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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

नवासी है तू लैला की तो मैं मजनूं का पोता हूं..............

तू कोयल है

मैं कागा हूं,

तू मैना है

मैं तोता हूं

नवासी है तू लैला की तो मैं मजनूं का पोता हूं


ये बरफ़ी जैसा गोरा तन

सरस रसगुल्ले सा यौवन


ये कतली से कटीले नैन

ये नीले और नशीले नैन


अधर हैं रस से मालामाल

इमरती जैसे लाल-म-लाल


समोसे जैसी तीखी नाक

गला लगता है गाजर पाक


ये केसरबाटी जैसे कान

होंठ का तिल शाही पकवान


ये चमचम जैसा चौड़ा भाल

मलाई बरफ़ी जैसे गाल


जलेबी सी उलझी ज़ुल्फ़ें

ये अमृतभोग सी अलकें


हुस्न तेरा सर से लेकर पांव तक रसवान है

कौन से अब अंग का लूं नाम, सब पकवान है


रूप क्या है, स्वाद का भण्डार है

इसलिए तो मुझको तुमसे प्यार है


तेरी चाहत में

मैं पागल,

न जगता हूं

न सोता हूं

नवासी है तू लैला की तो मैं मजनूं का पोता हूं

6 comments:

Shyam Verma August 19, 2009 at 10:08 AM  

aap apne blog ko thoda clean rakhe to padne mein aasani hogi. jab bhi mein aapke blog pe khuch padhne aata hu, to content se zyada aapke photo milte hai ... isliye mein aapki blog pe aana pasand nahi karata, but aapke content acche hai.

ओम आर्य August 19, 2009 at 10:30 AM  

गुस्ताखी माफ अलबेला भाई जी ........लगता आज आपके उपर किसी हलवाई का भूत सवार हो गया है .........क्योकि पकवान से रसोईया को अलग नही किया जा सकता.........वैसे ही आप जैसे रसोईया है तो महबूबा खालिश पकवान.......वाह वाह वाह वाह वाह
आज तो आपको पढकर सिर्फ मजा ही नही आया वरन पेट भी भर गया.......कमाल है .......लिखते रहे ऐसे ही गुदगुदाते रहे....

रज़िया "राज़" August 19, 2009 at 11:06 AM  

मजेदार ! वाह ! क्या खूब कहा है आपने।

जी.के. अवधिया August 19, 2009 at 11:30 AM  

वाह! वाह!!

आपकी कविता तो है श्रृंगार रस एक गान,
पर साथ ही हैं एक से एक पकवान,
आपने भी क्या जोरदार फरमाया है श्रीमान,
आपकी माशूका है या हलवाई की दुकान! :)

Mithilesh dubey August 19, 2009 at 9:19 PM  

वाह ! बहुत ही सुन्‍दर रचना,

राजीव तनेजा August 19, 2009 at 11:34 PM  

क्या अलबेला जी?....पूरे दो महीने से अपने ऊपर कंट्रोल कर के बैठा था कि कुछ वज़न कर लूँ लेकिन लगता है कि आप फिर से सौ का आँकड़ा पार करवा के रहेंगे..

सुन्दर...मस्त कविता

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tepa & wageshwari award winner the great indian laughter champion -2 fame hindi hasyakavi, lyric writer,music composer, producer, director, actor, t v  artist  & blogger from surat gujarat . more than 6200 live performance world wide in last 27 years
this time i creat an unique video album SHREE HINGULAJ CHALISA for TIKAM MUSIC BANK
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