Albelakhatri.com

Hindi Hasya kavi Albela Khatri's blog

ताज़ा टिप्पणियां

Albela Khatri

खुद्दारों का पड़ा है अकाल .........................

पूछते हैं आप तो

बताऊंगा ज़रूर बन्धु

आज़ादी के बाद जो है हाल मेरे देश में



वोटरों के पेट पीछे

पिचके चले हैं और

लीडरों के फूले- फले गाल मेरे देश में



नीला नीला गगन भी

लगता सियाह आज

धरा हुई शोणित से लाल मेरे देश में



गद्दारों की भीड़ बढती

ही चली जा रही है

खुद्दारों का पड़ा है अकाल मेरे देश में

7 comments:

अनिल कान्त : June 13, 2009 at 10:02 AM  

waah kya khoob likha hai

satish kundan June 13, 2009 at 10:12 AM  

सबसे पहले अलबेला जी आपका बहुत-बहुत शुक्रिया की आप मेरे ब्लॉग पे आयें और इतना बढिया कमेन्ट किया..आपने चाँद शब्दों में बहुत ही खूबसूरती से अपने देस का हाल बता दिया बधाई!!!!!!!!!

Anil Pusadkar June 13, 2009 at 10:19 AM  

बावज़ूद इसके आप जैसे अच्छे लोगों,
की कमी नही है मेरे देश में।

सुन्दर्।

ताऊ रामपुरिया June 13, 2009 at 11:06 AM  

बहुत सही कहा आपने.

रामराम.

alka sarwat June 13, 2009 at 11:55 AM  

प्रिय बन्धु,
जय हिंद
एहसास काफी सुन्दर है
खुद्दारों की इस देश को वाकई जरूरत है

ARVIND June 13, 2009 at 12:15 PM  

aapki ye rachna padhkar shayad kuchh logo ki nind khul paye

अजय कुमार झा June 13, 2009 at 11:21 PM  

क्या दस्तूर है देश का ..
सेवक समाज का मालामाल,
समाज है कंगाल मेरे देश में...

जो दे रहा है रोटी किसान आज,
उसकी रोटी की किसे है चिंता.
वो आज है बेहाल-बदहाल , मेरे देश में...

कोई बाल श्रम में,
कोई बस्तों के बोझ में...
दबा हुआ हर नौनिहाल मेरे देश में..

इतने मिले, भ्रष्ट. पापी, नेता,
नहीं चढा पर कोई फांसी ..
होता है न कमाल मेरे देश में..

अलबेला जी आपने दुकती रग पर हाथ रख दिया..

Post a Comment

My Blog List

Blog Widget by LinkWithin

Emil Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

Followers

विजेट आपके ब्लॉग पर

Blog Archive