो से हीरो बने हैं


तीनों घोर अवसरवादी हैं


तीनों आपस में जुड़े हुए हैं


तीनों अति महत्वाकांक्षी है


तीनों देह उघाड़ में रुचिवान हैं


तीनों पराई खीर में चम्मच चलाते रहते हैं


तीनों HOT हैं और तीनों ITOM हैं


तीनों आत्म-मुग्ध हैं


तीनों सुर्खियों में बने रहना जानते हैं


तीनों कहते कुछ और करते कुछ हैं


तीनों ने ख़ूब माल कमा लिया है


तीनों तमाशेबाज़ हैं और लोकप्रिय हैं



तीनों ने जनता की कमज़ोरी को भांप लिया है


तीनों अपने करियर के चरमोत्कर्ष पर हैं


तीनों फोकटी रोज़गार करते हैं:बिन पूंजी व्यापार



लेकिन इसके अलावा एक सबसे ख़ास यानी खास--ख़ास

समानता मैंने बचा ली हैबता भी सकता हूँ लेकिन वो ही तो

मेरे इस आलेख की जान हैऐसे कैसे बता दूँ ?


पहले आपको मौका देता हूँ कि आप बताएं......और जल्दी बताएं

हो सकता है इतने इशारों के बाद आपने उस समानता को पकड़

लिया होऔर हाँ, ये जो बिन्दू मैंने बताये हैं इन्हें मैंने विस्तार से,

तर्क टाइप किया थालेकिन मेरे ही हाथ से पता नहीं क्या दब

गया और सब delete हो गया.........इसलिए ये दोबारा माथा फोड़ी

करनी पड़ी


मैं चाय पी कर वो करता हूँ तब तक आप ये करो.........अगर आपके

जवाब शानदार और सटीक हुए तो तुरन्त इस पूरी वार्ता को एक

पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा



तो आइये,...............तुरन्त अपना योगदान दीजिये........



शेष अगले अंक में,,,


-अलबेला खत्री





10 comments:

श्यामल सुमन November 9, 2009 at 7:56 PM  

तीनों "इन्डिया टी० वी०" पर खूब दिखाई देते हैं।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

एस.के.राय November 9, 2009 at 8:30 PM  

भाई अलबेला जी ..आपने तो तीन समानताओं पर सचमूच भूचाल मचा दिया ,मैंने कल भी पोस्ट देखा था पर तीनों पर विचार आपका ही सुनना अच्छा लगने से आप पर छोड दिया था ताकि तीनों पर डंडा आपका ही चले तो मजा आ जाय ... हुआ भी सठिक ,आपका अनुसन्धानशाला फले फुले और एक ऐसा धमाका तैयार करें ताकि तीनों मेल वालों का इस देश से छुटि्ट भी हो जाए .... हॉलाकि ये तीनों दिखने में तो अविवाहित हैं आगे आप जाने ..........

MANOJ KUMAR November 9, 2009 at 9:19 PM  

kya rajat bhi .... hain?.

Ratan Singh Shekhawat November 9, 2009 at 9:40 PM  

ये तो गजब की समानता है जी इन तीनो में !

महेन्द्र मिश्र November 9, 2009 at 9:56 PM  

रामदेव बाबा और राखी सावंत कम कपडो में काम चलाते है याने की कपडे कम पहिनते है ....ये भी समानता है हा हा

प्रवीण शाह November 9, 2009 at 10:21 PM  

.
.
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सत्य बचन बंधुवर,
दाद देता हूँ आपके साहस को भी... योग्ऋषि के भक्त आते ही होंगे आपको देखने... तैयार हैं आप ???
शुभकामनायें!

वन्दना अवस्थी दुबे November 9, 2009 at 11:10 PM  

वाह!!! बहुत खूब समानताएं.

Dipak 'Mashal' November 9, 2009 at 11:52 PM  

Rajat Sharma ji to aise nahin..

Mohammed Umar Kairanvi November 10, 2009 at 12:06 AM  

बहुत खूब, मजा आगया शायरी में या R नाम वालों के गुणों में यह नहीं बताउंगा, चौथा R आपने बचा लिया, उनकी खीर खटटी है किया? अपने को नया डायलाग मिल गया पराई खीर में चम्‍मच चलाना, बढिया अगली कडी भी पढ ली लेकिन जो मजा इसमें वह उसमें नहीं इसलिये तीसरी इस वज़न की हो तो मजा आये,

SHIVLOK November 10, 2009 at 6:38 PM  

Apkii anusandhanshala bahut unnat aur parishkrit hai. Aap kii isii style ke karan to aap albela ji hain.

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