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Albela Khatri

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह.............

क्रान्ति की मशाल तुम

वीर बेमिसाल तुम

चोले पे बसन्ती तेरे खून के निशान थे


आज़ादी के सूरज का

पावन प्रकाश तुम

गुलामी के खेमे पर टूटते तूफ़ान थे


जहाँ भी रहोगे वीर,

आज़ाद रहोगे तुम

नित्य ही गुलाब बरसेंगे आसमान से


फाँसी के समय भी बोले

इंक़लाब-ज़िन्दाबाद

देश के शहीद तुम सबसे महान थे

3 comments:

M VERMA July 9, 2009 at 12:51 PM  

बहुत खूब
इंक़लाब-ज़िन्दाबाद

शिवम् मिश्रा July 9, 2009 at 4:35 PM  

इंक़लाब-ज़िन्दाबाद |

ताऊ रामपुरिया July 9, 2009 at 6:27 PM  

बहुत बढिया, शुभकामनाएं.

रामराम.

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