Albelakhatri.com

Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

यही हमारा हिन्दुस्तान है...अपना प्यारा हिन्दुस्तान है..

मन्दिर में हो रही आरती , मस्जिद में अज़ान है

गुरुद्वारों में शबद गूंजते , चर्च में प्रे परवान है

जिनालयों में णमोकार, अगियारी ज्योतिमान है

बौद्ध मठों में मंगलगान है ........................

यही हमारा हिन्दुस्तान है ........................



काम अगर बच्चे करते हैं, क्यों नहीं करने देते ?

पेट अगर भरते हैं अपना, क्यों नहीं भरने देते ?

निर्धनता की कीचड़ से क्यों नहीं उभरने देते ?

मेहनत से किस्मत संवरे तो क्यों न संवरने देते ?


मेहनत करने वाला बालक ही बनता बलवान है

पैसा पैसा जोड़ के इक दिन बन सकता धनवान है

मेहनत के दम पर कोरिया है, चाईना है, जापान है

मेहनत करना धर्म समान
है ,मेहनत इन्सां की पहचान है

_________________यही हमारा हिदुस्तान है

_______________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है



जनम दिया जिन्होंने तुमको, पाला और पढ़ाया

ख़ुद गीले में जागे, पर सूखे में तुम्हें सुलाया

उनके दूध-औ-खून का कर्ज़ा तुमने ख़ूब चुकाया

उन्हीं के घर से निकाल उनको, वृद्धाश्रम भिजवाया


माता-पिता से बढ़ कर न कोई अल्लाह न भगवान है

माता-पिता ही गीता,बाइबल,श्री गुरुग्रंथ, कुरआन है

अपने माता-पिता का जग में जो करता अपमान है

पूत नहीं है,वो शैतान है, उससे मिलना पाप समान है

_______________यही हमारा हिदुस्तान है

______________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है




मिट्टी,
लकड़ी,गोबर त्यागे, कांक्रीट अपनाया

ऊँचे भवन बनाए, दीवालों पर काँच सजाया

एसी,फ्रिज,गीजर,टीवी,कारों का ढेर लगाया

कार्बन डाई ऑक्साइड का गहरा जाल बिछाया


कर्म किए जैसे हमने, वैसा उनका भुगतान है

शुद्ध पवन के बिना श्वास लेना तो नर्क समान है

वृक्ष है तो ऑक्सीज़न है ऑक्सीज़न हैं तो प्राण है

वृक्ष नहीं तो सब वीरान है,वृक्ष उगाओ वृक्ष महान है

_______________यही हमारा हिदुस्तान है

_____________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है




सरस्वती जैसी कई नदियों का हो चुका सफ़ाया

क्षिप्रा,तापी,चम्बल सबकी सिमट रही है काया

गंगा,यमुना,गोदावरी भी सूख रही है भाया

ज़्यादा दिन तक नहीं रहेगा हम पर इनका साया


जल का संकट गहराया, जल का सीमित परिमाण है

जल का सद उपयोग न सीखे,तो हम सब नादान हैं

जल का दुरउपयोग करे, वह काफ़िर है, बेईमान है

जल जीवन है, जल से जान है,
जल को बचालो, जल भगवान् है

___________________यही हमारा हिदुस्तान है

_______________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है




बाइबिल से झगड़ा करने

गुरुवाणी किस दिन आई ?

किस दिन अगियारी ने

देरासर को आँख दिखाई ?

किस दिन मस्जिद की मीनारें

मन्दिर से टकराई ?

और किस दिन चौपाई ने

आयत के घर आग लगाई ?

________________नानक जीसस महावीर बुद्ध

________________सारे एक समान हैं

________________मैं जिसको कहता हूँ राम

________________वो ही तेरा रहमान है

________________मेरे घर में गीता है और

________________तेरे घर कुरआन है

सब का आदर और सम्मान है

यही हमारा हिन्दुस्तान है .................................

यही हमारा हिन्दुस्तान है ___हाँ हाँ यही हमारा हिन्दुस्तान है

____________________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है

8 comments:

परमजीत बाली August 19, 2009 at 11:58 AM  

बहुत ही बढिया देश को एकता के सूत्र में बाँधने वाली रचना है....बहुत बेहतरीन रचना है ...अलबेला जी बहुत बहुत बधाई।

विनय ‘नज़र’ August 19, 2009 at 12:40 PM  

तेज़ तर्रार रचना
---
ना लाओ ज़माने को तेरे-मेरे बीच

शिवम् मिश्रा August 19, 2009 at 12:46 PM  

"बाइबिल से झगड़ा करने

गुरुवाणी किस दिन आई ?

किस दिन अगियारी ने

देरासर को आँख दिखाई ?

किस दिन मस्जिद की मीनारें

मन्दिर से टकराई ?

और किस दिन चौपाई ने

आयत के घर आग लगाई ?

________________नानक जीसस महावीर बुद्ध

________________सारे एक समान हैं

________________मैं जिसको कहता हूँ राम

________________वो ही तेरा रहमान है

________________मेरे घर में गीता है और

________________तेरे घर कुरआन है

सब का आदर और सम्मान है

यही हमारा हिन्दुस्तान है .................................

यही हमारा हिन्दुस्तान है ___हाँ हाँ यही हमारा हिन्दुस्तान है

____________________अपना प्यारा हिन्दुस्तान है"


वाह ! क्या खूब कहा है आपने।

आप को सभी मैनपुरी वासियों का शत शत नमन |

Anil Pusadkar August 19, 2009 at 12:58 PM  

great

Nirmla Kapila August 19, 2009 at 2:26 PM  

बहुत ही सुन्दर रचना है बहुत बहुत बधाई

रज़िया "राज़" August 19, 2009 at 3:59 PM  

वाह! वाह! वाह!

सुंदर सचोट देशप्रेम की रचना। झूम झूम के गाने को दिल करता है। वाक़इ।

Dr. Sudha Om Dhingra August 19, 2009 at 5:25 PM  

सारे एक समान हैं

वाह... अलबेला जी,
बहुत खूब -----
________________मैं जिसको कहता हूँ राम

________________वो ही तेरा रहमान है

________________मेरे घर में गीता है और

________________तेरे घर कुरआन है
बधाई!

राजीव तनेजा August 19, 2009 at 11:30 PM  

एक से बढकर एक सीख देती सुन्दर और प्रभावपूर्ण रचना

Post a Comment

My Blog List

Google+ Followers

About Me

My photo

tepa & wageshwari award winner the great indian laughter champion -2 fame hindi hasyakavi, lyric writer,music composer, producer, director, actor, t v  artist  & blogger from surat gujarat . more than 6200 live performance world wide in last 27 years
this time i creat an unique video album SHREE HINGULAJ CHALISA for TIKAM MUSIC BANK
WebRep
Overall rating
 
Blog Widget by LinkWithin

Emil Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

Followers

विजेट आपके ब्लॉग पर

Blog Archive