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Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

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Albela Khatri

पास ही है ज़िन्दगी....................

हताश सी है ज़िन्दगी

उदास सी है ज़िन्दगी


ज़िन्दगी में मौत की

तलाश सी है ज़िन्दगी


जाम भी है ज़हर का

गिलास भी है ज़िन्दगी


अनगढे हीरे हैं हम

तराशती है ज़िन्दगी


जिंदा भी लगती नहीं

लाश ही है ज़िन्दगी


दूर क्यों जाते हो तुम

कि पास ही है ज़िन्दगी


7 comments:

ओम आर्य June 24, 2009 at 5:54 PM  

waah bhai mai to kuraban ho gaya...........aapake is rachana pe....

Sheena June 24, 2009 at 6:29 PM  

paas hi hai par phir bhi nazar nahi aati kaisi hai yeh zindagi....
isne hume bahut rulaya bas kisi aur ke sath hai yeh zindagi...

M VERMA June 24, 2009 at 6:53 PM  

जिंदा भी लगती नहीं
न लाश ही है ज़िन्दगी
zindagi kee talash itne khoobsurat andaz me. Wah --

अविनाश वाचस्पति June 24, 2009 at 8:42 PM  

कुछ भी है
जिंदगी तो है
जिंदगी
इसी की करें
हम मन से बंदगी।

Priya June 24, 2009 at 8:44 PM  

aap gazal bhi likhne lage.. achchi hain

स्वप्न मंजूषा शैल 'अदा' June 24, 2009 at 10:33 PM  

ज़िन्दगी में मौत की
तलाश सी है ज़िन्दगी

behtareen !!
jawab nahi !!!

Udan Tashtari June 25, 2009 at 6:27 AM  

क्या बात है, बहुत बेहतरीन!!

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