लगता है लालू प्रसाद यादवजी के दिन भी ठीक नहीं चल रहे हैं,
मेरी तरह वे भी परेशान हैं बेचारे.........
जब तक पंजे की रेखा बने हुए थे , उनकी भाग्य - रेखा, रेखा की तरह
hot थी लेकिन जैसे ही हुशियारी मारी, रेल ऐसी छूटी कि आज कोई TTE
की नौकरी देने के लिए भी तैयार नहीं है ।
और तो और उनकी अपनी भैंसों तक ने दूध देना बन्द कर दिया है ।
कौतुहलवश मैंने पूछा भैंसों से - क्योंरी ! काहे दूध नाहीं देती हो ?
तो बोलीं - जिसे कोई वोट ही नहीं देता , उसे हम दूध क्यों दें ?
लालू यादव की भैंसों ने दूध देना क्यों बन्द किया ?
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AlbelaKhatri.com
Saturday, November 7, 2009
Labels: चुटकुलाबाज़ी










13 comments:
hahahahahahaahaha.............bahut sahi........
भैंसों के दूध न देने का कारण यह है कि उनके इतने लंबे मुख्यमंत्रित्व काल में भी भैंसो की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया !!
"जिसे कोई वोट ही नहीं देता , उसे हम दूध क्यों दें ?"
एक दम सही.
अब यही देखो कि कोड़े को वोट क्या मिले...भैंस तो भैंस, खानों तक ने अंधाधुंध दूध देना शुरू कर दिया था...
मैंने तो सुना है अब लोटा लिये बैलों और सांडों के नीचे खडे रहते हैं ....दूध के इंतजार में
laluji jo kisi ki pakad mein nahi aate........unko aapne pakad liya....wah.......
अब सब चारा तो यही खा जाते है तो बेचारी दूध भी दे तो क्या..कुछ खाएगी तभी तो दूध देगी ना..हा हा हा हा हा
मजेदार अलबेला जी...
टेंशन वाली बात तो है बड़े भाई !!
waqt-waqt ki baat hai...
अजी भेंस भी बदला ले रही है लालु से , सारा चारा तो लालू चर गया, तो भेंस भूखे पेट दुध केसे दे.... अब तो भेंस के पे.... से ही ....
बहुत सुंदर झि धन्यवाद
badhiyaa bhai sahaab. agar unkaa chaaraa khud khaa jayegaa to wo bhee kab tak bardaast karenge ?
हम जो कहना चाहते थे वह तो राज भाटिया जी ने कह दिया। अब क्या कहें।
ये तो बहुत परेसानी हो गईन भई
मज़ेदार
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