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Albela Khatri

जहाँ फुल कप मिले न चाय ................

चाहे बरसे नोट ही, चाहे डॉलर आय

लेकिन वहां जाइए, जहाँ फुल कप मिले चाय


________हा हा हा हा हा हा हा ________

6 comments:

श्यामल सुमन June 9, 2009 at 6:37 PM  

भला माँगते आप क्यों इस गर्मी में चाय।
कितना बेहतर हो अगर शर्बत ही आ जाय।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

राज भाटिय़ा June 9, 2009 at 10:20 PM  

चलिये आप को चाय के दो कप पिलायेगे.
धन्यवाद

डॉ.सुभाष भदौरिया. June 9, 2009 at 10:47 PM  

आधी गर दे प्यार से मन प्रसन्न हो जाय.
पूरी दे दुत्कार के ता घर,जाय बलाय.

चाय देत में गोरी को हाथ अगर छू जाय.
आगे की आशा बडे,जनम सफल हुइ जाय.
केम छो खतरी भाई

Nirmla Kapila June 10, 2009 at 12:53 PM  

वाह वाह आपने तो हमे भी अपना प्यारा याद करवा दिया अपने अस्पताल का वार्ड सेवक हम भी उसे पुकारते थे प्यारे एक कप चाय ला दो हा हा हा

sunil June 11, 2009 at 12:46 PM  

kiya bat hai, aapne padte padte chay ki yad diladi.

sunil June 11, 2009 at 12:48 PM  

kiya bat hai, aapne padte padte chay ki yad diladi.

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